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फरीदाबाद में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक, मंत्री राजेश नागर ने अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश

फरीदाबाद में मंत्री राजेश नागर ने विकास कार्यों की समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए.

Faridabad Development Review Meeting
मंत्री राजेश नागर ने अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश (ETV bharat)
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By ETV Bharat Haryana Team

Published : December 29, 2025 at 5:32 PM IST

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फरीदाबाद: जिले में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा करने के लिए आज खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले राज्य मंत्री राजेश नागर ने जिले के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की. बैठक में लोक निर्माण विभाग (PWD), पब्लिक हेल्थ, पंचायत विभाग, एफएमडीए तथा एचएसवीपी के अधिकारी उपस्थित रहे. बैठक का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति का आकलन करना, लंबित परियोजनाओं पर जवाबदेही तय करना और आम नागरिकों से जुड़ी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करना था.

सड़कों और निर्माण कार्यों पर फोकस: बैठक के दौरान राज्य मंत्री ने पीडब्ल्यूडी से संबंधित सड़कों की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की. जिन सड़कों की मरम्मत आवश्यक है और जिन नई सड़कों का निर्माण प्रस्तावित है, उनके संबंध में अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए. मंत्री ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा कि, "सड़क निर्माण कार्य समयसीमा के भीतर और निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुसार पूरे हों, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो."

फरीदाबाद में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक (ETV bharat)

पंचायत विभाग और ग्रामीण जल निकासी पर चर्चा:राज्य मंत्री ने पंचायत विभाग के अंतर्गत गांवों में जलभराव और जोहड़ों के ओवरफ्लो की समस्या पर विशेष चर्चा की. अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांवों में स्वच्छता व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाए और जल निकासी की व्यवस्था मजबूत की जाए. मंत्री ने स्पष्ट किया कि, "बरसात या अन्य कारणों से उत्पन्न होने वाली समस्याओं से ग्रामीणों को राहत मिलनी चाहिए."

एफएमडीए परियोजनाओं और समन्वय: एफएमडीए के अधिकारियों के साथ बैठक में उन सड़कों और चौराहों पर चर्चा हुई, जिनका निर्माण संयुक्त रूप से किया जाना है या जो एफएमडीए के अधिकार क्षेत्र में आते हैं. मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ कार्य किए जाएं, ताकि परियोजनाओं में अनावश्यक देरी न हो.

स्ट्रीट लाइट और शहर में अन्य सुविधाओं की समीक्षा:मंत्री ने शहर में स्ट्रीट लाइटों की समस्या, विशेष रूप से रात के समय लाइटों के ठीक से न जलने की शिकायतों पर भी चर्चा की. अधिकारियों को तत्काल समाधान के निर्देश दिए गए. राजेश नागर ने विकास कार्यों में हो रही लेटलतीफी को गंभीरता से लिया और एफएमडीए के कुछ टेंडरों के तहत जिन कार्यों की समयसीमा 30 दिसंबर तक थी, उनके समय पर पूरा न होने पर कड़ा रुख अपनाया.

कड़े निर्देश और ठेकेदारों की जवाबदेही: मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है या अधिकारियों की वजह से कार्य में देरी होती है, तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. आवश्यकता पड़ने पर ऐसे ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी. साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि टेंडर की शर्तों के अनुसार कार्य की एएमसी अवधि (3 या 5 वर्ष) के दौरान यदि गुणवत्ता में कोई कमी पाई जाती है, तो संबंधित ठेकेदार को अपने खर्च पर उसे ठीक करना होगा.

प्रेस वार्ता छोड़कर चले गए मंत्री: बैठक के दौरान जब लाइब्रेरी के दो बार उद्घाटन को लेकर पत्रकारों ने सवाल पूछा, तो राज्य मंत्री राजेश नागर बिना कोई जवाब दिए प्रेस वार्ता से उठकर चले गए. इस घटना ने बैठक में मौजूद मीडिया कर्मियों और अन्य अधिकारियों के बीच हल्की चौंकसी का माहौल बना दिया.

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