पुरातात्विक स्थल सिरपुर को वर्ल्ड हेरिटेज में शामिल करने की तैयारी, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने किया निरीक्षण
छत्तीसगढ़ के पुरातात्विक स्थल सिरपुर का केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने दौरा किया.इस दौरान मंत्री ने सुविधाएं बढ़ाने के निर्देश अफसरों को दिए.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : January 1, 2026 at 5:45 PM IST
राहुल भोई,महासमुंद
महासमुंद : केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने छत्तीसगढ़ के पुरातात्विक स्थल सिरपुर का दौरा किया. केंद्रीय मंत्री के साथ संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल और डिप्टी सीएम विजय शर्मा भी मौजूद रहे. केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का सिरपुर हेलीपैड पर महासमुंद सांसद रूपकुमारी चौधरी, विधायक महासमुंद योगेश्वर राजू सिन्हा, कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, एसपी प्रभास कुमार ने आत्मीय स्वागत किया.
पुरातात्विक स्थलों का केंद्रीय मंत्री ने किया निरीक्षण
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने लक्ष्मण देवालय, आनंद प्रभु कुटी विहार, तीवरदेव विहार, सुरंग टीला एवं स्थानीय हाट बाजार का निरीक्षण किया. इसके बाद गंधेश्वर मंदिर पहुंचकर गंधेश्वर महादेव की पूजा अर्चना का. उन्होंने सिरपुर की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन की दृष्टि से महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सिरपुर भारत की प्राचीन धरोहर का एक महत्वपूर्ण केंद्र है, जिसे राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की आवश्यकता है.

सिरपुर में सुविधाएं जुटाने के दिए निर्देश
निरीक्षण के दौरान केंद्रीय मंत्री ने संरक्षण एवं संवर्धन कार्यों की प्रगति की जानकारी ली . इस दौरान संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुरातात्विक स्थलों की मूल संरचना को सुरक्षित रखते हुए आवश्यक सुविधाओं का विकास किया जाए. उन्होंने पर्यटकों की सुविधा के लिए बेहतर सड़क, साइन बोर्ड, सूचना केंद्र, स्वच्छता एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने पर भी जोर दिया.
सिरपुर में कनेक्टिविटी को बढ़ावा दिया जाएगा जिससे पर्यटन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी. मुझे यहां आकर गौरव की अनुभूति हो रही है.सिरपुर को वर्ल्ड हेरिटेज में शामिल करने प्रयास जारी है. यहां की ऐतिहासिक, पुरातत्विक और आध्यात्मिक नगरी हमारे समृद्ध संस्कृति और परम्परा का प्रतीक है.इसके संरक्षण और संवर्धन का कार्य किया जाएगा - गजेंद्र सिंह शेखावत, केंद्रीय पर्यटन मंत्री

सिरपुर के विकास के लिए केंद्र के साथ मिलकर काम
इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार सिरपुर के समग्र विकास के लिए केंद्र सरकार के साथ समन्वय बनाकर कार्य कर रही है. यह स्थल पर्यटन के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित कर सके.

सीएम विष्णुदेव साय ने भी किया स्वागत
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के छत्तीसगढ़ दौरे पर रायपुर आगमन के दौरान सीएम विष्णुदेव साय ने नवा रायपुर आवास में उनका स्वागत किया.
प्रभु श्रीराम के ननिहाल, माता कौशल्या की पावन धरा पर केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत जी का नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में आत्मीय स्वागत किया।
— Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) January 1, 2026
भगवान शिव को समर्पित, 11वीं शताब्दी का नागवंशी राजा गोपालदेव द्वारा निर्मित भोरमदेव मंदिर कारिडोर… pic.twitter.com/6BukTS8Ks5
क्यों प्रसिद्ध है सिरपुर ?
गौरतलब है कि सिरपुर का प्राचीन नाम श्रीपुर और श्रिपुरा था. सिरपुर महानदी के तट पर बसी एक प्राचीन नगरी है, जिसका इतिहास 5वीं से 12वीं सदी का है. यह दक्षिण कोसल का प्रमुख राजनीतिक, धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र रहा है. यहां हिंदू, बौद्ध और जैन तीनों धर्मों के तीर्थ, मठ, मंदिर और विहारों का दुर्लभ संग्रह मिलता है. खुदाई में यहां 22 शिव मंदिर, 5 विष्णु मंदिर, 10 बुद्ध विहार और 3 जैन विहार के अवशेष मिले हैं.

सबसे पुरातन हिंदू मंदिर
लक्ष्मण मंदिर सिरपुर का सबसे प्रसिद्ध और पुरातन हिंदू मंदिर है, जो 6वीं-7वीं सदी में बनाया गया था. यह भगवान विष्णु को समर्पित है और प्रमुख रूप से लाल ईंटों से निर्मित है. रानी वासटादेवी ने इसे अपने पति राजा हर्षगुप्त की स्मृति में बनवाया था. इसे एक प्रेम कथा का प्रतीक भी माना जाता है.
प्राचीन बौद्ध विहार की भव्यता
तिवरदेव विहार एक प्राचीन बौद्ध विहार है जो 7वीं-8वीं सदी का बताया जाता है. यह भी ईंटों से बना हुआ था और खुदाई में इसके अवशेष मिले हैं.बौद्ध संप्रदाय से जुड़ा यह विहार सिरपुर में बुद्ध के अनुयायियों के ध्यान, शिक्षा और धार्मिक क्रियाओं का केंद्र था.

बौद्ध मठ आनंद प्रभु कुटी
आनंद प्रभु कुटी विहार सिरपुर का एक प्रमुख बौद्ध स्थल है, जिसे भिक्षु आनंद प्रभु ने स्थापित किया था. यह विहार 14 कमरे वाला एक बड़ा बौद्ध मठ है, जिसमें एक मुख्य प्रवेश द्वार और सुंदर नक्काशीदार स्तंभ मिले हैं. यहां बुद्ध की एक विशाल मूर्ति और अन्य बौद्ध प्रतिमाएं हैं.
7वीं सदी का मंदिर सुरंग टीला
सुरंग टीला सिरपुर का एक अनोखा पुरातात्विक स्थल है, जिसमें प्राचीन काल के मंदिर के अवशेष मिले हैं. यह 7वीं सदी का मंदिर था, जिसमें 5 गर्भगृह पाए गए हैं. इन गर्भगृहों में शिवलिंग और गणेश की प्रतिमा स्थित हैं, जो इस धार्मिक स्थल की विविधता को दर्शाता है.
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