देसी घी से बदली किस्मत, गांव की राजकुमारी बनीं सक्सेसफुल बिजनेसवुमन, जानें फर्श से अर्श तक की दास्तां...
फरीदाबाद सरस मेले में सोनीपत की राजकुमारी ने देसी घी से अपनी पहचान बनाई है. साथ ही सैंकड़ों महिलाओं को रोजगार दे रही है.

Published : December 29, 2025 at 11:41 AM IST
|Updated : December 29, 2025 at 1:12 PM IST
फरीदाबाद: फरीदाबाद में इन दिनों सरस मेला लगा हुआ है. इस मेले में लगे हर स्टॉल की अपनी एक कहानी है. मेले में कई ग्रामीण क्षेत्रों से आई महिलाओं ने अपना स्टॉल लगाया है, जिनके संघर्ष की कहानी यह बयां करती है कि वे कैसे फर्श से अर्श तक पहुंचीं. इन महिलाओं में सोनीपत की राजकुमारी भी शामिल हैं.

सरस मेले में राजकुमारी का जलवा: दरअसल, सोनीपत के एक छोटे से गांव से आई राजकुमारी ने फरीदाबाद सरस मेले में अपना स्टॉल लगाया है. इनके स्टॉल पर लोगों की काफी भीड़ देखने को मिल रही है. राजकुमारी मुख्य रूप से घी का व्यापार करती हैं. घी के अलावा वह शुद्ध देसी घी में बने लड्डू और अन्य मिठाइयां बनाकर बेचती हैं. इसके साथ ही वे अपने बनाए अचार भी स्टॉल में लेकर आई हैं, जो लोगों को बेहद पसंद आ रहे हैं. राजकुमारी अपने इसी बिजनेस के बदौलत 54 साल की उम्र में चर्चा में हैं. इनके बनाए घी का विदेशों से भी ऑर्डर आता है. लोगों को इनके बनाए घी, मिठाइयां और अचार बेहद पसंद आ रहे हैं.

ऐसे की शुरुआत: ईटीवी भारत की टीम सरस मेले में पहुंची. ईटीवी भारत के संवाददाता ने राजकुमारी से बातचीत की. राजकुमारी ने बताया कि, “मैं सोनीपत जिले से आई हूं. मैं एक ग्रामीण महिला हूं. मैं किसान परिवार से आती हूं. हमारा व्यवसाय मुख्य रूप से खेती-बाड़ी और पशुपालन है. साल 2018 में मैंने सोचा कि क्यों न लोगों को शुद्ध घी खिलाया जाए. इसके बाद मैंने अपने यहां कई गाय खरीद लीं. हमारे पास इतना बजट नहीं था कि मैं गायों की ठीक से देखभाल कर सकूं. इसलिए मैंने गांव की महिलाओं की मदद ली. मैंने मुफ्त में उन महिलाओं को गाय दे दीं. वे महिलाएं गायों को पालने लगीं और हमने उनसे दूध खरीदना शुरू किया. शुरुआती दौर में हम दूध बेचते थे. इसके अलावा दूध से घी भी बनाने लगे. धीरे-धीरे हमने इसे अपने बिजनेस में तब्दील किया. अब हमारा प्रोडक्ट इतना फेमस हो गया है कि लोग हमारे अच्छे प्रोडक्ट के कारण मुझे जानने लगे हैं. आज मेरे द्वारा बनाया गया घी देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी सप्लाई होता है.”
USA आर्मी ने किया घी ऑर्डर: राजकुमारी ने आगे बताया कि, “मैं घी के अलावा अन्य तरह के प्रोडक्ट भी बनाती हूं, जो शुद्ध देसी घी से तैयार होते हैं, जैसे लड्डू, तिल के लड्डू, गजक इत्यादि. इसके अलावा मैं अचार और गुड़ भी बनाती हूं, जो शुद्ध और पौष्टिक होते हैं. मेरी उम्र लगभग 54 साल है, लेकिन इस उम्र में भी मैं पूरी तरह स्वस्थ हूं. जहां भी इस तरह के मेले का आयोजन होता है, वहां मैं अपने प्रोडक्ट लेकर जाती हूं. हाल ही में USA आर्मी ने भी 300 किलो घी हमसे मंगवाया था, जिसे मैंने भेजा है. इसी बिजनेस के माध्यम से मैंने अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दी और बेटी की शादी की.”

200 से अधिक महिलाओं को दिया रोजगार: मौजूदा समय में राजकुमारी के साथ दो सौ से अधिक महिलाएं जुड़ी हुई हैं, जिनको राजकुमारी ने रोजगार मुहैया किया है. इस बारे में राजकुमारी बताती हैं कि, "मुझसे जुड़ी 200 से अधिक महिलाएं हैं, जिनको मैंने रोजगार दिया है. वो महिलाएं आज अच्छी खासी इनकम कर रही हैं और आत्मनिर्भर हैं."
महिलाओं को दिया खास मैसेज: राजकुमारी ने अन्य महिलाओं को खास मैसेज दिया है. राजकुमारी ने आगे कहा कि, "जो महिलाएं घर में बैठी हैं, अपना व्यवसाय करना चाहती हैं, वे घर पर खाली बैठने के बजाय अपनी कला से कोई भी प्रोडक्ट तैयार कर आत्मनिर्भर बन सकती हैं. इससे वो अपने साथ-साथ अपने परिवार का भी भरण पोषण कर सकती हैं."

ग्राहकों को भाया राजकुमारी का प्रोडक्ट: वहीं, सरस मेले में घी लेने आए भोले राम ने कहा कि, “इनका घी बहुत अच्छा है. मैं खुद घी का शौकीन हूं. मेरी उम्र 74 साल है. मैं रोज घी का सेवन करता हूं. हालांकि मैं अपना घी केरल से मंगवाता हूं, लेकिन इनका घी अच्छा है. अब मैं इन्हीं के पास से घी लूंगा, क्योंकि यह दूसरे घी से बेहतर है और इसमें कोई मिलावट नहीं है.” वहीं, मेला घूमने आए सुमित ने कहा कि, “इनका सारा प्रोडक्ट बहुत अच्छा है. इसमें किसी भी तरह की मिलावट नहीं है. मैंने खुद इनके प्रोडक्ट को टेस्ट किया है. बाकी प्रोडक्ट से इनका प्रोडक्ट अलग है.”
बता दें कि जिस उम्र में लोग रिटायरमेंट लेकर घर बैठ जाते हैं, उस उम्र में राजकुमारी आज देश के कोने-कोने में जाकर अपने प्रोडक्ट बेचती हैं. वह लगभग लाखों रुपये महीने कमा रही हैं. आज के समय की महिलाओं के लिए राजकुमारी एक प्रेरणा हैं.
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