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'मेरे गानों से हो रही सुबह, दोपहर, शाम', जुबिन नौटियाल का चैलेंज AI  रूह नहीं छू पाएगा

मशहूर सिंगर जुबिन नौटियाल ने ईटीवी भारत पर खोला अपना राज. जब मां ने कहा था ऐसा किया तो पिटाई लगेगी.

JUBIN NAUTIYAL REACHED BHOPAL
जुबिन ने ईटीवी भारत पर खोले गायकी के राज (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : November 22, 2025 at 4:47 PM IST

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Updated : November 22, 2025 at 5:03 PM IST

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भोपाल: जुबिन नौटियाल जब गायकी की शुरुआत ही कर रहे थे, एक सबक उन्हें अपनी मां से मिला. जो उनकी गायकी और जिंदगी को निखार गया. गायकी को लेकर एक हिदायत दी थी मां ने और कुछ ऐसा कहा था. उस दिन के बाद जुबिन ने फिल्मी, गैर फिल्मी गीत, भजन चाहे जिस विधा में गाया मां का वो सबक उनके साथ रहा. ईटीवी भारत के साथ खास बातचीत में जुबिन नौटियाल ने उनकी आवाज के आध्यात्म और उसी आवाज में उतरती रुमानियत से लेकर एआई को वे खतरा क्यों नहीं मानते. तमाम मुद्दों पर बेबाकी से अपनी बात रखी और अपनी गायकी से जुड़े कुछ राज भी खोले.

बात प्यार की है तो रास्ता कोई हो पहुंचेगी हमेशा

जुबिन नौटियाल की गायकी की खासियत है कि उन्होंने अपनी आवाज में रुमानियत और रुहानियत दोनों को बड़ी खूबी से साधा है. सवाल भी यही था कैसे कर लेते हैं. एक तरफ जेन जी आप पर फिदा हैं. दूसरी तरफ भजनों के साथ आपके दीवानों में फिर हर पीढ़ी का शख्स मौजूद है. जुबिन ने कहा कि "जी भजन के साथ आप हर जनरेशन तक पहुंच जाते हैं. असल में भाषाएं अलग हैं. लेकिन बात तो प्यार की हो रही है ना. कहीं पर माशूका के प्यार की बात हो रही है. कहीं पर भगवान के प्यार की बात हो रही है. जब तक प्यार का सोचकर गाता हूं, तब तक सारे जोनर एक हो जाते हैं."

सुबह, दोपहर और शाम मेरे गानों से हो रही (ETV Bharat)

"मेरे गानों से हो रही सुबह-दोपहर और शाम'

फिर कुछ रुककर जुबिन बोले "ये मेरा सौभाग्य है कि मैं इतनी डिफरेंट जनरेशन तक पहुंच पा रहा हूं. मैं देखता हूं सुबह मेरे गानों से हो रही है दोपहर मेरे गानों के साथ गुजर रही है और लोगों की शाम में भी मेरे गीत भजन हैं. मैं इसे भगवान का बहुत बड़ा आर्शीवाद मानता हूं." इसके बाद उन्होंने बताया कि " जब भी मध्य प्रदेश आते हैं, तो महाकाल के दर्शन का अवसर नहीं छोड़ते." उन्होंने कहा कि "मैं अभी महाकाल से ही आ रहा हूं और मुझे लगता है कि महाकाल का बहुत बड़ा आर्शीवाद है मुझे कि मैं इस तरह का जीवन देख पा रहा हूं. इस तरह का संगीत देख पा रहा हूं."

जब मां ने गाने को लेकर कहा था ऐसा किया तो पिटाई लगेगी

जुबिन नौटियाल के अभी तक गाए हुए पॉपुलर गीत हो या भजन. उनकी कॉम्पोजिशन के साथ उनके लिरिक्स भी मन को छूने वाले हैं. डबल मीनिंग गानों के साथ तुकबंदी वाले हल्के गानों से अब तक तो उन्होंने किनारा किया हुआ है. जुबिन से सवाल था कि गाने के सिलेक्शन के समय धुन पर जाते हैं या शब्दों पर. जुबिन कहते हैं,

jubin nautiyal worship baba mahakal
बाबा महाकाल की शरण में जुबिन (ETV Bharat)

"देखिए मुझे तो पहले दिन से ये था कि मुझे शब्द अच्छे गाने हैं. मुझे कुछ ऐसा गाना है. मेरा ये मानना है कि गाने की धुन गाने को एक मकाम तक पहुंचा सकती है. लेकिन गाना अमर शब्दों की वजह सो होता है. शब्द बहुत जरूरी है. किसी भी संगीत के लिए या किसी वक्ता के लिए भी शब्दों का होना बहुत जरूरी है." जुबिन कहते हैं, "मेरे माता पिता ने हमेशा से मुझे डरा दिया था. मम्मी ने शुरुआत में ही कह दिया था कि पिटाई लगेगी अगर उल्टा पुल्टा गाना गाया तो."

एआई रूह को कैसे छू पाएगा आप बताइए

जुबिन नौटियाल से सवाल था एआई का अब संगीत में भी दखल है. एआई के जरिए पुरा गाना कम्पोज हो जाता है यहां तक की आवाज भी तैयार हो जाती है. टेकनॉलौजी का इस रूप में आना कितनी बड़ी चुनौती है. जुबिन ने कहा कि "कितना भी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल हो जाए, लेकिन कलाकार तभी बनता है. जब उसकी गायकी जोड़ती है. जब इंसान दूसरे इंसान से जुड़ता है. एआई कुछ भी कर ले रूह को तो नहीं छू पाएगा."

Last Updated : November 22, 2025 at 5:03 PM IST