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CRPF की वर्दी में शराब तस्करी का भंडाफोड़, पानीपत में 502 पेटी अवैध शराब बरामद

पानीपत में CRPF वर्दी पहनकर तस्करी करते दो आरोपी गिरफ्तार हुए हैं.

Panipat illegal liquor case
पानीपत में 502 पेटी अवैध शराब बरामद (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Haryana Team

Published : February 19, 2026 at 4:27 PM IST

3 Min Read
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पानीपत: पानीपत जिला पुलिस ने अवैध शराब तस्करों के एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया, जो सुरक्षा बलों की पहचान का गलत इस्तेमाल कर पुलिस को चकमा दे रहे थे. पुलिस ने सेक्टर 40 की पार्किंग से एक नीले रंग के कैंटर सहित दो युवकों को गिरफ्तार किया है, जो अर्धसैनिक बल (CRPF) की वर्दी पहनकर भारी मात्रा में अवैध शराब की तस्करी कर रहे थे. पकड़े गए दोनों आरोपी पानीपत के ही रहने वाले हैं. आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है.

मुखबिर से मिली सूचना पर की कार्रवाई: इस बारे में डीएसपी हेडक्वार्टर सतीश वत्स ने बताया कि, "मामला 18 फरवरी की शाम का है. CIA-1 के ASI अनिल कुमार की टीम टोल प्लाजा के पास गश्त पर थी, तभी मुखबिर से सूचना मिली कि दो व्यक्ति CRPF की वर्दी में नीले रंग के कैंटर में अवैध शराब लेकर सेक्टर 40 की पार्किंग में रुके हुए हैं. पुलिस ने तुरंत आबकारी निरीक्षक अरविंद डागर को सूचित किया और संयुक्त रूप से पार्किंग में छापेमारी की. कैंटर के पास पहुंचने पर पुलिस ने देखा कि आगे 'पुलिस' लिखा हुआ था और अंदर दो व्यक्ति अर्धसैनिक बल की वर्दी पहनकर आराम कर रहे थे. तलाशी लेने पर उनके पास से राजिन्द्र सिंह और सुखविन्द्र सिंह के नाम वाले CRPF के पहचान पत्र बरामद हुए."

CRPF की वर्दी में शराब तस्करी का भंडाफोड़ (ETV Bharat)

आरोपियों की पहचान: डीएसपी वत्स ने बताया कि, "दोनों से गहनता से पूछताछ करने पर पता चला कि दोनों पहचान पत्र फर्जी थे. आरोपियों की असली पहचान मोनू और संदीप के तौर पर हुई है. मोनू पानीपत के थाना बापौली क्षेत्र के गांव खोजकीपुर निवासी है, वो राजिन्द्र सिंह बनकर बैठा था. वहीं, संदीप पानीपत जिला के थाना समालखा क्षेत्र के गांव आटा का निवासी है, जो कि यह सुखविन्द्र सिंह बनकर बैठा था."

Panipat illegal liquor case
वर्दी में शराब तस्करी का भंडाफोड़ (ETV Bharat)

कैंटर से भारी मात्रा में शराब बरामद: डीएसपी वत्स ने आगे जानकारी देते हुए कहा कि, "आरोपियों ने कबूल किया है कि वे पुलिस और जनता को धोखा देने के लिए फर्जी आईकार्ड और वर्दी का इस्तेमाल करते थे, ताकि रास्ते में कोई उन पर शक न करे. जब आबकारी निरीक्षक की मौजूदगी में कैंटर का पिछला डाला खुलवाया गया, तो पुलिस के होश उड़ गए. कैंटर में भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब और बीयर भरी हुई थी. खास बात यह है कि आरोपियों ने तस्करी के सबूत मिटाने के लिए बोतलों से बैच नंबर हटा दिए थे."

आगे की कार्रवाई में जुटी पुलिस: पुलिस ने अवैध शराब, कैंटर, फर्जी आईकार्ड और वर्दी को कब्जे में ले लिया है. आरोपियों के खिलाफ Excise Act की धारा 61/4/20 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं 318(4), 338, 336(3), 340(2), 319(2) के तहत मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह शराब कहां से लाई गई थी और कहां सप्लाई होनी थी.

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