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गोविंद के दरबार में फागोत्सव: कलाकारों ने भक्ति, संगीत, नृत्य और पुष्पों से ठाकुर जी को रिझाया

गोविंद देव जी मंदिर में फाल्गुन शुक्ल दशमी यानी 26 फरवरी को लठमार होली का मंचन किया जाएगा.

Artists playing Holi with flowers
फूलों से होली खेलते कलाकार (ETV Bharat Jaipur)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : February 24, 2026 at 6:12 PM IST

3 Min Read
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जयपुर: छोटी काशी जयपुर के आराध्य देव श्री गोविंद देव जी मंदिर के दरबार में पारंपरिक फागोत्सव का मंगलवार को आगाज हुआ. फाल्गुन शुक्ल की अष्टमी, नवमी और दशमी को होने वाले इस उत्सव में दशकों पुरानी परंपरा फिर साकार हुई. यहां कलाकारों ने भक्ति, संगीत, नृत्य और पुष्पों से ठाकुर जी को रिझाया और श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया. गोविंद का दरबार मंगलवार को ब्रज के रंगों से सराबोर हो उठा.

फागोत्सव के संयोजक गौरव धामाणी ने बताया कि करीब पांच दशक से ये परंपरा निरंतर निभाई जा रही है. हर वर्ष की भांति इस बार भी वरिष्ठ कलाकार जगदीश शर्मा की टीम ने गणेश वंदना के साथ फागोत्सव का शुभारंभ किया. फिर कलाकारों ने सुरों और नृत्य से ठाकुर जी को रिझाया. ठाकुर जी के समक्ष फूलों की होली खेली गई. रंग-बिरंगे पुष्पों से सजे दरबार में कलाकारों ने फूलों की वर्षा की, तो वातावरण भक्तिरस से सराबोर हो उठा. इसके साथ ही कथक नृत्य की मनोहारी प्रस्तुति ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया. आयोजकों ने बताया कि इस बार कई नए और युवा कलाकारों को भी मंच प्रदान किया गया. जयपुर कत्थक केंद्र की ओर से नन्हे कथक कलाकारों को अवसर दिया गया, जिन्होंने ठाकुर जी के समक्ष अपनी मनोहारी प्रस्तुति देकर सराहना बटोरी.

गोविंद देव जी मंदिर में फागोत्सव (ETV Bharat Jaipur)

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दशमी को सजेगी लठमार होली: आयोजन की सबसे आकर्षक प्रस्तुति फाल्गुन शुक्ल दशमी यानी 26 फरवरी को होगी. इस दिन अविनाश शर्मा की टीम की ओर से ब्रज की प्रमुख लठमार होली का मंचन किया जाएगा. 70 से ज्यादा कलाकार एक साथ लठमार होली की पारंपरिक झांकी को साकार करेंगे. इसके अलावा चंग और ढाप की थाप पर भी लोक प्रस्तुतियां होंगी, जो फागोत्सव में लोक रंग घोलेंगी. विशेष आकर्षण के रूप में अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त लोक कलाकार गुलाबो सपेरा भी ठाकुर जी के दरबार में अपनी प्रस्तुति देंगी.

little artists also won accolades
नन्हें कलाकारों ने भी लूटी वाहवाही (ETV Bharat Jaipur)

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भक्ति और परंपरा का अनूठा संगम: गोविंद देव जी मंदिर में आयोजित ये फागोत्सव केवल रंगों का पर्व नहीं, बल्कि भक्ति, संस्कृति और परंपरा का उत्सव है. यहां हर प्रस्तुति ठाकुर जी की सेवा के रूप में दी जाती है, जिससे कलाकार और दर्शक दोनों ही आध्यात्मिक आनंद का अनुभव करते हैं. बहरहाल, ये परंपरा आज भी उसी उल्लास और श्रद्धा के साथ निभाई जा रही है, जो जयपुर की सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक धरोहर का उदाहरण पेश करती है.