PTI भर्ती में बीपीएड की फर्जी डिग्री, दलालों के जरिए 2 लाख रुपए में सौदा, फर्जी खेल प्रमाण पत्र के मामले में बिचौलिया गिरफ्तार
सत्य साईं यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर मुकेश तिवाड़ी, परीक्षा नियंत्रक संजय राठौड़ और कंप्यूटर ऑपरेटर आनंद शर्मा को गिरफ्तार किया गया है.

Published : August 27, 2026 at 7:22 PM IST
जयपुर: राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने शारीरिक शिक्षक (पीटीआई) भर्ती में बीपीएड की फर्जी डिग्री के मामले में सीहोर (मध्यप्रदेश) की सत्य साईं यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर, परीक्षा नियंत्रक और कंप्यूटर ऑपेरटर को गिरफ्तार किया है. इनसे पूछताछ और दस्तावेजों व डिजिटल उपकरणों की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है. वहीं, एसओजी ने तृतीय श्रेणी अध्यापक भर्ती मामले में महिला अभ्यर्थी को ताइक्वांडो का फर्जी खेल प्रमाण पत्र मुहैया कराने के मामले में एक बिचौलिए को गिरफ्तार किया है.
जांच में सामने आया कि बीपीएड के अलावा इस यूनिवर्सिटी ने कई प्रोफेशनल कोर्सेज की भी फर्जी डिग्रियां जारी की है. रिकॉर्ड की फॉरेंसिक जांच में सामने आया कि कई अभ्यर्थियों को बीपीएड की डिग्री पहले दी गई और यूनिवर्सिटी के रिकॉर्ड में उनकी फीस बाद में जमा हुई. एक लाख रुपए फीस के तौर पर यूनिवर्सिटी के खाते में ऑनलाइन जमा हुए. जबकि इतने ही रुपए दलालों के जरिए फर्जी डिग्री देने के लिए गए. एसओजी के आईजी अजयपाल लांबा ने गुरुवार को एसओजी मुख्यालय पर प्रेस वार्ता कर यह खुलासा किया.
डिग्री फर्जी, डमी अभ्यर्थी बिठाकर पास की परीक्षा: एसओजी के आईजी अजयपाल लांबा ने बताया कि सीहोर (मध्यप्रदेश) स्थित सत्य साईं यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर मुकेश तिवाड़ी, परीक्षा नियंत्रक संजय राठौड़ और कंप्यूटर ऑपरेटर आनंद शर्मा को गिरफ्तार किया गया है. जबकि इस यूनिवर्सिटी से फर्जी डिग्री लेने वाले अभ्यर्थी भारमल को एसओजी पहले गिरफ्तार कर चुकी है. भारमल ने न केवल डिग्री फर्जी लगाई, बल्कि लिखित परीक्षा में डमी अभ्यर्थी बिठाकर परीक्षा पास की और नौकरी हासिल की. उसकी जगह डमी अभ्यर्थी के रूप में परीक्षा देने वाले आरोपी को भी एसओजी ने गिरफ्तार कर लिया है. इसके अलावा दो अन्य अभ्यर्थियों को फर्जी डिग्री के मामले में पकड़ा था.
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दो बार अलग-अलग यूनिवर्सिटी की डिग्री का जिक्र: उन्होंने बताया, सरकार की भर्ती परीक्षा में नकल एवं अन्य अनियमितताओं के विरुद्ध अपनाई गई जीरो टॉलरेंस नीति के तहत एसओजी लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रही है. राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड, जयपुर की ओर से 15 दिसंबर, 2022 को आयोजित शारीरिक शिक्षक भर्ती परीक्षा-2022 में अभ्यर्थी भारमल ने आवेदन किया था. आवेदन के समय उसने बीपीएड की डिग्री चूरू की ओपीजेएस यूनिवर्सिटी से जारी होना बताया. जबकि जांच में सामने आया की दस्तावेज सत्यापन में उसने सीहोर की सत्य साईं यूनिवर्सिटी की डिग्री पेश की.
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शिकायत मिली तो एसओजी ने की जांच: एसओजी ने एक शिकायत की जांच की तो सामने आया कि अभ्यर्थी भारमल राम ने भर्ती परीक्षा में अपनी जगह डमी अभ्यर्थी बिठाकर परीक्षा पास की और सरकारी पीटीआई बन गया. शिकायत मिलने पर एसओजी ने जांच की तो डिग्री भी फर्जी पाई गई. इसके बाद एसओजी ने मुकदमा दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया. भारमल की गिरफ्तारी के बाद सामने आया कि उसने दस्तावेज सत्यापन के समय सत्य साईं यूनिवर्सिटी की डिग्री पेश की. यह डिग्री बैकडेट में फर्जी तरीके से जारी की गई थी. जबकि आवेदन के समय उसने ओपीजेएस यूनिवर्सिटी की डिग्री होना बताया.
वारंट लेकर ली तलाशी, दस्तावेज-उपकरण जब्त: भारमल की डिग्री फर्जी होने की बात सामने आने पर एसओजी ने कोर्ट से वारंट लेकर सीहोर की सत्य साईं विश्वविद्यालय में तलाशी ली और रिकॉर्ड व कंप्यूटर डेटा जब्त किया. जब्त रिकॉर्ड एवं कंप्यूटर रिकॉर्ड का फॉरेंसिक फाइनेंशियल एक्सपर्ट से परीक्षण करवाया गया. जिसमें सामने आया कि विश्वविद्यालय द्वारा छात्र भारमल राम के नाम से दो अलग-अलग फीस संबंधी लेजर अकाउंट बनाए गए थे. फॉरेंसिक फाइनेंशियल ऑडिट में इन लेजर अकाउंट्स की प्रविष्टियों के बाद की तारीख में बनाए जाने तथा बैकडेट में रिकॉर्ड तैयार किए जाने के तथ्य सामने आए. जांच में सामने आया कि उसे पहले डिग्री जारी की गई. जबकि फीस बाद में जमा हुई.
गड़बड़ी सामने आने पर तीन गिरफ्तारियां: फॉरेंसिक जांच में यह भी सामने आया कि पीटीआई भर्ती परीक्षा का परिणाम 21 अक्टूबर, 2022 को जारी हुआ था. जबकि फीस संबंधी लेजर में प्रविष्टियां इसके बाद की गई. इस मामले में आईजी अजयपाल लांबा, डीआईजी भुवन भूषण यादव के सुपरविजन और एसपी कुंदन कंवरिया के नेतृत्व में अनुसंधान किया जा रहा है. अनुसंधान के दौरान विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड एवं डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर विश्वविद्यालय के कुलपति (Vice Chancellor) मुकेश तिवाड़ी, परीक्षा नियंत्रक संजय राठौड़ और कंप्यूटर ऑपरेटर आनंद शर्मा की आपराधिक भूमिका सामने आने पर तीनों को मंगलवार को गिरफ्तार किया था. तीनों तीन दिन की रिमांड पर हैं.
66 अभ्यर्थियों की डिग्री इसी यूनिवर्सिटी की: पीटीआई भर्ती में 66 अभ्यर्थियों ने सत्य साईं विश्वविद्यालय की डिग्री पेश की है. विश्वविद्यालय में बीपीएड की 100 सीटें अनुमोदित हैं. शारीरिक शिक्षक भर्ती परीक्षा-2022 से पूर्व के सत्रों में इस विश्वविद्यालय से बीपीएड करने वाले विद्यार्थियों में राजस्थान के अभ्यर्थियों की संख्या अत्यधिक होना भी अनुसंधान के दौरान संदेह का विषय सामने आया है. अनुसंधान में यह महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है कि शारीरिक शिक्षक भर्ती परीक्षा-2022 में कुल 66 अभ्यर्थियों द्वारा इस विश्वविद्यालय की बीपीएड डिग्री प्रस्तुत की गई. इनमें से अधिकांश डिग्रियों का बैकडेट में जारी होना प्रथम दृष्टया सामने आया है. इस संबंध में एसओजी द्वारा रिकॉर्ड एवं डिजिटल साक्ष्यों का विस्तृत अनुसंधान किया जा रहा है. इन 66 अभ्यर्थियों को नोटिस जारी कर पूछताछ की जाएगी.
दलाल ओमप्रकाश कस्वां गिरफ्तार: एसओजी के एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि फर्जी ताइक्वांडो खेल प्रमाण पत्र से जुड़े मामले में दलाल ओमप्रकाश कस्वां को गिरफ्तार किया गया है. वह चूरू जिले में जोगलसर गांव का रहने वाला है. फिलहाल, सुजानगढ़ में रहता है. उन्होंने बताया, कर्मचारी चयन बोर्ड, जयपुर द्वारा साल 2022 में तृतीय श्रेणी अध्यापक (लेवल-1) भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए. इस भर्ती में खेल कोटे से 2 प्रतिशत अभ्यर्थियों का चयन किया जाना था. वर्ष 2022 की शिक्षक भर्ती में ताइक्वांडो खेल प्रमाण-पत्र के आधार पर 38 अभ्यर्थियों द्वारा चयन सूची में स्थान प्राप्त किया गया. चयन के पश्चात इन अभ्यर्थियों ने शिक्षा विभाग द्वारा गठित चयन समिति के समक्ष राष्ट्रीय स्तर के ताइक्वांडो खेल के प्रमाण-पत्र प्रस्तुत किए थे.
दलालों के नेटवर्क से जुटाए प्रमाण पत्र: एसओजी थाना में दर्ज प्रकरण में किए गए अनुसंधान के दौरान यह तथ्य सामने आया कि अभ्यर्थियों द्वारा विभिन्न दलालों के माध्यम से फर्जी खेल प्रमाण-पत्र प्राप्त कर सरकारी नौकरी प्राप्त करने का प्रयास किया गया. इन प्रमाण-पत्रों के सत्यापन के संबंध में ताइक्वांडो फेडरेशन ऑफ इंडिया, धनबाद, झारखंड से प्राप्त सत्यापन रिपोर्ट और प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर की नियुक्ति शाखा को भेजे गए ई-मेल की जांच में फर्जी एवं कूटरचित ई-मेल आईडी के उपयोग की जानकारी सामने आई. इस संबंध में प्रकरण संख्या 98/2024, धारा 420, 467, 468, 471, 120बी आईपीसी एवं धारा 66डी आईटी एक्ट, 2000 (संशोधन-2008) में दर्ज किया गया.
फर्जी ईमेल से करवाया सत्यापन: इस मामले फर्जी ई-मेल आईडी के माध्यम से फर्जी सत्यापन रिपोर्ट भेजने वाले अभियुक्त बिमलेन्दु कुमार झा और उसके साथी कमल सिंह को पहले 7 मई 2025 को गिरफ्तार कर जेल भिजवाया जा चुका है. इसके बाद मुकदमे में नामजद 38 अभ्यर्थियों (अभियुक्तों) के संबंध में 12, 13 और 16 मार्च 2026 को प्रदेशभर में स्थानीय पुलिस के सहयोग से कार्रवाई करते हुए 21 अभ्यर्थियों (अभियुक्तों), तीन सहयोगियों और तीन दलालों को पहले गिरफ्तार किया जा चुका है.
बबीता से पूछताछ में नाम आया सामने: इस मामले में पूर्व में गिरफ्तार बबीता जाखड़ से अनुसंधान के दौरान महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए. अनुसंधान में पता चला कि बबीता जाखड़ ने लगभग चार साल पहले तृतीय श्रेणी अध्यापक भर्ती में खेल कोटे से सरकारी नौकरी हासिल करने के लिए ओमप्रकाश कस्वां से 7 लाख रुपए देकर 2016-17 में आयोजित 8th राष्ट्रीय सीनियर महिला एवं पुरुष ताइक्वांडो प्रतियोगिता का फर्जी प्रमाण पत्र हासिल किया. यह प्रतियोगिता 17 से 19 फरवरी, 2017 तक विशाखापत्तनम (आंध्रप्रदेश) में हुई थी. ओमप्रकाश ने बबीता से 7 लाख रुपए लिए. जिसमें से पांच लाख रुपए डेह (नागौर) निवासी रामचंद्र को देकर फर्जी ताइक्वांडो प्रमाण पत्र बनवाया और बबीता को मुहैया करवाया. आरोपी से पूछताछ में कई अहम जानकारी सामने आने की संभावना है.

