प्रदूषण नियंत्रण पर फरीदाबाद मॉडल को मिली सराहना, दिल्ली-एनसीआर में एयर पॉल्यूशन कंट्रोल को लेकर सरकार सख्त
दिल्ली-एनसीआर वायु प्रदूषण समीक्षा बैठक में केंद्रीय मंत्री ने फरीदाबाद के नवाचारों को रोल मॉडल बताते हुए अन्य शहरों को अपनाने की सलाह दी.

Published : December 17, 2025 at 4:17 PM IST
फरीदाबाद: दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के उद्देश्य से दिल्ली में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने की. इस बैठक का मुख्य उद्देश्य दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न शहरों के लिए तैयार की गई शहर-विशेष कार्ययोजनाओं के सख्त और प्रभावी जमीनी क्रियान्वयन की समीक्षा करना था, ताकि प्रदूषण पर ठोस और स्थायी नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके.
फरीदाबाद नगर निगम की सक्रिय भागीदारी: बैठक में फरीदाबाद नगर निगम की ओर से आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने हिस्सा लिया. उन्होंने आगामी वर्ष के लिए फरीदाबाद का विस्तृत वायु प्रदूषण नियंत्रण एक्शन प्लान प्रस्तुत किया. प्रस्तुतीकरण के दौरान उन्होंने नगर निगम द्वारा अपनाए गए नवाचारों, जमीनी स्तर पर किए गए कार्यों और भविष्य की रणनीतियों की विस्तार से जानकारी दी, जिसे केंद्रीय मंत्रालय के अधिकारियों ने गंभीरता से सुना.
पॉटहोल रिपेयर वैन बनी चर्चा का केंद्र: बैठक के दौरान फरीदाबाद नगर निगम की पॉटहोल रिपेयर एंड मेंटेनेंस वैन को एक प्रभावी और अभिनव पहल के रूप में विशेष सराहना मिली. केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने इस मॉडल को “रोल मॉडल” करार देते हुए कहा कि, "सड़क के गड्ढों की त्वरित मरम्मत से न केवल यातायात व्यवस्था बेहतर होती है, बल्कि सड़कों से उड़ने वाली धूल पर भी प्रभावी नियंत्रण संभव हो पाता है."
अन्य शहरों को अपनाने की सलाह: केंद्रीय मंत्री ने दिल्ली सहित अन्य एनसीआर शहरों को फरीदाबाद मॉडल अपनाने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि यदि सभी नगर निकाय इस तरह की त्वरित मरम्मत प्रणाली अपनाएं, तो वायु गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार लाया जा सकता है. यह पहल कम लागत में अधिक प्रभावी परिणाम देने वाली साबित हो सकती है.
धूल नियंत्रण के उपायों की सराहना: बैठक में सड़कों के एंड-टू-एंड पक्काकरण, टाइलिंग, सड़कों के किनारे और खाली स्थानों पर पौधारोपण तथा पौधा वितरण जैसे कार्यों की भी प्रशंसा की गई. इन उपायों को धूल प्रदूषण कम करने में कारगर बताया गया.
तकनीकी संसाधनों के उपयोग की समीक्षा: इसके अलावा मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनों, एंटी-स्मॉग गन और वॉटर स्प्रिंकलर के नियमित उपयोग सहित फरीदाबाद नगर निगम द्वारा किए जा रहे अन्य प्रयासों की भी विस्तृत समीक्षा की गई. बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि तकनीक और जमीनी क्रियान्वयन के समन्वय से ही वायु प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण संभव है.
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