ETV Bharat / state

देश भर के किसानों को मिली सरसों की गोवर्धन प्रजाति, बढ़ेगी अन्नदाताओं की इनकम

वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. महक सिंह ने बताया, गोवर्धन प्रजाति पूरी तरह से कीटमुक्त है. यह 120 से 125 दिनों में तैयार हो जाएगी.

Govardhan variety of mustard
वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. महक सिंह ने जानकारी दी. (Photo Credit: ETV Bharat)
author img

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : January 3, 2026 at 10:40 PM IST

|

Updated : January 3, 2026 at 11:02 PM IST

3 Min Read
Choose ETV Bharat

कानपुर: सरसों की खेती करने वाले किसानों के लिए कानपुर के चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विवि (सीएसए विवि) से राहत भरी खबर सामने आई है. वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. महक सिंह ने कहा कि साल 2023-24 में सीएसए विवि में सरसों की गोवर्धन प्रजाति (केएमआरएल 17-5) को विकसित किया गया था. इस पर अब केंद्रीय बीज समिति ने अपनी मुहर लगा दी. केंद्र सरकार की ओर से इसका गजट भी जारी कर दिया गया.

कीटमुक्त, उपज 7.81 प्रतिशत अधिक होगी: डॉ. महक सिंह ने बताया, ये प्रजाति देशभर के किसान अपने खेतों में उगा सकेंगे और अभी तक मौजूद सरसों की अन्य प्रजातियों से इसकी उपज 7.81 प्रतिशत अधिक होगी. इससे साफ है कि गोवर्धन की खेती करने वाले किसानों की आय में इजाफा होगा.

18 से 20 क्विटंल प्रति हेक्टेयर तक उत्पादन: वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. महक सिंह ने बताया, गोवर्धन प्रजाति पूरी तरह से कीटमुक्त है. यह 120 से 125 दिनों में पक कर तैयार हो जाएगी. वहीं, इसका उत्पादन 18 से 20 क्विंटल प्रति हेक्टेयर रहेगा. उन्होंने कहा, इस वैरायटी की सबसे खास बात है इसे किसान देरी से यानी 20 से 30 नवंबर तक भी बो सकते हैं. बावजूद इसके उनके खेत आगामी चार माह में सरसों से लहलहाते दिखेंगे.

सभी तरह की जलवायु के लिए ठीक: कृषि वैज्ञानिक ने बताया, यह प्रजाति सभी तरह की जलवायु के लिए ठीक है. इसमें कुल तेल प्रतिशत 39.6 तक रहेगा. वहीं, सीएसए के मीडिया प्रभारी डॉ. खलील खान ने कहा, कृषि नवाचार को बढ़ावा देने, फसल उत्पादकता बढ़ाने, खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और तिलहन मिशन की सफलता में यह गोवर्धन प्रजाति बेहद निर्णायक साबित होगी.

केवीके, कृषि संस्थानों से किसान ले सकेंगे बीज: वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक व सीएसए विवि के सरसों अभिजनक डॉ. महक सिंह ने बताया कि गोवर्धन प्रजाति के बीज किसानों को देशभर के कृषि विज्ञान केंद्रों, कृषक उत्पादक संगठनों, कृषि संस्थानों से मिल सकेंगे. इसके अलावा यूपी और अन्य राज्यों के किसान बीज के लिए सीएसए विवि के बीज भंडार केंद्र से भी संपर्क कर सकते हैं.

कुछ दिनों पहले आजाद गौरव को किया गया विमोचित: सीएसए को शोध निदेशक डॉ.आरके यादव ने बताया कुछ दिनों पहले ही सीएसए विवि के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. महक सिंह की ओर से तैयार की गई सरसों की आजाद गौरव प्रजाति को राज्य बीज समिति की ओर से विमोचित किया गया था.

अब, उनकी गोवर्धन प्रजाति को पूरे देश में खेती के लिए उपयुक्त करार दिया गया है. विवि के सभी प्रोफेसर्स ने उन्हें उनकी इस उपलब्धि पर बधाई दी है. साथ ही सीएसए विवि के कुलपति के विजयेंद्र पांडियन ने भी डॉ. महक सिंह की उपलब्धि को सराहा है.

यह भी पढ़ें- यूपी के 45 पैरा एथलीटों का प्रेरणादायी सफर; मेरठ के कैलाश स्टेडियम में ले रहे ट्रेनिंग, बोले- ओलंपिक है लक्ष्य, देश के लिये लाना है मेडल

Last Updated : January 3, 2026 at 11:02 PM IST