हांसी चानौत जल विवाद: गांव को शहरी पाइपलाइन से पानी देने की उठी मांग, किसानों का सरकार को अल्टीमेटम
हांसी में किसान यूनियन ने चानौत गांव को शहरी पाइपलाइन से पेयजल देने की मांग उठाई. साथ ही 6 जुलाई को आंदोलन की चेतावनी दी.

Published : July 3, 2026 at 1:50 PM IST
हांसी: हांसी में भारतीय किसान यूनियन के नेताओं ने चानौत गांव को शहरी पाइपलाइन से टी के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराने की मांग को लेकर उपायुक्त के माध्यम से सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा. यह अभियान हरियाणा के सभी 23 जिलों में एक साथ चलाया गया, जहां किसान नेताओं ने संबंधित उपायुक्तों को ज्ञापन देकर अपनी मांग सरकार तक पहुंचाई. किसानों का कहना है कि चानौत गांव को जल्द से जल्द शहरी पाइपलाइन से जोड़कर नियमित पेयजल उपलब्ध कराया जाए.
"शहरी पाइपलाइन से टी के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराई जाए": मामले में भारतीय किसान यूनियन के नेता धर्मपाल बड़ाला ने कहा कि, "हमारी केवल एक ही मांग है कि चानौत गांव को शहरी पाइपलाइन से टी के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराई जाए. भाजपा सरकार के कार्यकाल में पाइपलाइन पर टी लगाई गई थी, लेकिन बाद में हांसी के विधायक विनोद भयाना के कहने पर उसे हटवा दिया गया. यदि सरकार ने हमारी मांग पूरी नहीं की तो किसान आंदोलन को और तेज करेंगे. किसान अपने अधिकारों के लिए पीछे हटने वाले नहीं हैं."
6 जुलाई को होगी बड़ी बैठक: वहीं, किसान नेता विकास सीसर ने कहा कि, "आज सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा गया है. 6 जुलाई को चानौत गांव में एक बड़ी बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें आंदोलन की आगामी रणनीति तय की जाएगी और आगे के बड़े फैसले लिए जाएंगे. बैठक में क्षेत्र के किसान बड़ी संख्या में शामिल होंगे और आंदोलन को लेकर सर्वसम्मति से निर्णय लिया जाएगा."
सरकार को दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी: किसान नेताओं ने दोहराया कि उनकी मांग केवल चानौत गांव को दोबारा शहरी पाइपलाइन से टी के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने की है. नेताओं ने आरोप लगाया कि पहले पाइपलाइन की व्यवस्था मौजूद थी, जिसे बाद में हटवा दिया गया. उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो किसान आंदोलन को और तेज किया जाएगा. हम अपनी मांग पूरी होने तक संघर्ष जारी रखेंगे. किसानों ने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी मांग पर गंभीरता से विचार करेगी और गांव के लोगों को पेयजल समस्या से राहत दिलाएगी.

