सीकर में कलेक्ट्रेट पर किसान महापड़ाव: रेलवे और एयरपोर्ट प्रोजेक्ट के लिए 4000 बीघा जमीन अधिग्रहण का विरोध
किसानों का आरोप-बेरी-तारपुरा और दादिया इलाके में पहले रेलवे लाइन और अब एयरपोर्ट के नाम पर खेती की जमीन को निशाना बनाया जा रहा है.

Published : May 18, 2026 at 5:02 PM IST
सीकर: जिले के तारपुरा और दादिया क्षेत्र के किसान आजीविका और पुश्तैनी जमीन बचाने को एकजुट हुए और जिला कलेक्ट्रेट पर बेमियादी महापड़ाव शुरू किया. ये किसान प्रस्तावित तारपुरा एयरपोर्ट, नवलगढ़-बेरी-बसावा सीमेंट प्लांट, रेलवे लाइन और जेरठी-दादिया अंडरपास के लिए भूमि अधिग्रहण का विरोध कर रहे हैं. इससे पहले दादिया और तारपुरा के किसानों ने महापंचायत की. इसमें सरकार की भूमि अधिग्रहण नीति पर कड़ा ऐतराज जताया एवं आरपार की लड़ाई का ऐलान किया. ग्रामीणों का आरोप है कि जिला प्रशासन एयरपोर्ट परियोजना के नाम पर दोनों गांवों की करीब 4,000 बीघा बेशकीमती और उपजाऊ कृषि भूमि कौड़ियों के भाव अधिग्रहित करने की तैयारी कर रहा है.
किसान नेता ताराचंद धायल ने कहा कि बेरी-तारपुरा और दादिया इलाके में पहले रेलवे लाइन और अब एयरपोर्ट के नाम पर जमीनों को निशाना बनाया जा रहा है. अगर प्रशासन ने तानाशाहीपूर्ण कदम नहीं रोका तो किसानों के पास खेती और आजीविका के लिए एक इंच जमीन नहीं बचेगी. आंदोलनकारी किसानों ने कहा कि पीढ़ियों से खेती कर रहे परिवार पूरी तरह भूमिहीन और बेरोजगार हो जाएंगे. कलेक्ट्रेट पर भारी पुलिस जाप्ते के बीच किसानों का धरना जारी है. किसान नेताओं ने साफ किया कि उनकी मांगें पूरी होने तथा प्रशासन के लिखित आश्वासन के बिना महापड़ाव खत्म नहीं होगा.
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प्रशासन से किसानों की 4 बड़ी मांगें
- लिखित सहमति अनिवार्य: ग्राम सभा और संबंधित किसानों की बिना लिखित सहमति के किसी प्रकार जमीन का जबरन अधिग्रहण न किया जाए.
- प्रशासन करें सीधा संवाद: एयरपोर्ट और रेलवे लाइन परियोजना को लेकर प्रशासनिक अधिकारी बंद कमरों के बजाय सीधे प्रभावित किसानों के बीच आकर वार्ता करें
- अंडरपास विवाद का समाधान: जेरठी-दादिया अंडरपास की मौजूदा डिजाइन और जगह को लेकर ग्रामीणों की आपत्तियों का तुरंत तकनीकी समाधान किया जाए
- बंजर भूमि का हो सर्वे: सीमेंट प्लांट और रेलवे लाइन के लिए उपजाऊ खेतों को बर्बाद करने के बजाय बंजर भूमि या खेतों के बाहर से गुजरने वाले रास्तों का नया सर्वे कराया जाए.
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