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सिस्टम की लापरवाही पर हौसला भारी, डीजल पंपिंग सेट से बंजर जमीन को बना दिया हरा भरा

देवघर में सिस्टम की लापरवाही के बावजूद किसान ने डीजल पंप के सहारे बंजर जमीन में खेती कर फसल उगाकर हरा भरा बना दिया.

FARMING ON BARREN LAND IN DEOGHAR
डीजल पंप की सहारे बंजर जमीन पर लाई हरियाली (ईटीवी भारत)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : December 27, 2025 at 3:00 PM IST

3 Min Read
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देवघर: जिले के सारठ प्रखंड से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो एक ओर सिस्टम की कमी को उजागर करती है, वहीं दूसरी ओर जज्बे और मेहनत की ताकत दिखाती है. जिन खेतों तक आज भी बिजली नहीं पहुंची, वहीं एक किसान ने बंजर जमीन को हरा भरा बनाकर मिसाल कायम कर दी है. यह कहानी है बरमसिया गांव के किसान संजीव झा की.

खंभे की आभाव से खेत तक नहीं पहुंची बिजली

सारठ प्रखंड के बरमसिया पुजहर खोनदा टोला स्थित संजीव झा की खेत तक अब भी बिजली के खंभे नहीं लगाए गए हैं. सिंचाई के लिए उन्हें मजबूरी में डीजल पंप सेट का सहारा लेना पड़ रहा है. इसके बावजूद संजीव झा ने बिरसा मुंडा आम बागवानी के साथ-साथ सरसों और विभिन्न हरी सब्जियों की सफल खेती कर दिखाई है.

संवाददाता हितेश कुमार चौधरी की रिपोर्ट (ईटीवी भारत)

महंगे डीजल से खेती में बढ़ी लागत

महंगे डीजल के कारण सिंचाई की लागत लगातार बढ़ रही है, जिससे खेती आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण बनती जा रही है. किसान संजीव झा का कहना है कि अगर खेतों तक बिजली पहुंच जाए और मोटर से सिंचाई संभव हो, तो खेती की लागत कम होगी और उत्पादन भी बढ़ेगा. संजीव झा ने बिजली विभाग से आग्रह करते हुए खेतों तक कम से कम पांच बिजली पोल लगाने की मांग की है.

FARMING ON BARREN LAND IN DEOGHAR
बंजर जमीन पर उगाई सब्जियां (ईटीवी भारत)
किसान संजीव झा ने कहा कि विभाग उनकी मांग पर सकारात्मक कदम उठाता है, तो इसका लाभ सिर्फ एक किसान को नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के किसानों को मिलेगा. इससे इलाके में आधुनिक और किफायती खेती को बढ़ावा मिलेगा. किसान संजीव झा ने कहा कि 'बिजली नहीं होने की वजह से डीजल पंप से सिंचाई करनी पड़ रही है, जिससे खर्च काफी बढ़ जाता है. अगर खेतों तक बिजली पहुंच जाए, तो खेती आसान होगी और दूसरे किसान भी आगे आएंगे'.

अधिकारी से नहीं मिला संतुष्ट जवाब

किसान संजीव झा की परेशानी को लेकर ईटीवी भारत की टीम ने जिला उद्यान पदाधिकारी यशराज कुमार से बात की. उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से ऐसे किसानों के लिए कई योजनाएं हैं. जैसे पीएम कुसुम योजना और किसान समृद्धि योजना. जिससे किसान अपने खेतों में सिंचाई की सुविधा ले सकते हैं. जिला उद्यान पदाधिकारी ने बताया कि उनके तरफ से संजीव झा को यह सुझाव दिया जाएगा कि वह स्थानीय प्रखंड कृषि पदाधिकारी से संपर्क करें. ताकि उन्हें सरकार की योजनाओं के बारे में जानकारी मिल सकें.

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