10 लाख की रंगदारी मांगने वाला पूर्व कर्मचारी निकला साजिशकर्ता, कर्ज ने बनाया अपराधी
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी सूरज पहले शिकायतकर्ता की कंपनी में नौकरी कर चुका था.


Published : September 2, 2026 at 7:32 PM IST
|Updated : September 2, 2026 at 10:49 PM IST
नई दिल्ली: रोहिणी जिले के बेगमपुर इलाके में कारोबारी से 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के मामले का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है. मामले में एक 15 वर्षीय किशोर को भी कानून के तहत पकड़ा गया है. पुलिस के मुताबिक रंगदारी की साजिश का मुख्य आरोपित कारोबारी की कंपनी में पहले काम कर चुका था. ऑनलाइन गेमिंग और जुए के कारण उस पर करीब पांच लाख रुपये का कर्ज हो गया था. कर्ज चुकाने के लिए उसने अपने साथियों के साथ मिलकर रंगदारी की साजिश रची.
ज्वाइंट सीपी विजय सिंह के मुताबिक, पुलिस की टीम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी जांच और स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के आधार पर आरोपितों तक पहुंच बनाई. पुलिस ने रंगदारी की रकम देने के बहाने आरोपितों को रिठाला मेट्रो स्टेशन के पास बुलाकर जाल बिछाया. यहां मोटरसाइकिल से पहुंचे दो आरोपितों को दबोच लिया गया. पूछताछ और उनकी निशानदेही पर कथित तौर पर साजिश में शामिल तीसरे किशोर को भी पकड़ लिया गया.
10 लाख की रंगदारी मांगने वाला पूर्व कर्मचारी निकला साजिशकर्ता
पुलिस के अनुसार, सेक्टर-23 रोहिणी निवासी विकास तायल को 29 अगस्त की रात करीब 8:10 बजे एक मोबाइल नंबर से लगातार तीन धमकी भरे फोन आए थे. फोन करने वाले ने कारोबारी से 10 लाख रुपये की मांग की और रकम नहीं देने पर उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी. कॉल करने वालों ने खुद को नीरज बवाना गिरोह से जुड़ा होने का दावा किया था. इसके बाद 30 और 31 अगस्त को भी कारोबारी को धमकी भरे कॉल किए गए.
FIR दर्ज कर जांच शुरू: शिकायत मिलने के बाद बेगमपुर थाने में BNS की धारा 308(2) के तहत FIR दर्ज कर जांच शुरू की गई. गिरफ्तार आरोपितों की पहचान बेगमपुर निवासी सूरज (26) और किशन (18) के रूप में हुई है. तीसरा आरोपित 15 वर्षीय किशोर है, जिसकी पहचान पुलिस ने सार्वजनिक नहीं की है.
जुआ-ऑनलाइन गेमिंग के कर्ज ने बनाया अपराधी
जांच में सामने आया कि सूरज पहले शिकायतकर्ता की कंपनी में नौकरी कर चुका था. पुलिस का आरोप है कि ऑनलाइन गेमिंग और जुए में करीब पांच लाख रुपये गंवाने के बाद उस पर कर्ज हो गया था. इसके बाद उसने पैसे जुटाने के लिए रंगदारी की योजना बनाई. पुलिस के मुताबिक, सूरज और किशन ने बवाना इलाके से कथित तौर पर एक मोबाइल फोन छीना था और उसी मोबाइल का इस्तेमाल रंगदारी मांगने में किया गया.
पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से एक मोटरसाइकिल, दो मोबाइल फोन और दो चोरी के सिम कार्ड बरामद किए हैं. अब पुलिस कॉल डिटेल रिकॉर्ड, डिजिटल डिवाइस और सिम कार्ड के स्रोत की जांच कर रही है. पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस वारदात में कोई अन्य व्यक्ति तो शामिल नहीं था. मामले में आगे की जांच जारी है.
अंतरराज्यीय नशीले पदार्थों के नेटवर्क का पर्दाफाश
दिल्ली क्राइम ब्रांच ने असम पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय नशीले पदार्थों के नेटवर्क से जुड़े एक कथित सप्लायर को नरेला इलाके से गिरफ्तार किया है. आरोपी की पहचान 27 वर्षीय अपूर्व ठाकुर के रूप में हुई है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी पर दिल्ली से असम तक साइकोट्रॉपिक टैबलेट की सप्लाई करने वाले नेटवर्क से जुड़े होने का संदेह है. जांच में उसके कथित संबंध प्रतिबंधित संगठन ULFA(I) के एक सक्रिय कैडर से भी सामने आए हैं. हालांकि, इन कड़ियों की पुलिस द्वारा अभी विस्तृत जांच की जा रही है.
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