फरीदाबाद सिविल अस्पताल में डायरेक्टर का औचक निरीक्षण, खामियां देखकर भड़के, शांति से सुनते रहे सिविल सर्जन
फरीदाबाद के सिविल अस्पताल में शुक्रवार देर शाम स्वास्थ्य विभाग के डायरेक्टर वीरेंद्र यादव ने अचानक निरीक्षण किया.


Published : December 20, 2025 at 11:30 AM IST
|Updated : December 20, 2025 at 12:16 PM IST
फरीदाबाद: हरियाणा के फरीदाबाद में जिला नागरिक अस्पताल में देर शाम स्वास्थ्य विभाग के डायरेक्टर वीरेंद्र यादव ने अचानक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान अस्पताल में पाई गई अव्यवस्थाओं और खामियों को देखकर वह कर्मचारियों पर भड़क गए. उन्होंने मौके पर मौजूद सीएमओ, डॉक्टर और कर्मचारियों से लगातार सवाल किए और व्यवस्था को लेकर जवाब मांगे.
अस्पताल स्टाफ की लापरवाही से नाराज दिखे डायेरक्टर: डायरेक्टर वीरेंद्र यादव ने अस्पताल की पहली, दूसरी और तीसरी मंजिल का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने वार्डों में भर्ती मरीजों से बातचीत कर इलाज और सुविधाओं की स्थिति जानी. लेबर वार्ड के बाहर जूते रखने के लिए लगाया गया शू-रैक टूटा मिला. इस पर उन्होंने नाराजगी जताई और कहा कि "मरीजों और उनके परिजनों से जुड़ी बुनियादी व्यवस्था भी ठीक नहीं रखी जा रही है". चिकित्सकों ने इसे अंडर रिपेयर बताया.
"इस तरह की लापरवाही गंभीर": इसके बाद डायरेक्टर ब्लड बैंक की ओर पहुंचे. जहां बाहर अंधेरा होने और लाइट वाला साइन बोर्ड बंद मिलने पर कर्मियों पर भड़कते हुए नजर आए. उन्होंने ब्लड बैंक संचालक और बिजली सुपरवाइजर से सवाल किया कि "अगर लाइट और साइन बोर्ड नहीं जलेंगे तो मरीजों और उनके परिजनों को ब्लड बैंक तक पहुंचने में परेशानी होगी. इतनी छोटी अव्यवस्था को भी समय पर दुरुस्त नहीं किया जाना गंभीर लापरवाही है". वहीं, मरीजों के बैठने के लिए पर्याप्त सुविधाएं न होने पर भी उन्होंने नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि "सरकार अस्पताल की व्यवस्था सुधारने के लिए पर्याप्त बजट दे रही है, बावजूद इसके जमीनी स्तर पर सुविधाएं सही नहीं है".
डायरेक्टर ने दिए निर्देश: इसके बाद डायरेक्टर ने CMO को निर्देश दिए कि "अस्पताल के मुख्य गेट और परिसर में LED साइन बोर्ड लगाए जाएं, जिससे रात के समय भी ब्लड बैंक, सीटी स्कैन, मोर्चरी और एंबुलेंस विभाग की जानकारी आसानी से मिल सके". उन्होंने एंबुलेंस विभाग के ऊपर साइन बोर्ड लगाने और दीवारों पर डायल 112 से एंबुलेंस सेवा की जानकारी लिखने के भी निर्देश दिए.
शांति से सुनते रहे सिविल सर्जन: निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन डायरेक्टर की नाराजगी को शांत भाव से सुनते रहे. डायरेक्टर ने उनके सामने ही अस्पताल की कमियों की ओर ध्यान दिलाया. इससे यह साफ हुआ कि अस्पताल की अव्यवस्थाओं में सुधार की जरूरत है. वहीं, सिविल सर्जन डॉक्टर जयंत अहूजा ने बताया कि "अस्पताल में चल रहा रिनोवेशन कार्य पीडब्ल्यूडी और बीएंडआर विभाग द्वारा किया जा रहा है. काम को जल्द पूरा करने के लिए संबंधित विभागों को कई बार पत्र लिखे गए हैं".
"सुधार के निर्देश दिए गए हैं": निरीक्षण के बाद स्वास्थ्य विभाग के डायरेक्टर वीरेंद्र यादव ने कहा कि "इस तरह के औचक निरीक्षण लगातार किए जाते हैं. अस्पताल का स्टैंडर्ड सर्टिफिकेशन फिलहाल निर्माण कार्य के कारण पेंडिंग है. निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों को जल्द पूरा किया जाएगा. करीब डेढ़ घंटे तक चले इस निरीक्षण में अस्पताल की हर व्यवस्था को बारीकी से देखा गया और सुधार के निर्देश दिए गए हैं".
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