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गेंदे के फूलों के नहीं मिले सही दाम, किसान ने एक एकड़ में लगी फसल पर चलाया ट्रैक्टर

Farmer Destroy Marigold Cultivation: फतेहाबाद में किसान ने एक एकड़ में लगी फूलों की खेती को ट्रैक्टर चलाकर मिट्टी में मिला दिया.

Farmer Destroy Marigold Cultivation
Farmer Destroy Marigold Cultivation (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Haryana Team

Published : March 1, 2026 at 2:17 PM IST

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Updated : March 1, 2026 at 2:54 PM IST

3 Min Read
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फतेहाबाद: हरियाणा के फतेहाबाद में किसान ने एक एकड़ में लगी फूलों की खेती को ट्रैक्टर चलाकर मिट्टी में मिला दिया. किसान को मार्केट में फूलों के सही दाम नहीं मिल रहे थे. जिससे गुस्साए किसान ने खुद से ही खड़ी फसल को जोत दिया. किसान ने बताया कि उसने 1 एकड़ में गेंदे के फूल लगाए थे. व्यापारी 10 रुपये किलो के हिसाब से फूल खरीद रहे हैं. जबकि फूलों की तुड़ाई और ट्रांसपोर्ट का खर्च इससे ज्यादा खर्च आ रहा है.

गेंदे की फसल के नहीं मिल रहे सही दाम: भले ही अब शादियों का सीजन चल रहा हो, फूलों की मांग ज्यादा हो, लेकिन गेंदे के फूलों की फसल उगाने वाले किसानों को घाटे का सौदा करना पड़ रहा है. यही कारण है कि अब किसान गेंदे की फसल पर ट्रैक्टर चला कर उसे खत्म कर रहे हैं. ताकि उसे जमीन पर नई फसल की बिजाई की जा सके.

गेंदे के फूलों के नहीं मिले सही दाम, किसान ने एक एकड़ में लगी फसल पर चलाया ट्रैक्टर (Etv Bharat)

कमाई कम, लागत ज्यादा: फतेहाबाद के गांव झलनिया के किसान ने अपने खेत में एक एकड़ में उगाई गेंदे के फूल की फसल को बर्बाद कर दिया. किसान का कहना है कि मंडी में गेंदे के फूल का भाव 10 रुपये किलो के हिसाब से मिल रहा है, जबकि गेंदे के फूल तुड़वाने में 5 प्रति किलो खर्च आता है और ट्रांसपोर्टेशन का खर्चा अलग से है.

10 रुपये किलो से ज्यादा नहीं हो रही खरीददारी: गांव झलनिया निवासी किसान रामगोपाल ने बताया कि वो काफी समय से फूलों की खेती कर रहा है, लेकिन इस बार उसे काफी घाटा लगा है. भले ही शादी का सीजन चल रहा हो, लेकिन मंडी में आढती 10 रुपये किलो से ज्यादा के रेट पर गेंदे के फूल की खरीदारी नहीं कर रहा. किसान रामगोपाल ने कहा कि वो अब इस जमीन पर नई फसल की बिजाई करेंगे.

किसान में रोष: किसान ने कहा कि "भले ही बागवानी विभाग किसानों को अन्य फसल चक्र अपनाने के लिए जागरुक कर रहा हो और सब्सिडी देने का दावा कर रहा हो, लेकिन असलियत ये है कि गेहूं और धान से दूर जाकर अन्य फसल की बिजाई करने वाले अधिकतर किसानों को इसी प्रकार दिक्कत का सामना करना पड़ता है. बागवानी विभाग को चाहिए कि वो किसान को अच्छी सब्सिडी मुहावाया करवाए, ताकि वो इस प्रकार की खेती की तरफ अग्रसर हो सके."

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Last Updated : March 1, 2026 at 2:54 PM IST