"7000 बीघे जमीन गई है हमारी..."; किसान नेता की मांग, बोले- बिना शर्त वापस लिया जाए मुकदमा
प्रदर्शन का नेतृत्व भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष सुंदर बालियान कर रहे थे.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : May 6, 2026 at 9:50 PM IST
|Updated : May 6, 2026 at 10:17 PM IST
अलीगढ़ : जिले के टप्पल क्षेत्र में बुधवार को किसानों का गुस्सा एक बार फिर सड़क पर नजर आया. जेवर टोल प्लाजा को लेकर किसान नेताओं ने धरना-प्रदर्शन करते हुए रैली निकाली. इस दौरान टप्पल इंटरचेंज से लेकर कस्बे तक किसानों की लंबी कतारें दिखाई दीं. स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने भारी पुलिस बल तैनात कर दिया और पूरे इलाके में सतर्कता बढ़ा दी गई.
प्रदर्शन का नेतृत्व भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष सुंदर बालियान कर रहे थे. उन्होंने कहा कि यमुना एक्सप्रेस-वे और टोल प्लाजा किसानों की ही जमीन पर बने हैं, लेकिन उन्हीं किसानों को वहां से गुजरने के लिए टोल देना पड़ रहा है, जो पूरी तरह अन्यायपूर्ण है. उनका कहना था कि करीब 7 हजार बीघा जमीन किसानों की इस परियोजना में गई है और टप्पल ब्लॉक की लगभग 1800 करोड़ रुपये की जमीन इसमें शामिल है.
किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि वर्ष 2016 से लगातार उन्हें गुमराह किया जा रहा है. कई बार बातचीत के बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं निकला. किसानों का आरोप है कि जब वे अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से जेवर टोल प्लाजा पहुंचे, तो उन पर झूठे मुकदमे दर्ज कर दिए गए. इस कार्रवाई से किसानों में आक्रोश और बढ़ गया है.
राष्ट्रीय किसान यूनियन के अध्यक्ष राकेश कुमार अत्री ने बताया कि जब किसान टोल फ्री की मांग को लेकर एकत्र हुए, तो मेरे खिलाफ और 60-70 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया. उन्होंने कहा कि किसान सिर्फ अपने अधिकारों की बात कर रहे थे और बातचीत के लिए गए थे, लेकिन प्रशासन ने उनकी आवाज दबाने की कोशिश की.
प्रदर्शन कर रहे किसानों की मुख्य मांग है कि दर्ज किए गए सभी मुकदमे बिना शर्त वापस लिए जाएं और स्थानीय किसानों को टोल से छूट दी जाए. साथ ही उन्होंने सांसद और विधायक से भी अपील की कि वे मौके पर आकर किसानों की समस्याएं सुनें और समाधान निकालें. वहीं, किसान नेता रमेश अत्री ने बताया कि अगला प्रदर्शन हमारा जेवर टोल प्लाजा पर होगा, जहां भारी संख्या में किसान मांगों को लेकर प्रदर्शन करेंगे.
पुलिस क्षेत्रधिकारी संजीव तोमर ने बताया कि किसानों की रैली के दौरान पुलिस साथ रही थी और कहीं भी जाम नहीं लगने दिया गया. किसान शांतिपूर्वक रहे और वापस लौट गए.

