सोने-चांदी की ज्वैलरी खरीदने के लिए चेहरा ढकने पर लगी रोक; झांसी-अमेठी में नियम सख्ती से लागू, लखनऊ में कोई पाबंदी नहीं
लूटपाट के मामलों को देखते हुए झांसी में सर्राफा दुकानों में चेहरा ढकने पर रोक लगा दी गयी है. लखनऊ में सख्ती नहीं हो रही.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : January 8, 2026 at 4:43 PM IST
|Updated : January 8, 2026 at 5:23 PM IST
लखनऊ/झांसी (अपर्णा शुक्ला/एहसान अली): ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्ड फेडरेशन के आदेश के बाद सर्राफा दुकानों में चेहरा ढकने पर रोक लगाने का असर झांसी में दिखने लगा है. वहीं लखनऊ में यह आदेश बेअसर नजर रहा है.
लूटपाट के मामलों को देखते हुए बिहार में ज्वेलर्स एसोसिएशन ने बिहार की सर्राफा दुकानों में हिजाब, नकाब, बुर्का या घूंघट पहनकर आने वाली महिलाओं को प्रवेश देने पर रोक लगायी है. साथ ही मुरेठा या हेलमेट पहनकर आने वाले लोगों को भी दुकानों में एंट्री नहीं दी जा रही है.
झांसी में ज्वैलर्स ने लगाए पोस्टर्स: झांसी के सीपरी सर्राफा बाजार में सुरक्षा के मद्देनजर सर्राफा व्यापारियों ने बड़ा फैसला लिया है. झांसी में सीपरी बाजार सर्राफा व्यापार मंडल अध्यक्ष उदय सोनी ने कहा कि अब जेवरात खरीदने के लिए ग्राहकों को दुकान के अंदर चेहरा खोलना अनिवार्य होगा. सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सर्राफा व्यापारियों ने यह नियम बनाया है. बाजार की हर दुकान पर इसको लेकर पोस्टर भी लगाए गए हैं.
चेहरा खुला रखकर खरीददारी करने की अनुरोध: इन पोस्टर में ग्राहकों से अनुरोध किया गया है कि दुकान के अंदर चेहरा खुला रखकर खरीददारी करें. इन पोस्टर्स पर सीपरी थाना प्रभारी की मुहर के साथ-साथ सीपरी सराफा व्यापार मंडल के अध्यक्ष की भी मुहर लगा हुई है. सीपरी बाजार सर्राफा व्यापार मंडल अध्यक्ष उदय सोनी ने कहा कि सोने-चांदी के दाम बहुत तेजी से बढ़े हैं. कई बार लोग मुंह ढक कर दुकान में आते हैं और जेवारात चोरी करके भाग जाते हैं.
पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे लगाने को कहा: उदय सोनी ने कहा कि जब ज्वैलर्स रिपोर्ट दर्ज कराने पुलिस के पास जाते हैं, तो पुलिस ग्राहकों के बारे में पूछताछ करती है. चेहरा ढका होने की वजह से सीसीटीवी कैमरे भी मदद नहीं कर पाते हैं. शासन और प्रशासन ने सर्राफा कारोबारियों को दुकानों में अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए कहा है, लेकिन चेहरा ढका होने की वजह से कैमरे भी मददगार साबित नहीं होते हैं.

लखनऊ में नहीं है कोई पाबंदी: लखनऊ में फिलहाल यह नियम लागू नहीं किया गया है. ज्वैलरी एसोसिएशन के अध्यक्ष आदिश कुमार जैन ने कहा कि सोने की सुरक्षा और बढ़ा देनी चाहिए. लखनऊ तहजीब का शहर है. यहां महिलाओं से हिजाब, नकाब, बुर्का हटाने को कहने का मतलब होगा कि हम तहजीब को मिटा रहे हैं. यह करना संभव नहीं है.
जेवरात दिखाते समय बरती जा रही सावधानी: आदिश कुमार जैन ने कहा कि जब हम कोई सामान कस्टमर को दिखाते हैं, तो उससे पहले उतने सामान का वजन करके डायरी में लिख लेते हैं. फिर उसके बाद कस्टमर को दिखाना शुरू करते हैं. जब कस्टमर कहता है कि इनमें से कोई पसंद नहीं है. तब हम उस समान का वजन दोबारा करते हैं. वजन एक बराबर होता है, फिर उसे रख देते हैं. उसके बाद दूसरा सामान दिखाते हैं. इससे सुरक्षा रहती है.
सीसीटीवी कैमरा रहता है सामने: ज्वैलरी एसोसिएशन के अध्यक्ष ने कहा कि ज्वेलरी दुकान के बाहर और ज्वेलरी दुकान के अंदर जितने भी सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, उनके लिए एक स्क्रीन लगाई गयी है. इस स्क्रीन के माध्यम से दुकान का मालिक आने वाले ग्राहकों और हर गतिविधि पर नजर रखता है. दुकान के माालिक के न होने पर कोई कर्मचारी मॉनिटरिंग करता है, ताकि पता चल सके कि कोई चोरी तो नहीं कर रहा है.
बिहार में बुर्का-हिजाब, नकाब पहनने पर एंट्री बैन: ज्वैलरी एसोसिएशन के अध्यक्ष आदिश कुमार जैन ने कहा, कुछ लोग कस्टमर के रूप में आते हैं. दो-चार सामान देखते हैं, फिर धीरे से एक दो समान चोरी कर लेते हैं. जिसे वह बुर्का, हेलमेट, गमछा या अन्य जगह छिपा लेते हैं. जिससे चोरी का पता मौके पर नहीं चल पाता. इन महिलाओं का चेहरा भी नहीं देख पाते हैं, तो उन्हें ढूंढ पाना भी मुश्किल होता है. इसीलिए बिहार में यह नियम लागू किया गया है, लेकिन हमारे यहां फिलहाल यह नियम लागू नहीं है.
पुरुषों को लेकर बने हैं नियम: आदिश कुमार जैन ने कहा कि यहां पुरुषों के लिए नियम पहले से बना है. उन्हें हेलमेट को दुकान के अंदर लेकर आना माना है. इसी के साथ मंकी कैप या गमछा अन्य ऐसी सामग्री भी मना हैं. कस्टमर हमारे लिए बहुत खास होता है. हमें यहां बहुत प्यार से कस्टमर को संभालना होता है, ताकि उनको बुरा न लगे. लखनऊ में गंगा जमुना तहजीब है. सभी मिलजुल कर रहते हैं. यहां महिलाओं पर ऐसे नियम नहीं बनाएं जा सकते हैं. यह तहजीब की तौहीन होगी.
अमेठी में भी चेहरे ढके होने पर गहने देने पर रोक: अमेठी सर्राफा व्यापार मंडल के महामंत्री अरविंद सोनी ने बताया कि आए दिन सुनारों की दुकानों पर चोरियां हो जाती हैं. सीसीटीवी लगा होने के बावजूद भी पहचान नहीं हो पाती है. चेहरा ढका होने के चलते ऐसा होता है, इसीलिए हम लोगों ने निर्णय लिया है कि जो भी दुकान पर आए चेहरा ढक कर न आए. यह सिर्फ सुरक्षा कारणों से निर्णय लिया गया है. इसे कोई धर्म या जाति से जोड़ कर न देखा जाये.
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