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कोटपूतली किशनगढ़ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के विरोध में किसानों की बैठक, किसान महापंचायत 114 गांव में चलाएगी जन जागरण अभियान

कोटपूतली-किशनगढ़ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को लेकर कोटपूतली से लेकर किशनगढ़ तक के किसान मुखर हो रहे हैं.

Greenfield Express Way
ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे के विरोध में हुई सभा (ETV Bharat Jaipur)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : September 2, 2026 at 8:14 PM IST

5 Min Read
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जयपुर: कोटपूतली-किशनगढ़ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को निरस्त करने की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन लगातार जारी है. बुधवार को गोविंदगढ़ कस्बे के तातेडा मोड़ के पास कोटपूतली से किशनगढ़ तक के किसान जमा हुए. किसानों ने एकजुट होकर एक्सप्रेसवे परियोजना के निरस्त होने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया. साथ ही सरकार के साथ संवाद की प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाने पर सहमति जताई गई. किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट ने कहा कि एक्सप्रेसवे के विरोध में किसानों का संघर्ष और सरकार के साथ संवाद दोनों साथ-साथ चलेंगे. उन्होंने कहा कि किसानों के हितों से जुड़े मुद्दों को बातचीत के माध्यम से उठाने के साथ आंदोलन को भी मजबूत किया जाएगा. इस दौरान भूतड़ा ग्राम पंचायत के सरपंच गौरीशंकर नेतड़ की अध्यक्षता में सभा आयोजित की गई.

सभा में किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष जाट ने कहा कि एक्सप्रेसवे परियोजना से प्रभावित क्षेत्र के किसानों के बीच लगातार संपर्क और बैठकों का दौर जारी रहेगा. किसानों ने 12 उपखंडों के 114 गांवों में जनजागरण अभियान चलाने का फैसला लिया है. इसके लिए जिला, तहसील और ग्राम स्तर के पदाधिकारियों को सक्रिय रहने की जिम्मेदारी दी गई है. उन्होंने कहा कि किसानों ने आंदोलन को आगे बढ़ाने की तैयारी भी शुरू कर दी है. इसके तहत 15 सितंबर से पहले 1,000 ट्रैक्टरों की सूची तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है. ट्रैक्टरों को आंदोलन में शामिल करने के लिए संबंधित तहसील प्रभारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है.

किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष जाट (ETV Bharat Jaipur)

पढ़ें: कोटपूतली-किशनगढ़ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के विरोध में किसान और सरकार वार्ता , तीसरे चरण के बाद 2 सितंबर को जयपुर कूच का एलान

सरकार ने समिति गठन का दिया आश्वासन: सभा के दौरान जयपुर जिला कलेक्टर संदेश नायक ने ऑनलाइन माध्यम से किसानों से संवाद किया और सरकार की ओर से आश्वासन दिया. उन्होंने बताया कि प्रत्येक संबंधित उपखंड में उपखंड अधिकारी की अध्यक्षता में समिति गठित की जाएगी. समिति में किसानों के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाएगा. कलेक्टर ने कहा कि समिति की रिपोर्ट आने तक एक्सप्रेसवे से संबंधित कार्यवाही स्थगित रहेगी. इसके अलावा आपत्तियां प्रस्तुत करने के लिए निर्धारित समय अवधि की गणना भी समिति की रिपोर्ट आने के बाद शुरू की जाएगी. इस संबंध में सरकार की ओर से आधिकारिक अधिसूचना जारी की जाएगी. इसी सभा में जिला कलेक्टर की ओर से किसानों को सरकार के साथ हुई सहमति और आगे की प्रक्रिया को लेकर आश्वासन दिया गया. हालांकि, किसानों ने साफ किया है कि परियोजना को निरस्त करने की मांग को लेकर उनका संघर्ष समाप्त नहीं हुआ है.

चौथे चरण की वार्ता में बनी थी सहमति: दरअसल, किसानों और सरकार के प्रतिनिधियों के बीच मंगलवार को जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में चौथे चरण की वार्ता हुई थी. यह बैठक 26 अगस्त 2026 को हुई पिछली वार्ता में बनी सहमति की पालना को लेकर आयोजित की गई थी. वार्ता में प्रत्येक उपखंड में किसान प्रतिनिधियों के साथ उपखंड अधिकारी की अध्यक्षता में समिति गठित करने पर सहमति बनी. साथ ही समिति द्वारा सत्यान्वेषण किए जाने तक परियोजना से संबंधित कार्यवाही रोकने का निर्णय लिया गया. इसके अलावा कोटपूतली-बहरोड़, अजमेर और सीकर जिलों में प्रसारित धारा 11 की कार्रवाई से संबंधित निर्धारित समय अवधि की गणना समिति की रिपोर्ट आने के बाद शुरू करने के संबंध में अधिसूचना जारी करने पर भी सहमति बनी.

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सभा को संबोधित करते वक्ता (ETV Bharat Jaipur)

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समिति करेगी परियोजना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच: सरकार और किसानों के बीच बनी सहमति के तहत गठित होने वाली समितियां परियोजना से जुड़े विभिन्न पहलुओं का मौके पर जाकर आकलन करेंगी. समिति को परियोजना के लिए न्यूनतम आवश्यक भूमि की जरूरत का आकलन करने की जिम्मेदारी दी गई है. इसके अलावा गांवों और खेतों के बीच आवागमन के रास्ते, संपर्क मार्ग, परियोजना क्षेत्र में आने वाले मोड़, गति नियंत्रण की व्यवस्था और संभावित दुर्घटनाओं की स्थिति का भी अध्ययन किया जाएगा. समानांतर रेल और सड़क मार्ग, वृक्षारोपण तथा हरित क्षेत्र से जुड़े पहलुओं का भी सत्यान्वेषण किया जाएगा.

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इन्होंने भी सभा को किया संबोधित: बुधवार को हुई सभा को किसान महापंचायत के प्रदेश अध्यक्ष मुसद्दीलाल यादव, उपाध्यक्ष गोपीराम डबास, आयोजन समिति के संयोजक एवं प्रदेश महामंत्री सुंदरलाल भावरिया, प्रदेश संगठन मंत्री गोवर्धन तेतरवाल, प्रदेश मंत्री बत्तीलाल बैरवा और ज्ञानचंद मीणा सहित कई किसान नेताओं ने संबोधित किया. किसान महापंचायत के प्रदेश मीडिया प्रभारी सुरेश बिजारनिया ने भी सभा को संबोधित किया. किसानों ने कहा कि सरकार के साथ बातचीत और समिति की प्रक्रिया पर नजर रखते हुए गांव-गांव संपर्क अभियान जारी रखा जाएगा. साथ ही यदि उनकी मांगों पर संतोषजनक समाधान नहीं निकलता है तो आंदोलन को आगे और तेज करने की रणनीति भी तैयार रखी जाएगी.