Sriganganagar Crime : लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर चल रहा रंगदारी नेटवर्क बेनकाब, 91 लाख नकद जब्त, 4 गिरफ्तार
इस राशि का इस्तेमाल हथियारों की खरीद, गैंग की गतिविधियों के संचालन और फरार अपराधियों की मदद में किया जाता था.

Published : December 31, 2025 at 9:42 PM IST
श्रीगंगानगर: राजस्थान में संगठित अपराध के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. जिले के रायसिंहनगर क्षेत्र में एक कार से 91 लाख रुपये की नकदी बरामद कर पुलिस ने रंगदारी के एक बड़े और संगठित नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है. चार आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया है. जांच में खुलासा हुआ है कि यह नेटवर्क कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई और आरजू बिश्नोई गैंग से जुड़ा हुआ है. इसे राजस्थान में रंगदारी रकम के संगठित ट्रांसफर से जुड़ा संभवतः पहला बड़ा मामला माना जा रहा है.
पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन ने बताया कि रायसिंहनगर में नाकेबंदी के दौरान एक लग्जरी कार को रोका गया. तलाशी में कार से कुल 90 लाख 84 हजार 900 रुपये नकद बरामद हुए. कार में सवार कुलदीप कुमार, अमन कुमार और रामस्वरूप को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया. शुरुआती पूछताछ में पता चला कि यह रकम जोधपुर से लाई गई थी और श्रीगंगानगर जिले के विभिन्न व्यक्तियों तक पहुंचाई जानी थी.
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जांच में सामने आया कि आरोपी लंबे समय से रंगदारी की रकम को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने का काम कर रहे थे. इस नेटवर्क का मकसद व्यापारियों और कारोबारियों को जान से मारने की धमकी देकर मोटी रकम वसूलना था. वसूली गई राशि एक तय चैनल के जरिए गैंग के शीर्ष सदस्यों तक पहुंचाई जाती थी. एसपी के अनुसार कुलदीप कुमार के भांजे अक्षय कुमार का संपर्क साहिल उर्फ शंटी से था, जो लॉरेंस बिश्नोई और आरजू बिश्नोई गैंग के लिए काम करता है. इसी कड़ी में अक्षय भी आरजू बिश्नोई के नेटवर्क से जुड़ गया. बाद में अक्षय ने अपने मामा कुलदीप कुमार के पुत्र योगेश कुमार को भी गैंग से जोड़ लिया. योगेश के निर्देश पर ही जोधपुर से रंगदारी की यह रकम रायसिंहनगर लाई जा रही थी.
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उन्होंने बताया कि जांच में यह भी पता चला कि वसूली गई रकम सूरतगढ़ निवासी मनीष बिश्नोई के जरिए कुलदीप और योगेश तक पहुंचती थी, जहां से यह आगे साहिल और आरजू बिश्नोई गैंग के गुर्गों को भेजी जाती थी. इस रकम का इस्तेमाल हथियारों की खरीद, गैंग की गतिविधियों के संचालन और फरार अपराधियों की मदद में किया जाता था.
तीन आरोपी गिरफ्तार: पुलिस ने कुलदीप कुमार, उसके पुत्र योगेश कुमार, अमन कुमार और रामस्वरूप को गिरफ्तार कर लिया है. जोधपुर में रकम भेजने वाले आरोपी जयराम तक भी पुलिस पहुंच चुकी है. पुलिस ने मामले की गहराई तक जाने के लिए एक विशेष जांच टीम बनाई है. एसपी के मुताबिक इस नेटवर्क के तार कई राज्यों से जुड़े होने की आशंका है और आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं.

