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सूरजकुंड मेले में छा गया "Goat Milk Soap", रेवाड़ी की शशि सालों से बना रहीं नेचुरल प्रोडक्ट, 500 महिलाओं को बनाया आत्मनिर्भर

रेवाड़ी की शशि देवी सूरजकुंड मेले में बकरी के दूध की हर्बल साबुन लेकर आई है. जिसका मेले में काफी डिमांड है.

Faridabad Surajkund Crafts Mela
सूरजकुंड मेला 2026 (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Haryana Team

Published : February 14, 2026 at 12:30 PM IST

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Updated : February 14, 2026 at 1:21 PM IST

3 Min Read
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फरीदाबाद: सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय क्राफ्ट मेला में देश-विदेश के हस्तशिल्प कलाकारों का हुनर देखने को मिल रहा है. फरीदाबाद में आयोजित इस भव्य मेले में जहां पारंपरिक कला और शिल्प लोगों को आकर्षित कर रहे हैं, वहीं, रेवाड़ी की शशि देवी अपने अनोखे और प्राकृतिक उत्पादों के कारण खास चर्चा में हैं. उनका स्टॉल इन दिनों मेले में आने वाले लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है.

बकरी के दूध का साबुन बना मुख्य आकर्षण: ईटीवी भारत ने शशि देवी से बातचीत की. शशि देवी ने बताया कि, "मेरे स्टॉल पर मोरिंगा के लड्डू, मोरिंगा की खांड, नमकीन और देसी गुड़ जैसे कई उत्पाद मौजूद हैं, लेकिन सबसे ज्यादा लोकप्रियता बकरी के दूध से बने प्राकृतिक साबुन को मिल रही है. यह साबुन पूरी तरह हर्बल है और इसमें किसी भी प्रकार की मिलावट नहीं की जाती. 50 ग्राम की एक टिक्की की कीमत मात्र 40 रुपये है. कम कीमत और त्वचा के लिए लाभकारी होने के कारण लोग इसे न केवल देख रहे हैं बल्कि बड़ी संख्या में खरीद भी रहे हैं."

मेले में छा गया "Goat Milk Soap" (ETV Bharat)

17 वर्षों की मेहनत और विश्वास की कहानी: रेवाड़ी निवासी शशि देवी पिछले 17 वर्षों से प्राकृतिक उत्पाद बना रही हैं. शुरुआत में उन्होंने यह काम अकेले शुरू किया था, लेकिन आज वह स्वयं सहायता समूह के माध्यम से इस कार्य को आगे बढ़ा रही हैं. शशि देवी कहती हैं कि, "मेरे समूह से लगभग 500 महिलाएं जुड़ी हुई हैं, जिनमें से 100 महिलाएं सक्रिय रूप से घर बैठे अलग-अलग उत्पाद तैयार कर रही हैं. इसके अलावा करीब 1500 किसान भी किसी न किसी रूप में सहयोग कर रहे हैं."

Faridabad Surajkund Crafts Mela
500 महिलाओं को बनाया आत्मनिर्भर (ETV Bharat)

सरकारी प्रशिक्षण से मिली मजबूती: शशि देवी ने आगे कहा कि, "समूह की महिलाओं को सरकार द्वारा निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाता है. प्रशिक्षण के बाद महिलाएं घर पर ही बकरी के दूध का साबुन, मोरिंगा उत्पाद, नमकीन, सरसों का तेल और अन्य सामान तैयार करती हैं. इसके बाद इन उत्पादों को अलग-अलग मेलों और बाजारों में बेचा जाता है. इस पहल से गांव की महिलाएं घरेलू जिम्मेदारियों के साथ-साथ हर महीने 5 से 8 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं."

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रेवाड़ी की शशि सालों से बना रहीं नेचुरल प्रोडक्ट (ETV Bharat)

आत्मनिर्भरता का संदेश और भविष्य का लक्ष्य: शशि देवी स्वयं उच्च शिक्षित हैं और उन्होंने मास्टर डिग्री प्राप्त की है वह चाहतीं तो नौकरी कर सकती थीं, लेकिन उन्होंने खुद सक्षम बनने और अन्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का रास्ता चुना. इस बारे में शशि देवी ने कहा कि, " मेरा उद्देश्य महिलाओं को करोड़पति बनाना नहीं, बल्कि इतना सक्षम बनाना है कि वे अपने घर के कामकाज के साथ कुछ आय अर्जित कर सकें. हमारा समूह न सिर्फ आर्थिक रूप से मजबूत हो रहा है, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की दिशा में भी एक मजबूत कदम साबित हो रहा है."

मेले में घूमने आए शख्स ने की साबुन की तारीफ: मेले में घूमने आए एक शख्स ने कहा कि सुरजकुंड मेले में हर चीज खास है. हालांकि हमने पहले बार बकरी के दूध से बना साबुन बिकते देखा है. ये नेचुरल है." बता दें कि मिलावट के दौर में सुरजकुंड मेले में बकरी के दूध से बना साबुन चर्चा में है. लोग इसे खरीद रहे हैं.

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Last Updated : February 14, 2026 at 1:21 PM IST