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किसान भाई जल्दी कर लें ये काम नहीं तो रुक सकती है 'प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि'..9 जनवरी तक है समय

फार्मर आईडी कार्ड बनाने के लिए मसौढ़ी में तेजी से काम चल रहा है. प्रतिदिन 4 पंचायतों में कैंप लगाकर इसे पूरा किया जाएगा-

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फार्मर आईडी कार्ड पर अपडेट देते अधिकारी (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : January 7, 2026 at 2:32 PM IST

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पटना : सरकार ने किसानों के हित में एक अहम कदम उठाया है. कृषि विभाग और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग मिलकर अब हर किसान को एक अलग डिजिटल पहचान देने जा रहे हैं. इस डिजिटल पहचान को फार्मर रजिस्ट्री आईडी नाम दिया गया है. सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर और सीधे मिल सकेगा. ऐसे में मंगलवार से मसौढी प्रखंड के चार पंचायत में पहले दिन कैंप का आयोजन किया गया.

किसानों का बन रहा डिजिटल आईडी कार्ड : मसौढ़ी के निशियावां में तकरीबन 120 किसानों का आईडी केवाईसी की गई है. मौके पर किसान कोऑर्डिनेटर रविकांत प्रसाद, किसान सलाहकार लक्ष्मी कुमारी,मुखिया चंदन भारती आदि शामिल रहे. यह 9 जनवरी तक प्रत्येक दिन चार पंचायत में किया जायेगा. इन दिनों में पंचायत स्तर पर कैंप लगाकर किसानों का रजिस्ट्रेशन और ई-केवाइसी कराई जाएगी.

देखें वीडियो- (ETV Bharat)

''मसौढ़ी के 17 पंचायत में प्रत्येक तीन चार पंचायत में विशेष कैंप का आयोजन किया गया है. जहां किसान कोऑर्डिनेटर, किसान सलाहकार और अंचल कार्यालय का राजस्व कर्मचारी की उपस्थिति में किसानों का डिजिटल आईडी बनाया जा रहा है.''- सुधीर कुमार शाहा, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी मसौढ़ी

'तभी मिलेगा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि' : प्रखंड कृषि पदाधिकारी हर्षित पटेल ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री आईडी इसलिए जरूरी है ताकि किसानों की सही जानकारी एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हो सके. इससे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना जैसी योजनाओं का लाभ पाने में किसी तरह की परेशानी नहीं होगी.

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डिजिटल केवाईसी कराते किसान (ETV Bharat)

''अब कई सरकारी योजनाओं में फार्मर रजिस्ट्री आईडी अनिवार्य कर दी गई है. इसलिए जिन किसानों की आईडी नहीं बनेगी, वे भविष्य में लाभ से वंचित हो सकते हैं. किसानों से अपील की है कि 9 जनवरी के बीच अपने पंचायत में लगने वाले कैंप में जरूर पहुंचें और समय रहते ई-केवाइसी व फार्मर रजिस्ट्रेशन पूरा कराएं. यदि तय समय में ई-केवाइसी नहीं कराई गई, तो किसान का नाम लाभार्थी सूची से हटाया जा सकता है.''- हर्षित पटेल, प्रखंड कृषि पदाधिकारी

'सरकार की ये पहल अच्छी' : वहीं नेशमा पंचायत के मुखिया चंदन भारती ने किसान डिजिटल आईडी की तारीफ की और इसे सरकार की एक अच्छी पहल बताया. उन्होंने कहा कि ''किसानों के लिए विभिन्न जो योजना सरकार चलाई गई वह अब डिजिटल तरीके से किसानों को सूचना मिल जाएगी. किसान फार्मर रजिस्ट्री आईडी बेहतर है. किसानों से अपील करेंगे कि वह शासन में अपने पंचायत में कैंप में जाएं.''

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कैंप लगाकर फार्मर आईडी कार्ड बनाते कर्मचारी (ETV Bharat)

किसानों को हो रही परेशानी : हालांकि इस मामले में किसानों ने कम समय में डिजिटल आईडी बनवाने में बड़ी परेशानी का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि सर्वर डाउन ही रह रहा है जिससे उनका फार्मर रजिस्ट्री आईडी नहीं बन पाया है. समय कम है और हम सभी किसान जिसकी आईडी नहीं बन पाई है वो परेशान है.

''फार्मर रजिस्ट्री आईडी बनाने में किसानों को बहुत परेशानी हो रही है. सर्वर डाउन ही रह रहा है, जिस वजह से नहीं बन पा रहा है. हम सभी किसान परेशान हैं.''- शंभू किसान, निशियावां, पंचायत

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