फिरोजाबाद में ‘फार्मर रजिस्ट्री स्पेशल ड्राइव‘ का होगा आयोजन; 291 गांवों पर रहेगा विशेष फोकस, लापरवाही करने वालों पर होगा एक्शन
डीएम ने बताया कि 3,03,341 के सापेक्ष अब तक 2,56,797 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री बनाई जा चुकी है.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : July 7, 2026 at 10:04 PM IST
फिरोजाबाद : यूपी में किसानों की डिजिटल पहचान तैयार करने के लिये फार्मर रजिस्ट्री अभियान चलाया जा रहा है. इसको लेकर प्रशासन ने ‘फार्मर रजिस्ट्री स्पेशल ड्राइव‘ का आयोजन करने का निर्णय लिया है. विशेष अभियान के अंतर्गत प्रत्येक गुरुवार को प्रातः 07 बजे से सायं 06 बजे तक ग्राम सचिवालयों अथवा जनसुलभ सार्वजनिक स्थलों पर कैंप लगाए जाएंगे.
जारी विज्ञप्ति के मुताबिक, जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार जनपद में कृषकों की भूमि को एक स्थान पर संकलित करने तथा उनके भू-अधिकारों के अभिलेखीकरण के उद्देश्य से ‘फार्मर रजिस्ट्री‘ तैयार करने का कार्य शीर्ष प्राथमिकता पर किया जा रहा है. उन्होंने कड़े निर्देश जारी करते हुए कहा है कि वर्तमान खरीफ सीजन में कृषकों को उर्वरक, बीज, पीएम किसान सम्मान निधि आदि शासकीय योजनाओं का निर्बाध लाभ सुनिश्चित करने के लिए सभी किसानों की फार्मर रजिस्ट्री होना अनिवार्य है.
जिलाधिकारी ने प्रगति की समीक्षा करते हुए बताया कि जनपद के कुल निर्धारित लक्ष्य 3,03,341 के सापेक्ष अब तक 2,56,797 (85 प्रतिशत) किसानों की फार्मर रजिस्ट्री बनाई जा चुकी है. जनपद में अभी भी एक बड़ी संख्या में 46 हजार 644 किसान इस प्रक्रिया से आच्छादित नहीं हुए हैं, जिसे देखते हुए शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति के लिए प्रत्येक गुरुवार को ‘फार्मर रजिस्ट्री स्पेशल ड्राइव‘ का आयोजन करने का निर्णय लिया गया है.
उन्होंने बताया कि विशेष अभियान के अंतर्गत प्रत्येक गुरुवार को प्रातः 07 बजे से सायं 06 बजे तक ग्राम सचिवालयों अथवा जनसुलभ सार्वजनिक स्थलों पर कैंप लगाए जाएंगे. कैंपों में सुचारू रूप से ऑनलाइन कार्य निष्पादन के लिये बिजली, इंटरनेट, कुर्सी-मेज आदि की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश जिला पंचायत राज अधिकारी एवं संबंधित खंड विकास अधिकारियों को दिए गए हैं.
उन्होंने बताया कि समस्त कार्मिकों व अधिकारियों को कैंप में प्रतिदिन न्यूनतम 50 फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य रूप से करने के निर्देश दिए गए हैं. लापरवाही बरतने वाले या शिथिलता दिखाने वाले कर्मचारियों के कार्य क्षेत्र में जिलाधिकारी की सहमति से बदलाव व अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. फार्मर रजिस्ट्री कराने के लिये सभी उप जिलाधिकारियों को तहसील स्तरीय नोडल अधिकारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को सुपर नोडल अधिकारी नामित किया गया है.
उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत स्तर पर लेखपाल, ग्राम सचिव, तकनीकी सहायक (ग्रुप-सी), ब्लॉक टेक्नोलॉजी मेनेजर (बी.टी.एम.) एवं असिस्टेंट टेक्नोलॉजी मेनेजर (ए.टी.एम) द्वारा ग्राम नोडल अधिकारी के रूप में कैंप लगाकर समस्त भूमि मालिकों की रजिस्ट्री की जाएगी. जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद के ऐसे 291 गांवों को चिन्हित किया गया है, जहां फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति अत्यंत न्यूनतम है. इन गांवों में विशेष कैंप लगाकर खतौनी सही करने, नेम मैच स्कोर और अंश निर्धारण की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जाएगा. इस कार्य में ग्राम प्रधानों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों व अन्य जनप्रतिनिधियों का भी सहयोग लिया जाएगा.
जिलाधिकारी के मुताबिक, इस विशेष अभियान के दौरान केवल फार्मर रजिस्ट्री ही नहीं, बल्कि शिविर में आने वाले समस्त ग्रामवासियों की फैमिली आईडी तथा आयुष्मान कार्ड भी तैयार किए जाएंगे. फैमिली आईडी के कार्य का पर्यवेक्षण संबंधित खंड विकास अधिकारी तथा आयुष्मान कार्ड का पर्यवेक्षण मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा किया जाएगा. जिलाधिकारी ने जनपद के समस्त अवशेष कृषकों से अपील की है कि वे गुरुवार को आयोजित होने वाले विशेष शिविरों में पहुचकर अपनी फार्मर रजिस्ट्री अवश्य कराएं, ताकि उन्हें कृषि निवेशों और अन्य योजनाओं का लाभ समय प्राप्त हो सके.

