टोकन नहीं मिलने और लिमिट बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन, रायपुर जिले के धान खरीदी केंद्र में की तालाबंदी
लिमिट बढ़ाने की मांग को लेकर कांग्रेस नेता समेत कई कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया. उन्होंने टोकन नहीं मिलने की भी बात कही.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : December 31, 2025 at 4:41 PM IST
रायपुर. जिले के तिल्दा क्षेत्र में धान खरीदी को लेकर किसानों का गुस्सा फूट पड़ा है. टोकन नहीं कटने और धान खरीदी की लिमिट नहीं बढ़ाए जाने के विरोध में किसानों ने खौना स्थित धान खरीदी केंद्र में तालाबंदी कर दी. किसानों के इस आंदोलन में कांग्रेस के पूर्व रायपुर ग्रामीण जिला अध्यक्ष उद्यो वर्मा सहित कांग्रेस नेता धरने पर बैठ गए हैं.
सिर्फ 30 प्रतिशत खरीदी: तिल्दा के खौना धान खरीदी केंद्र में बड़ी संख्या में किसान एकत्रित होकर प्रदर्शन कर रहे हैं. किसानों का आरोप है कि धान खरीदी के लिए अब तक टोकन नहीं कटे हैं, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. किसानों का कहना है कि खरीदी अवधि के केवल 20 दिन ही शेष बचे हैं, जबकि अब तक खौना सोसाइटी में महज 30 प्रतिशत धान की ही खरीदी हो पाई है.
सरकार पर किसानों को परेशान करने का आरोप: कांग्रेस के पूर्व रायपुर ग्रामीण जिला अध्यक्ष उद्यो वर्मा ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार शुरू से ही किसानों को परेशान कर रही है. उन्होंने कहा कि पहले खाद और बीज के लिए किसानों को भटकाया गया, फिर एग्री स्टैक के नाम पर परेशानी खड़ी की गई और अब धान खरीदी की लिमिट नहीं बढ़ाकर किसानों को संकट में डाला जा रहा है.
खौना खरीदी केंद्र से जुड़े आसपास के कई गांवों के किसान आज यहां मौजूद हैं और सभी की मांग जायज है. किसानों को समय पर टोकन दिया जाए और धान खरीदी की लिमिट तत्काल बढ़ाई जाए, ताकि किसान यह सुनिश्चित कर सकें कि उनका धान बिक पाएगा.- उद्यो वर्मा, कांग्रेस नेता
मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन तेज होगा: उद्यो वर्मा ने कहा कि किसानों के बढ़ते आक्रोश के कारण ही आज खौना धान खरीदी केंद्र में तालाबंदी की गई है. कांग्रेस किसानों की इन जायज मांगों के समर्थन में खड़ी है.उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आज के आंदोलन के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो आगे भी आंदोलन जारी रहेगा.

भंडारित धान के परिवहन की भी मांग: धरने के दौरान यह भी मांग उठाई गई कि खरीदी केंद्र में पहले से बड़ी मात्रा में भंडारित धान का जल्द से जल्द परिवहन सुनिश्चित किया जाए, ताकि खरीदी प्रक्रिया बाधित न हो. किसानों ने सरकार से अपील की है कि उन्हें परेशान करना बंद किया जाए और तत्काल टोकन जारी कर खरीदी की लिमिट बढ़ाई जाए.

