फूटा फोड़ा, निकली गोली...फरीदाबाद से चौंकाने वाला मामला, बिना ऑपरेशन 20 साल बाद महिला के जांघ से निकली गोली
फरीदाबाद में एक महिला के शरीर से 20 साल बाद गोली निकली.

Published : January 6, 2026 at 10:49 AM IST
फरीदाबाद: फरीदाबाद की डबुआ कॉलोनी से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां 32 वर्षीय महिला कविता की जांघ में बने फोड़े के फूटने पर उसके शरीर से एक गोली बाहर निकली. हैरानी की बात यह रही कि यह गोली करीब 20 साल पहले उनके शरीर में फंसी थी, लेकिन इतने वर्षों तक किसी को इसकी जानकारी नहीं हो सकी.
बचपन में लगी थी चोट: इस बारे में कविता ने कहा कि, “मैं जब 12 साल की थी तो मानेसर के गांव कोटा खांडेवाला स्थित स्कूल में पढ़ती थीं. एक दिन स्कूल में पेपर दे रही थी, तभी मेरी कमर के नीचे किसी नुकीली चीज से चोट लगी थी. थोड़ा खून निकला था, सबने सोचा किसी ने पत्थर मारा है. घर पर इलाज हुआ और जख्म भर गया. 20 साल तक कोई दिक्कत नहीं हुई. अब जांघ में फोड़ा फूटा तो उसमें से गोली निकली, जिसे देखकर हम सब हैरान रह गए.”

जख्म भर गया, दर्द भी नहीं हुआ: कविता ने बताया कि बचपन में कुछ ही दिनों में वह जख्म पूरी तरह भर गया और इसके बाद कभी कोई परेशानी नहीं हुई. न दर्द, न सूजन और न ही किसी तरह की दिक्कत सामने आई. इसी कारण परिवार ने उस घटना को मामूली चोट मानकर भुला दिया. करीब दो महीने पहले जांघ में अचानक फोड़ा निकल आया. दवाइयों से कोई खास आराम नहीं मिला, जिसके बाद घरेलू लेप लगाया गया. कुछ दिनों बाद जब फोड़ा फूटा तो उसमें से एक नुकीली चीज बाहर निकली, जो कि गोली थी, जिसे देखकर हम सब दंग रह गए."
आर्मी कैंप के पास था कविता का गांव: कविता के गांव के पास उस समय आर्मी का ट्रेनिंग कैंप हुआ करता था. आशंका जताई जा रही है कि वहीं से किसी हथियार से चली कम रफ्तार की गोली उनके शरीर में जाकर फंस गई होगी, जो त्वचा को ज्यादा नुकसान पहुंचाए बिना अंदर ही रह गई.
"बगैर ऑपरेशन के निकल गई गोली": वहीं, कविता के पति प्रदीप बैसला ने कहा कि, “मेरी पत्नी की जांघ में फोड़ा हुआ था. दवाइयों से ठीक नहीं हुआ तो जब फोड़ा फूटा, उसमें से गोली बाहर निकल आई. हैरानी की बात यह है कि बिना किसी ऑपरेशन के गोली अपने-आप बाहर आ गई. फिलहाल मेरी पत्नी पूरी तरह स्वस्थ है.”
डॉक्टर बोले- "बेहद दुर्लभ मामला": इस पूरे मामले में फरीदाबाद सिविल अस्पताल के न्यूरो डॉक्टर उपेंद्र भारद्वाज ने कहा कि, "अगर गोली की रफ्तार कम होती है तो वह शरीर के अंदर फंसी रह सकती है. शरीर की कोशिकाएं उसके चारों तरफ एक परत बना लेती हैं. कई साल बाद जब यह परत टूटती है तो संक्रमण के कारण फोड़ा बन सकता है और गोली बाहर आ जाती है. अपने-आप गोली का बाहर निकलना बेहद दुर्लभ मामला है.”
इस घटना के सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में इसकी चर्चा है. हालांकि राहत की बात यह है कि कविता पूरी तरह स्वस्थ है और उसे कोई तकलीफ नहीं है.

