फरीदाबाद के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय मंच पर लहराया जीत का परचम, 14 खिलाड़ियों ने 4 गोल्ड सहित जीते 14 पदक
दिल्ली में आयोजित इंडिया ओपन इंटरनेशनल चैंपियनशिप में फरीदाबाद के खिलाड़ियों ने 4 स्वर्ण सहित 14 पदक जीतकर नाम रोशन किया.

Published : June 2, 2026 at 3:03 PM IST
फरीदाबाद: फरीदाबाद के खिलाड़ियों खासकर बेटियों ने एक बार फिर अपने शानदार प्रदर्शन से जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है. दरअसल, दिल्ली में आयोजित इंडिया ओपन इंटरनेशनल खिलाड़ी चैंपियनशिप में फरीदाबाद के 14 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया और सभी ने पदक जीतकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया. खिलाड़ियों ने कुल 14 पदक अपने नाम किए, जिनमें 4 स्वर्ण, 2 रजत और 8 कांस्य पदक शामिल हैं. इस उपलब्धि के बाद पूरे जिले में खुशी और गर्व का माहौल है.
कठिन मुकाबलों में दिखाई प्रतिभा: इंडिया ओपन इंटरनेशनल खिलाड़ी चैंपियनशिप में देश-विदेश से करीब 1500 खिलाड़ियों ने भाग लिया था. इतने बड़े और प्रतिस्पर्धी आयोजन में फरीदाबाद के खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा, अनुशासन और मेहनत का शानदार प्रदर्शन किया. खिलाड़ियों ने विभिन्न वर्गों में मुकाबले खेले और हर चुनौती का सामना करते हुए पदक जीतने में सफलता हासिल की.
चार खिलाड़ियों ने जीते स्वर्ण पदक: प्रतियोगिता में तनिषा, वेदांशी गुप्ता, कात्यानी रावत और दृष्टि ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए अपने-अपने वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किए. इन खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट के दौरान आत्मविश्वास और बेहतरीन तकनीक का परिचय दिया. फाइनल मुकाबलों में उनके प्रदर्शन ने दर्शकों और खेल विशेषज्ञों को भी प्रभावित किया.
रजत और कांस्य पदकों से बढ़ाया मान: स्वर्ण पदकों के अलावा ईशानी भास्कर और काव्या ने भी कड़े मुकाबलों के बीच रजत पदक जीतकर जिले का गौरव बढ़ाया. दोनों खिलाड़ी फाइनल तक पहुंचीं और शानदार प्रदर्शन किया. वहीं, प्रतियोगिता में शामिल अन्य आठ खिलाड़ियों ने कांस्य पदक जीतकर फरीदाबाद की उपलब्धियों में महत्वपूर्ण योगदान दिया. सभी खिलाड़ियों के सामूहिक प्रदर्शन ने जिले को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान दिलाई.
कोच आशीष ने जताया गर्व: ईटीवी भारत से बातचीत के दौरान खिलाड़ियों की सफलता पर कोच आशीष ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि, "यह बेहद गर्व का क्षण है. लगभग 1500 खिलाड़ियों की मौजूदगी वाले इस बड़े आयोजन में फरीदाबाद के 14 बच्चों ने पदक जीतकर अपनी प्रतिभा साबित की है. खिलाड़ियों ने लंबे समय तक कठिन मेहनत की और उसी का परिणाम इन पदकों के रूप में सामने आया है."
तनिषा ने मेहनत से हासिल किया गोल्ड: वहीं, स्वर्ण पदक विजेता तनिषा ने बताया कि, "प्रतियोगिता का स्तर काफी कठिन था, लेकिन उन्होंने हर मुकाबले में अपना शत-प्रतिशत देने का प्रयास किया. वह पिछले दो वर्षों से इस उपलब्धि के लिए लगातार मेहनत कर रही थीं और आखिरकार उन्हें गोल्ड मेडल के रूप में उसका फल मिला." तनिषा ने अपनी सफलता का श्रेय परिवार और कोच के मार्गदर्शन को दिया.
दृष्टि ने नहीं मानी हार: गोल्ड मेडल विजेता दृष्टि ने बताया कि, "प्रतियोगिता के मुकाबले बेहद चुनौतीपूर्ण थे. अभ्यास के लिए पर्याप्त समय नहीं मिलने के बावजूद मैंने हार नहीं मानी. मेरा लक्ष्य स्वर्ण पदक जीतना था. मैंने पूरे आत्मविश्वास के साथ अपना प्रदर्शन किया. कोच और परिवार के सहयोग ने मुझे कठिन परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने की प्रेरणा दी."
कात्यानी की मेहनत लाई रंग: वहीं, खिलाड़ी कात्यानी रावत ने कहा कि, "मैं पिछले तीन वर्षों से लगातार अभ्यास कर रही हैं. इससे पहले भी वह कई प्रतियोगिताओं में स्वर्ण और रजत पदक जीत चुकी हैं. इस बार गोल्ड मेडल जीतने के लिए मैंने और भी अधिक मेहनत की थी. लगातार अभ्यास और समर्पण ही सफलता की कुंजी है."
रजत विजेताओं ने रखा बड़ा लक्ष्य: रजत पदक जीतने वाली काव्या ने कहा कि, "मेरा लक्ष्य स्वर्ण पदक जीतना था, लेकिन प्रतियोगिता का स्तर बेहद कठिन रहा. " वहीं, ईशानी ने बताया कि, " मैं पिछले तीन वर्षों से लगातार प्रशिक्षण ले रही हूं. इस बार गोल्ड मेडल से चूक गईं, लेकिन भविष्य में स्वर्ण पदक जीतने के लिए अभी से तैयारी शुरू कर दी है."
परिवार और कोच की खुशी दोगुनी: खिलाड़ियों की सफलता से उनके परिवारों में भी उत्साह का माहौल है. दृष्टि के पिता संजय ने कहा कि, "मेरी बेटी ने लगातार मेहनत की और उसी का परिणाम गोल्ड मेडल के रूप में मिला है." वहीं, कात्यानी के पिता संदीप ने कहा कि, "इतने कठिन मुकाबलों में स्वर्ण पदक जीतना बड़ी उपलब्धि है. इस सफलता का श्रेय बेटी की मेहनत और कोच के मार्गदर्शन को देता हूं,"
कोच यमुना ने जताई खुशी: वहीं, कोच यमुना ने कहा कि, "मैं पिछले साढ़े तीन सालों से इन खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रही हूं. शुरुआत में बच्चों को प्रतियोगिताओं का दबाव महसूस होता है, लेकिन धीरे-धीरे उनमें आत्मविश्वास बढ़ता गया. खिलाड़ियों की सफलता देखकर बेहद खुशी हो रही है. यह तो केवल शुरुआत है. आने वाले समय में ये खिलाड़ी और भी बड़े स्तर पर सफलता हासिल करेंगे."
बता दें कि फरीदाबाद के खिलाड़ियों की इस उपलब्धि ने जिले के खेल जगत को नई ऊर्जा दी है. खिलाड़ियों, अभिभावकों और कोच का मानना है कि यह सफलता आने वाले वर्षों में और बड़े मुकाम हासिल करने की प्रेरणा बनेगी. दिल्ली में आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में फरीदाबाद के खिलाड़ियों का प्रदर्शन यह साबित करता है कि मेहनत, अनुशासन और लगन के बल पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है.
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