भीषण गर्मी और हीटवेव का जानवरों पर भी असर, कोरबा के पाली में 100 से ज्यादा चमगादड़ों की मौत
नगर पंचायत पाली में 43 डिग्री के पार पहुंचा पारा, जानवरों की सेहत पर भी बुरा असर, गर्मी से हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ा

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : May 24, 2026 at 6:44 PM IST
कोरबा: भीषण गर्मी का असर न सिर्फ लोगों के सामान्य जनजीवन पर पड़ा है. बल्कि जानवर भी इससे बुरी तरह प्रभावित हैं. ऐसा ही एक मामला कोरबा के पाली से सामने आया जहां एक साथ लगभग 100 से अधिक चमगादड़ों की मौत हो गई. भीषण गर्मी और हीट वेव चमगादड़ की प्रजाति पर कहर बन कर टूट पड़ा.
पाली में 43 डिग्री तक पहुंचा पारा
औद्योगिक जिला होने के कारण कोरबा जिले में भी भीषण गर्मी का प्रभाव चल रहा है. 42-43 डिग्री सेल्सियस फिलहाल औसत तापमान है, जबकि अधिकतम तापमान 44 और 45 डिग्री सेल्सियस तक भी रिकॉर्ड किया गया है. नगर पंचायत पाली में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ था. इस दौरान क्षेत्र में हीट स्ट्रोक से बड़ी संख्या में चमगादड़ों की मौत हो गई है.

प्रवासी चमगादड़ आते हैं पाली
नगर पंचायत पाली के नौकोनिया तालाब के किनारे स्थित पेड़ों में हजारों की संख्या में चमगादड़ों ने डेरा बसेरा बनाया है. हर साल फरवरी मार्च में बड़ी संख्या में प्रवासी चमगादड़ आकर तालाब के किनारे पर डेरा जमाते हैं. इस वर्ष भी प्रवासी चमगादड़ की संख्या काफी बढ़ी है. जिससे प्रकृति, पर्यावरण और पक्षी प्रेमी खुश थे. तालाब के किनारे स्थित वृक्षों पर सैकड़ों चमगादड़ गुच्छों में लटके दिखे लेकिन इस बीच बड़ी संख्या में मौत से लोग चिंतित भी हैं.
42 डिग्री से ऊपर का तापमान चमगादड़ों के लिए जानलेवा
पाली में चमगादड़ों के द्वारा तालाब के ऊपर उड़ान भरना और उनकी जल क्रीड़ा करना लोगों को आकर्षित करता है. लेकिन चमगादड़ 42- 43 डिग्री का गर्म तापमान झेल नहीं पा रहे हैं और पेड़ों से पके फल की तरह निर्जीव होकर नीचे टपक रहे हैं. बड़ी संख्या में पेड़ों के नीचे चमगादड़ मृत देखे जा सकते हैं. यह स्थिति पाली के अलावा कई गांव में भी बड़े तालाबों के किनारे स्थित पेड़ों के नीचे दिख रही है. बड़ी संख्या में चमगादड़ की मौत पर वन विभाग को सूचित किया गया है.

