ETV Bharat / state

धनबाद में महिला की मौत के बाद आपे से बाहर हुए परिजन, दोषी डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का लगाया आरोप

धनबाद में प्रसव के बाद घर ले जाते समय एक महिला की मौत हो गई. परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया है.

FAMILY DEMAND ACTION AGAINST DOCTOR
अस्पताल के बाहर प्रदर्शन करते मृतक के परिजन (Etv Bharat)
author img

By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : November 4, 2025 at 4:45 PM IST

3 Min Read
Choose ETV Bharat

धनबाद: डिस्चार्ज के बाद महिला और नवजात बच्चे को घर ले जाने के दौरान बीच रास्ते में ही महिला की मौत हो गई. जिसके बाद परिजन समेत ग्रामीण अस्पताल पहुंचे और जमकर हंगामा किया. सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची. इधर, परिजन डॉक्टर पर कार्रवाई और अस्पताल को सील करने की मांग पर अड़े रहे. साथ ही मुआवजा की मांग कर रहे हैं.

डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप

मामला सोमवार रात की है. सुबह होने के बाद भी लोग अस्पताल में कार्रवाई की मांग को लेकर अड़े हुए हैं. मौके पर गिरिडीह सांसद प्रतिनिधि भी मौजूद हैं. घटना बाघमारा थाना क्षेत्र के हरिणा रोड स्थित निजी अस्पताल की है. दरअसल, 9 दिन पहले रामकुंडा की रहने वाली गर्भवती महिला गीता देवी को प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था. सफल प्रसव के बाद बच्चे के साथ सोमवार को महिला को डिस्चार्ज कर दिया गया लेकिन रास्ते में ही महिला की मौत हो गई. जिसके बाद परिजन समेत ग्रामीण अस्पताल पहुंचे और हंगामा करने लगे.

महिला की मौत के बाद अस्पताल में हंगामा (Etv bharat)

बहन की तबीयत में नहीं हुआ था सुधार: भाई

मृत महिला के भाई ने बताया कि प्रसव के बाद उसकी सांस तेजी से चल रही थी, उसकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ था और बिना ठीक हुए ही उसे डिस्चार्ज कर दिया गया, जिस कारण घर ले जाने के दौरान उसकी मौत हो गई. भाई ने बहन की मौत के लिए डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है.

पीड़ित पक्ष की ओर से नहीं की गई है लिखित शिकायत

मौके पर मौजूद सब इंस्पेक्टर ने कहा कि रात से ही लोग हंगामा कर रहे हैं. पुलिस रात से ही अस्पताल में तैनात है. 26 तारीख को गर्भवती महिला को अस्पताल में प्रसव के लिए भर्ती कराया गया था, उसी दिन डिलीवरी कराई गई. सोमवार को डिस्चार्ज कर दिया गया. घर ले जाने के दौरान महिला की मौत हो गई. परिजन डॉक्टर पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. रात में लिखित शिकायत परिजन से मांगी गई लेकिन अब तक कोई लिखित शिकायत नहीं की गई है. पुलिसबल विधि व्यवस्था के लिए फिलहाल तैनात हैं.

वहीं सांसद प्रतिनिधि ने बताया कि अस्पताल में ना तो डॉक्टर है और ना ही प्रशिक्षित नर्स, जिस कारण आए दिन इस तरह की घटना होती है. अस्पताल का लाइसेंस भी नहीं है. सिविल सर्जन को फोन कर मामले की जानकारी दी गई है. उन्होंने जांच का आश्वासन दिया है.

अस्पताल और घटना की जांच के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सक को कहा गया है. सिविल सर्जन से जांच की प्रकिया को लेकर बात की है. मुआवजा को लेकर अस्पताल प्रबंधन के साथ परिजन की वार्ता कराई जाएगी. ऐसी घटना ना हो और लोगों की जान ना जाए, इसके लिए अस्पतालों के औचक निरीक्षण किए जाएंगे. मजिस्ट्रेट की नियुक्ति में अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया जाएगा: गिरिजानंद किस्कू, सीओ, बाघमारा

ये भी पढ़ें- पलामू में ऑपरेशन के बाद महिला की मौत, डॉक्टर मौके से हुआ फरार, अस्पताल सील

देवघर में प्रसव के बाद महिला की मौत, परिजनों ने निजी अस्पताल प्रबंधन पर लगाया लापरवाही का आरोप

गिरिडीह में पति ने की पत्नी की गला रेतकर हत्या, थाने में समझौता के बाद दोनों साथ में लौट रहे थे घर