फरीदाबाद में मायके और ससुराल पक्ष शव ले जाने को लेकर भिड़े, सिविल अस्पताल की मॉर्चरी के बाहर पथराव
शव को लेकर फरीदाबाद में मायके और ससुराल पक्ष भिड़ गए. पुलिस ने हस्तक्षेप कर शव को मायके पक्ष वालों को सौंप दिया.

Published : July 7, 2026 at 8:32 PM IST
फरीदाबादः मायके और ससुराल वाले महिला की डेड बॉडी को दाह संस्कार के लिए ले जाने को लेकर सिविल अस्पताल की मॉर्चरी के बाहर आपस में भिड़ गए. दोनों पक्षों के बीच पहले कहासुनी हुई और फिर देखते ही देखते मारपीट शुरू हो गई. इसके बाद एक-दूसरे पर पत्थर भी फेंके गए, जिसमें कई लोग घायल हो गए. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को शांत कराया. बाद में पुलिस की मौजूदगी में शव मायके पक्ष को सौंप दिया गया, जिसके बाद परिजन शव को पलवल के देवली गांव ले गए.
संदिग्ध स्थिति में ससुराल में मौतः जानकारी के अनुसार, खेड़ी थाना क्षेत्र के बादशाहपुर गांव में रहने वाली 27 वर्षीय अंजलि की सोमवार सुबह अपने ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. घटना के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए फरीदाबाद के सिविल अस्पताल की मॉर्चरी में रखवा दिया था. मंगलवार को पोस्टमार्टम होना था, जिसके चलते मायके और ससुराल पक्ष के लोग अस्पताल पहुंचे हुए थे.
पोस्टमार्टम के बाद शुरू हुआ विवादः पोस्टमार्टम पूरा होने के बाद जब शव को ले जाने की बात आई तो विवाद शुरू हो गया. मायके पक्ष का कहना था कि अंजलि का अंतिम संस्कार उसके मायके में किया जाएगा. वहीं ससुराल पक्ष का कहना था कि अंजलि उनके परिवार की बहू थी, इसलिए अंतिम संस्कार का अधिकार उनका है. इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हुई, जो कुछ ही देर में झगड़े में बदल गई.
अस्पताल परिसर में मच गई अफरा-तफरीः प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पहले दोनों पक्षों के बीच गाली-गलौज हुई और फिर लात-घूंसे चलने लगे. इसके बाद कुछ लोगों ने आसपास पड़े पत्थर उठाकर एक-दूसरे पर फेंकना शुरू कर दिया. अचानक हुई इस मारपीट से अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई. वहां मौजूद मरीजों और उनके परिजनों में भी दहशत फैल गई. घटना में दोनों पक्षों के दो से तीन लोग घायल हो गए, जिन्हें सिविल अस्पताल में ही उपचार दिया गया.
पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिएः मृतका की चाची कविता ने आरोप लगाया कि उनकी भतीजी की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है. अंजली के शरीर पर सूजन था और उसे देखकर ऐसा लग रहा था कि उसे कोई जहरीला पदार्थ खिलाया गया हो. ससुराल पक्ष मौत का कारण सीढ़ियों से गिरना बता रहा है, लेकिन हम लोगों को इस पर भरोसा नहीं है. पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.
'ससुराल पक्ष का अब इस पर कोई अधिकार नहीं': मृतका की चाची ने कहा कि "जब उनकी बेटी की मौत ससुराल में हुई है तो अब उसका अंतिम संस्कार मायके में ही होना चाहिए." उन्होंने कहा कि "ससुराल पक्ष का अब इस पर कोई अधिकार नहीं बनता और इसी बात को लेकर विवाद हुआ."
क्या बोले ससुराल पक्ष के लोगः वहीं ससुराल पक्ष की ओर से आए रोहतास ने बताया कि "अंजलि की शादी करीब सात साल पहले मनोज के साथ हुई थी." उन्होंने कहा कि परिवार को भी अभी तक यह नहीं पता कि उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई. उनका आरोप है कि पोस्टमार्टम के बाद बातचीत के दौरान मायके पक्ष के कुछ लोगों ने अचानक हमला कर दिया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच मारपीट और पथराव शुरू हो गया. इस घटना में विवेक, गजराज सहित तीन लोग घायल हुए हैं.
क्या बोले एएसपीः घटना की सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और हालात पर काबू पाया. बड़खल एसीपी अर्जुन कुमार ने बताया कि "बादशाहपुर गांव की रहने वाली 27 वर्षीय अंजलि की मौत के बाद पोस्टमार्टम के दौरान शव के अंतिम संस्कार को लेकर मायके और ससुराल पक्ष के बीच विवाद हो गया था. विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के साथ मारपीट की और कुछ लोगों ने पत्थर भी फेंके, जिससे दो-तीन लोग घायल हुए हैं."
समय रहते दोनों पक्षों को कराया गया शांतः एसीपी ने बताया कि "पुलिस ने समय रहते दोनों पक्षों को शांत कराया. इसके बाद आपसी सहमति और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंजलि का शव मायके पक्ष को सौंप दिया गया. मायके के लोग शव को पलवल जिले के देवली गांव ले गए, जहां उनका रीति-रिवाज के अनुसार अंतिम संस्कार किया जाएगा. फिलहाल स्थिति पूरी तरह शांत है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. साथ ही अंजलि की मौत के कारणों का भी पता लगाया जा रहा है.

