सहारनपुर में ईसाई धर्म अपनाना परिवार को पड़ा महंगा, शव का अंतिम संस्कार करने से रोका
हिंदू धर्म में घर वापसी के बाद ही महिला के शव का हुआ अंतिम संस्कार संपन्न.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : February 27, 2026 at 4:19 PM IST
सहारनपुर: थाना कोतवाली देहात इलाके के गांव पिकी में तीन परिवारों को धर्म परिवर्तन करना उस वक्त महंगा पड़ गया, जब उस परिवार की एक महिला की मौत हो गई, तो लोगों ने शव का अंतिम संस्कार यह कहकर रोक दिया कि वे ईसाई घर्म की हैं. अपने शव को कब्रिस्तान ले जाए. इसके बाद गांव में हंगामा खड़ा हो गया.
धर्म में वापस आने के बाद अंतिम संस्कार: देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि मौके पर पुलिस पहुंचकर स्थिति को शांत कराया, लेकिन महिला का अंतिम संस्कार नहीं होने दिया गया. इसके बाद गांव में पंचायत बुलाई गई, जिसमें धर्म परिवर्तन करने वाले परिवार को हिंदू धर्म में वापस आने के बाद ही महिला के शव का अंतिम संस्कार संपन्न हो सका.
बता दें कि थाना देहात कोतवाली इलाके के गांव पीकी निवासी मामचंदी पत्नी रामसिंह की बीती गुरुवार की रात मौत हो गई थी. शुक्रवार को लोग शव का अंतिम संस्कार करने के लिए श्मसान ले जाने लगे तो गांव के लोगों ने मृतक के परिजनों को रोक दिया. गांव के लोगों का कहना कि जिन परिवारों के लोगों ने ईसाई धर्म अपना लिया है. उनको पहले से ही बिरादरी ने बहिष्कार कर दिया गया था.
रात हुई मामचंदी की मौत पर गांव में बिरादरी के लोगों द्वारा सुबह मंदिर में पंचायत कर लोगों को इकट्ठा किया गया और निर्णय लिया गया कि बिरादरी का कोई भी व्यक्ति मामचंदी के अंतिम संस्कार की यात्रा में शामिल नहीं होगा.
पंचायत के निर्णय लेने के बाद ईसाई धर्म में गए 13 परिवार में से 11 परिवारों ने वापस अपने धर्म को अपनाने की बात को स्वीकार कर लिया, जिसके बाद पंचायत में फैसला लिया कि अब शव का अंतिम संस्कार गांव के शमशान घाट में होगा. मृतक मामचंदी के बड़े बेटे सुरेंद्र का कहना है कि गांव के जिम्मेदार व बिरादरी के लोगों द्वारा पंचायत में आपसी सहमति हो गई है. शव का अंतिम संस्कार गांव के शमशान में ही होगा.
वहीं अभी दो परिवार ऐसे हैं, जिन्होंने ईसाई धर्म न छोड़ने से इंकार कर दिया है. जबकि गांव वाला का कहना है कि जल्द दो परिवारों को भी समझाकर जल्द ही इनकी भी वापसी अपने धर्म में कराई जाएगी.
एसपी सिटी व्योम बिंदल का कहना है कि गांव पिकी में महिला के अंतिम संस्कार करने को लेकर मामला संज्ञान में आया था, जिसको गांव की पंचायत में आपसी सहमति से सुलझा लिया गया है. गांव का माहौल शांत है.
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