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साहिबगंज में बेमौसम बारिश से किसान परेशान, खेतों में लगी फसल होने लगे बर्बाद

साहिबगंज में बेमौसम बारिश से किसानों का काफी नुकसान हुआ है.

Unseasonal Rain in Sahibganj
बारिश के कारण खेत में बर्बाद हुई फसल. (फोटो-ईटीवी भारत)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : May 6, 2026 at 2:03 PM IST

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साहिबगंज: इस बार मई माह के मात्र पांच दिनों में ही 74 प्रतिशत बारिश हो गई है. मई में सामान्य 75 एमएम बारिश होती है. इस बार पिछले पांच दिनों में ही अब तक औसतन 55.50 एमएम बारिश हो चुकी है. बेमौसम बारिश से किसान परेशान हैं. कई किसानों की गेहूं की फसल अब तक खेत में पड़ी हुई है.

मई माह की पहली तारीख को साहिबगंज में 13 एमएम बारिश हुई, दो मई को जिले में औसतन 25.26 एमएम बारिश हुई, पांच मई को सुबह 11 बजे तक 28.58 एमएम बारिश हुई. बुधवार को भी आंधी-पानी के साथ बारिश जारी है.

जिला कृषि पदाधिकारी प्रमोद एक्का का बयान. (वीडियो-ईटीवी भारत)

खेतों में ही बर्बाद हो रही फसल

बेमौसम बारिश से मौसम तो सुहाना हो गया है, लेकिन किसानों के लिए यह बारिश काफी पीड़ादायक साबित हो रही है. दियारा क्षेत्र में अभी खेतों में ही गेहूं और मक्का की फसल लगी है. पर्याप्त मजदूर नहीं मिलने की वजह से अभी तक रबी फसल की कटाई नहीं हो सकी है और बारिश के कारण खेतों में ही फसल बर्बाद हो रही है.

Unseasonal Rain in Sahibganj
बारिश के कारण खेत में बर्बाद हुई फसल. (फोटो-ईटीवी भारत)

किसानों की पीड़ा

इस संबंध में किसान लीडर यादव, सुदर्शन यादव, बुधन यादव, मनोज, कुंदन, राहुल सहित दर्जनों किसानों का कहना है कि इस बार रबी फसल कटनी का जैसे समय आया बारिश होने लगी. इस कारण किसानों को काफी क्षति हुई है. हालांकि, जिला परिषद उपाध्यक्ष की पहल पर जिला कृषि विभाग ने संज्ञान लिया है. सभी प्रखंड के अंचलाधिकारी को पत्र लिखकर वर्षापात, तूफान से हुई फसल क्षति की रिपोर्ट मांगी गई है.

Unseasonal Rain in Sahibganj
साहिबगंज में बेमौसम बारिश. (फोटो-ईटीवी भारत)

20 मई से खरीफ के बीज मिलने का अनुमान

जिला कृषि विभाग और सहकारिता विभाग संयुक्त रूप से खरीफ फसल की तैयारी में जुट चुका है. चूंकि झारखंड में मानसून सबसे पहले साहिबगंज में प्रवेश करता है. रोहणी नक्षत्र में किसान खेती करना अधिक पसंद करते हैं. एक जून को केरल में मानसून प्रवेश करने का अनुमान है. यानी समय पर मानसून केरल आया तो साहिबगंज में 15 से 17 जून तक मानसून आने की संभावना है.

ऐसे में जिला कृषि पदाधिकारी प्रमोद एक्का ने विभाग से धान, अरहर, मूंग, उड़द, मक्का, रागी के बीज की मांग की है. विभाग ने डिमांड के तौर पर धान का एमटीयू प्रभेद का पांच हजार क्विंटल, अरहर 750 क्विंटल, मूंग 500 क्विंटल, उड़द 500, मक्का 300, रागी 333 क्विंटल की मांग की है. जिला कृषि पदाधिकारी प्रमोद एक्का ने बताया कि बीज की डिमांड की गई है. बीज मिलने के बाद 20 मई से लैम्पस और पैक्स के माध्यम से वितरण किया जाएगा.

क्या कहा जिला कृषि पदाधिकारी ने

जिला कृषि पदाधिकारी प्रमोद एक्का ने कहा कि जिले में मई माह में औसत से अधिक वर्षा हुई है. जिले में बहुत स्थानों पर अभी गेहूं और मक्का की फसल नहीं कटी है, लेकिन एक जून को केरल में मानसून पहुंचने का अनुमान है. साहिबगंज में मानसून 15 जून तक पहुंचने का अनुमान है. खरीफ सीजन को देखते हुए बीज की डिमांड विभाग को भेज दी गई है. बीज समय पर मिलता है तो 20 मई से लैम्पस,पैक्स से 50 फीसदी अनुदान पर किसानों के बीच वितरण किया जाएगा.

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