भाकियू का 23 मार्च तक सरकार को अल्टीमेटम, मांगें नहीं मानी तो किसान करेंगे संसद कूच
भाकियू के नेतृत्व में किसानों ने बाढड़ा में प्रदर्शन कर 23 मार्च तक मांगें न मानी तो संसद कूच की चेतावनी दी.

Published : February 9, 2026 at 4:48 PM IST
चरखी दादरी: जिले के बाढड़ा कस्बे में भारतीय किसान यूनियन समेत विभिन्न किसान संगठनों ने एकजुट होकर बड़ा आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है. भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी की अगुवाई में अनाजमंडी में आयोजित बैठक में सैकड़ों किसानों ने हिस्सा लिया. बैठक के बाद किसानों ने प्रदर्शन करते हुए सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा और चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा.
23 मार्च तक का अल्टीमेटम: किसान नेताओं ने केंद्र सरकार को 23 मार्च तक का स्पष्ट अल्टीमेटम दिया है. उन्होंने कहा कि यदि इस अवधि में किसानों की प्रमुख मांगें पूरी नहीं हुईं तो देशभर के किसान संसद कूच करेंगे. यह दिन शहीद-ए-आजम भगत सिंह के शहीदी दिवस के रूप में भी मनाया जाएगा, जिससे आंदोलन को और अधिक मजबूती देने की रणनीति बनाई गई है.
एमएसपी और ट्रेड डील पर नाराजगी: बैठक में किसानों ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को कानूनी गारंटी देने की मांग को प्रमुखता से उठाया गया. इसके अलावा आवारा और पालतू गायों को पेंशन योजना में शामिल करने तथा भारत-अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील पर गहरी चिंता जताई गई. किसान नेताओं का कहना था कि यह ट्रेड डील देश के किसानों के हितों के खिलाफ है और इससे कृषि क्षेत्र को भारी नुकसान हो सकता है.
आर-पार की लड़ाई का ऐलान: भाकियू अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि, "किसानों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. यदि सरकार ने मांगें नहीं मानीं तो किसान आर-पार की लड़ाई लड़ने को मजबूर होंगे. आंदोलन को सफल बनाने के लिए जिला और प्रदेश स्तर पर रणनीति तैयार की जा रही है.
ज्ञापन सौंपकर दी चेतावनी: बैठक के बाद किसानों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते हुए सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा. किसान संगठनों ने दो टूक कहा कि अब केवल आश्वासन नहीं, ठोस फैसले चाहिए. यदि 23 मार्च तक समाधान नहीं हुआ तो देश की राजधानी की ओर कूच कर सरकार को घेरने से पीछे नहीं हटेंगे.

