ETV Bharat / state

DMF मद से नाली निर्माण कार्य मौके पर अधूरा लेकिन कागज में पूरा, GPM कलेक्टर ने जारी किया शो-कॉज नोटिस

DMF मद से जिला अस्पताल में हुए थे ड्रेनेज, सीवरेज के काम, कई जगह निर्माण अधूरा, कई जगह नालियों को जोड़ा भी नहीं गया

Fake work completion reports
DMF मद से नाली निर्माण कार्य मौके पर अधूरा लेकिन कागज में पूरा (ETV BHARAT CHHATTISGARH)
author img

By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : August 24, 2026 at 6:30 PM IST

3 Min Read
Choose ETV Bharat

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही. DMF मद से बने ड्रेनेज, सीवरेज जैसे काम पर गंभीर सवाल उठे हैं. दरअसल जिला चिकित्सालय परिसर में जिला खनिज न्यास मद से स्वीकृत 32.97 लाख रुपए का काम हुआ था. इस काम को दस्तावेजों में पूरा बताया गया लेकिन मौके पर नालियों का निर्माण अब भी कई जगह अधूरा है.

DMF मद से बने ड्रेनेज, सीवरेज जैसे काम पर गंभीर सवाल (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

जगह-जगह जलभराव और गंदगी

कई स्थानों पर नालियों को आपस में जोड़ा तक नहीं गया है. इसके कारण अस्पताल परिसर में बारिश के पानी की निकासी नहीं हो पा रही है. कई हिस्सों में जलभराव और गंदगी की स्थिति बनी हुई है. निर्माण एजेंसी, कार्य के मूल्यांकन और सत्यापन से जुड़े जिम्मेदार सवालों के घेरे में हैं.

कार्यस्थल पर लगे शिलापट्ट के अनुसार, वर्ष 2024-25 में जिला अस्पताल परिसर में ड्रेनेज एवं सीवरेज कार्य तथा टॉयलेट उन्नयन के लिए DMF मद से 32.97 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे. क्रियान्वयन एजेंसी ग्राम पंचायत सेमरा के सरपंच एवं सचिव को बनाया गया था. दस्तावेजों में कार्य अवधि 20 मई 2025 से 20 अगस्त 2025 तक दर्ज है. वहीं अंतिम मूल्यांकन राशि 29,95,451 रुपए दर्शाई गई है.

Fake work completion reports
GPM कलेक्टर ने जारी किया शो-कॉज नोटिस (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

दस्तावेजों में पूर्ण, मौके पर अधूरा

मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि कार्य दस्तावेजों में पूर्ण है तो अस्पताल परिसर में आज भी नालियां अधूरी क्यों हैं. नालियों का आपस में जुड़ाव नहीं होने से पानी की निकासी प्रभावित है. परिजन कक्ष के आसपास भी गंदगी और जलभराव की स्थिति बनी हुई है. इससे मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

कौन है जिम्मेदार?

दस्तावेजों में ग्राम पंचायत सेमरा के सरपंच तुफान सिंह धुर्वे, सचिव किशन राठौर, आरईएस एसडीओ श्याम दास मोहले और सब इंजीनियर अस्मिता बंजारे सहित संबंधित अधिकारियों के हस्ताक्षर दर्ज हैं. ऐसे में सवाल है कि अधूरे कार्य का निरीक्षण और मूल्यांकन किस आधार पर किया गया और कार्य को पूर्ण प्रमाणित करने में किन अधिकारियों की भूमिका रही.

Fake work completion reports
DMF मद से जिला अस्पताल में हुए थे ड्रेनेज, सीवरेज के काम, कई जगह निर्माण अधूरा (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

विद्युतीकरण की जांज भी जरूरी

दस्तावेजों में 2,89,993 रुपए के विद्युतीकरण कार्य का भी जिक्र है. इसे पूर्ण बताते हुए गुणवत्ता प्रमाण पत्र जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है. फाइल में ‘शिवम कंस्ट्रक्शन’ की ओर से लगाई गई विद्युत सामग्री की हस्तलिखित सूची और तस्वीरें भी अटैच बताई गई हैं. इसकी भी तकनीकी जांच जरूरी है.

मेरी जानकारी में कुछ पाइपलाइन और नालियों का काम हुआ था. पूरी नालियां नहीं है, कुछ-कुछ नालियां ही बनी है. कई जगह कार्य आज भी अधूरा है. परिजन कक्ष के पास भी ऐसे ही छोड़ दिए हैं- डॉ देवेंद्र पैकरा, सिविल सर्जन, जिला अस्पताल

शोकॉज नोटिस जारी

मामले में कलेक्टर विजय दयाराम के. ने इसे गंभीर बताया. उन्होंने कहा कि अस्पताल परिसर को स्वच्छ रखना सभी की जिम्मेदारी है. शिकायत मिलने के बाद ईई आरईएस से जांच कराई गई. जांच के बाद ग्राम पंचायत सेमरा के सचिव किशन राठौर, सरपंच तूफान सिंह धुर्वे, आरईएस एसडीओ श्याम दास मोहले और सब इंजीनियर अस्मिता बंजारे को शोकॉज नोटिस जारी किया गया है. कलेक्टर ने कहा कि संबंधितों से जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.

नेशनल हाइवे 45 पर यातायात रोकने का अनुरोध, लोक निर्माण विभाग ने जिला प्रशासन को भेजा पत्र
कोरबा में निगम क्षेत्र की सड़कें बदहाल, कांग्रेस ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, कहा- ठीक नहीं हुई तो करेंगे बाद आंदोलन
छत्तीसगढ़ में 48 घंटे तक मानसून की एक्टिविटी रहेगी तेज, तीन दिनों के लिए भारी बारिश का आरेंज और येलो अलर्ट