कानपुर में फूल तोड़ रहे किसान पर जंगली जानवर का हमला; गर्दन, चेहरे और हाथ पर चोट
घटना के बाद तत्काल घायल किसान को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इसका इलाज किया जा रहा है.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : June 3, 2026 at 12:01 PM IST
कानपुर: महाराजपुर थाना क्षेत्र के बैजाखेड़ा गांव में बुधवार सुबह खेत में फूल तोड़ रहे किसान पर जंगली जानवर ने हमला कर दिया. अचानक हुए जानलेवा हमले में 55 वर्षीय किसान को गंभीर चोटें आई हैं. उसके गर्दन, चेहरे और हाथों पर चोट लगी है.
घटना के बाद तत्काल घायल किसान को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इसका इलाज किया जा रहा है. वहीं, जंगली जानवर के हमले की खबर मिलते ही आसपास के एरिया में दहशत फैल गई है.
जानकारी के मुताबिक, घटना महाराजपुर के गंगा किनारे बसे बैजाखेड़ा गांव की है. गांव के रहने वाले सुरेंद्र पासवान बुधवार सुबह करीब 5 बजे अपने परिवार के साथ गुलाब के खेत में फूल तोड़ने गए थे. उनके साथ उनकी पत्नी मनीषा, बेटा सनी, भाई वीरेंद्र और भाभी रेनू भी खेत में ही कुछ दूरी पर काम कर रहे थे.
इसी दौरान खेत में पहले से ही घात लगाकर छिपकर बैठे जंगली जानवर ने पीछे से अचानक सुरेंद्र पर हमला कर दिया. उसकी गर्दन और चेहरे को अपने जबड़े में दबोच लिया.
अचानक हुए हमले से बदहवास सुरेंद्र ने शोर मचाना शुरू किया और मदद के लिए चिल्लाए. उनकी आवाज सुनकर खेत में ही मौजूद उनके परिजन और अन्य लोग तुरंत लाठी-डंडा लेकर उनकी तरफ दौड़े.
खुद की ओर भारी भीड़ को आता देख हमलावर जंगली जानवर सुरेंद्र को लहूलुहान हालत में छोड़कर तुरंत पास के जंगल की तरफ भाग निकला. परिजनों की सूझबूझ की वजह से किसान की जान बच सकी. गंभीर रूप से घायल सुरेंद्र को परिजन तुरंत नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरसौल लेकर पहुंचे.
वहां डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए और प्राथमिक उपचार करने के बाद बेहतर इलाज के लिए उन्हें कानपुर के एलएलआर अस्पताल रेफर कर दिया है.
घायल किसान के भाई वीरेंद्र ने बताया कि हमला करने वाला जंगली जानवर हुलिए और फुर्ती से लकड़बग्घा जैसा था. घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और वन विभाग को सूचित किया गया.
महाराजपुर थाना प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि जंगली जानवर के हमले में किसान के घायल हुए हैं. उनका अस्पताल में उपचार कराया जा रहा है. वहीं, वन क्षेत्राधिकारी राकेश कुमार पांडेय ने बताया कि जानवर ने किसान की गर्दन, चेहरे और हाथों पर गहरे घाव किए हैं.
फिलहाल, घायल की स्थिति खतरे से बाहर बताई गई है. वन क्षेत्राधिकारी का कहना है कि वन विभाग के नियमों के तहत पीड़ित परिवार को जो भी हरसंभव आर्थिक मदद और मुआवजा मिल सकता है, वह जल्द से जल्द प्रदान किया जाएगा.
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