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'मैं 2018 बैच का दारोगा हूं'.. ऐसा कहते ही पुलिस ने फर्जी सब इंस्पेक्टर को किया गिरफ्तार, तीन साल से कर रहा था उगाही

अररिया में फर्जी सब इंस्पेक्टर को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. तीन साल से वर्दी पहनकर ठगी कर रहा था. जानें कैसे खुला राज.

Araria Fake Sub Inspector
अररिया में फर्जी दारोगा (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : November 25, 2025 at 7:57 AM IST

3 Min Read
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अररिया: बिहार के अररिया जिले में खुद को 2018 बैच का सब इंस्पेक्टर बताकर लोगों से उगाही करने वाले एक फर्जी दारोगा को नगर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है. आरोपी पुलिस की वर्दी पहनकर आमजन को धमकाता और ठगता था. पुलिस ने उसके पास से नकली पिस्टल, वर्दी और बाइक बरामद की है.

कैसे हुआ पुलिस को शक: पुलिस को सूचना मिली थी कि समाहरणालय परिसर में पुलिस की वर्दी पहने एक व्यक्ति संदिग्ध रूप से घूम रहा है. उसका हाव-भाव और बातचीत का तरीका पुलिसकर्मी जैसा नहीं लग रहा था. सूचना मिलते ही नगर थानाध्यक्ष मनीष कुमार रजक ने तुरंत टीम गठित की.

तलाशी के दौरान पकड़ा गया आरोपी: थानाध्यक्ष मनीष कुमार रजक के नेतृत्व में पुअनि अमरेंद्र सिंह, पुअनि ललित सिंह और सअनि पुष्कर सिंह की टीम समाहरणालय पहुंची. निर्वाचन कार्यालय के पास एक व्यक्ति दारोगा की वर्दी में बाइक से जा रहा था. पुलिस ने उसे रोका और नाम-पता पूछा तो उसने खुद को 2018 बैच का दारोगा रणवीर कुमार बताया.

पूछताछ में खुली पोल: जब पुलिस ने विभागीय सीनियर अधिकारियों के नाम, थाना कार्यप्रणाली, ट्रेनिंग और नियुक्ति से जुड़े सवाल किए तो आरोपी गोल-मोल जवाब देने लगा. कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाया. शक गहराते ही उसे हिरासत में लेकर नगर थाना लाया गया.

तीन साल से चल रहा था फर्जीवाड़ा: पूछताछ में आरोपी ने अपना असली नाम रणवीर कुमार बताया. वह मधेपुरा जिले के सिंघेश्वर दुधैला गांव का रहने वाला अर्जुन पासवान का पुत्र है. उसने कबूल किया कि पिछले तीन वर्षों से वह फर्जी सब इंस्पेक्टर बनकर आसपास के जिलों में ठगी कर रहा था. वर्दी की आड़ में सीधे-साधे लोगों को डरा-धमकाकर पैसे ऐंठता था.

पुलिस कार्यालय और हाइवे पर करता था शिकार: आरोपी पुलिस कार्यालयों के आसपास घूमता रहता था. पैरवी के नाम पर जनता दरबार में आने वाले लोगों से उनके काम कराने के बदले उगाही करता था. कभी हाइवे पर बाहर राज्य की गाड़ियों को रोककर चालान काटने की धमकी देकर पैसे वसूलता था. उसके पास मिली पिस्टल भी जांच में काले रंग का नकली लाइटर निकली.

क्या कहते हैं थानाध्यक्ष: नगर थानाध्यक्ष मनीष कुमार रजक ने बताया कि समाहरणालय परिसर से सब इंस्पेक्टर की वर्दी में घूम रहे व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है. पूछताछ में वह फर्जी दारोगा निकला जो अवैध वसूली करता था. उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और अनुसंधान जारी है.

"समाहरणालय परिसर से एक व्यक्ति को सब इंस्पेक्टर के वर्दी में गिरफ्तार किया गया है, जिससे पुछताछ के क्रम में पता चला कि वह फर्जी दारोगा बनकर लोगों से अवैध उगाही करता था."- मनीष कुमार रजक, नगर थानाध्यक्ष

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