EXPLAINER: छोटे कारोबारियों की बड़ी ताकत बन रही पीएम स्वनिधि योजना, जानिए रायपुर के आंकड़े और कैसे उठा सकते हैं लाभ
योजना से 50 हजार तक का मिल सकता है लोन, छोटे व्यवसायियों की बदल रही जिंदगी, प्रवीण सिंह की रिपोर्ट

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : June 27, 2026 at 12:15 PM IST
रायपुर. कोविड-19 महामारी के दौरान जब रेहड़ी-पटरी, ठेला-गुमटी और छोटे व्यवसायों पर संकट के बादल मंडरा रहे थे, तब केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की शुरुआत की. आज यह योजना रायपुर में हजारों परिवारों के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता का मजबूत माध्यम बन चुकी है. नगर निगम रायपुर के आंकड़े बताते हैं कि 32 हजार से अधिक हितग्राहियों को बिना गारंटी ऋण देकर उनके व्यवसाय को नई गति दी गई है.
लोन के साथ आजीविका सुरक्षित करना उद्देश्य
रायपुर नगर निगम के अपर आयुक्त लोकेश्वर साहू के अनुसार इस योजना से ठेला-गुमटी संचालक, सब्जी विक्रेता, फेरीवाले और अन्य छोटे कारोबारी आर्थिक मदद प्राप्त कर सकते हैं. योजना का उद्देश्य केवल ऋण देना नहीं, बल्कि छोटे व्यवसायियों की आजीविका को सुरक्षित रखना और उन्हें फिर से खड़ा करना था.
बिना गारंटी आसान ऋण की सुविधा
इस योजना की खास बात है कि ऋण प्राप्त करने के लिए किसी प्रकार की थर्ड पार्टी गारंटी की आवश्यकता नहीं होती. पात्र हितग्राही नगर निगम के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. इससे गरीब और कम पढ़े-लिखे लोगों को भी आसानी से योजना का लाभ मिल रहा है.
तीन चरणों में मिलता है आर्थिक सहयोग
प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना को इस तरह तैयार किया गया है कि लाभार्थी धीरे-धीरे अपने व्यवसाय का विस्तार कर सकें. पहले चरण में 15 हजार रुपए का ऋण दिया जाता है. समय पर भुगतान करने पर दूसरे चरण में 25 हजार रुपए और तीसरे चरण में 50 हजार रुपए तक का लोन प्राप्त किया जा सकता है. यह व्यवस्था लाभार्थियों को वित्तीय अनुशासन सिखाने के साथ-साथ उनके व्यवसाय को आगे बढ़ाने का अवसर भी प्रदान करती है.
कैसे पा सकते हैं लोन-
1. नगर निगम कार्यालय में इसके लिए निर्धारित पदाधिकारी हैं
2. नगर निगम में जाकर पूरी योजना की जानकारी ली जा सकती है
3. योजना के सभी प्रारूप को समझने के बाद आप अपना आवेदन जमा कर सकते हैं.
4. आवेदन रायपुर नगर निगम की वेबसाइट या फिर https://pmsvanidhi.mohua.gov.in/ वेबसाइट पर ऑनलाइन कर सकते हैं.
5. इसके लिए बहुत ज्यादा कागजातों की जरूरत नहीं है.
6. इसके लिए शिक्षा के स्तर का कोई मापदंड नहीं है.
7. जिस काम को करना चाहते हैं उसकी जानकारी देनी होगी.
8. नगर निगम के जिस क्षेत्र में काम करना चाहते हैं उसकी जानकारी देनी होगी.
9. यदि आप काम कर रहे हैं और उसे बड़ा करना चाहते हैं तो उसकी जानकारी देनी होगी.
10. यदि आप काम को शुरु करने जा रहे हैं तो भी उसकी जानकारी देनी होगी.
11. इसके लिए काम के अनुभाव को कोई आधार नहीं रखा गया है.

रायपुर में योजना का शानदार प्रदर्शन
24 जून 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार रायपुर नगर निगम क्षेत्र में योजना के तीनों चरणों के लिए 53,593 का लक्ष्य निर्धारित किया गया है और अब तक 37,512 पात्र आवेदन प्राप्त हो चुके हैं. इनमें से 32,843 आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं और 32,279 हितग्राहियों को लोन भी दिया जा चुका है. योजना के तहत अब तक कुल 50.98 करोड़ रुपए की राशि लाभार्थियों तक पहुंचाई गई है. कुल लक्ष्य के मुकाबले योजना की प्रगति 60.22 फीसदी तक पहुंच चुकी है.
प्रथम ऋण में सबसे अधिक हितग्राही लाभान्वित
योजना के प्रथम चरण में 42,016 के लक्ष्य के मुकाबले 25,192 पात्र आवेदन प्राप्त हुए. इनमें से 21,982 आवेदन स्वीकृत हुए और 21,630 हितग्राहियों को ऋण वितरित किया गया. इस चरण में 22.83 करोड़ रुपए का वितरण किया गया है. यह दर्शाता है कि बड़ी संख्या में छोटे व्यवसायियों ने योजना पर भरोसा जताया है.

दूसरे और तीसरे चरण में बढ़ा भरोसा
जो लाभार्थी समय पर ऋण चुकाने में सफल रहे, उन्हें दूसरे और तीसरे चरण का लाभ भी मिला. द्वितीय ऋण चरण में 90.36 प्रतिशत और तृतीय ऋण चरण में 99.25 प्रतिशत प्रगति दर्ज की गई है. यह बताता है कि लाभार्थी न केवल ऋण का सदुपयोग कर रहे हैं, बल्कि समय पर भुगतान कर आगे की पात्रता भी प्राप्त कर रहे हैं.

क्या है पात्रता?
लोकेश्वर साहू का कहना है कि योजना का लाभ लेने के लिए उच्च शिक्षा या विशेष योग्यता की आवश्यकता नहीं है. कोई भी पात्र व्यक्ति जो ठेला लगाना चाहता हो, सब्जी बेचना चाहता हो या छोटा व्यवसाय शुरू करना चाहता हो, इस योजना का लाभ उठा सकता है. यही कारण है कि यह योजना समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए रोजगार का मजबूत साधन बनकर उभरी है.

छोटे कारोबारियों के लिए उम्मीद की किरण
प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना ने यह साबित किया है कि समय पर मिली छोटी आर्थिक सहायता भी बड़े बदलाव की वजह बन सकती है. रायपुर में हजारों लोगों ने इस योजना की मदद से अपना रोजगार शुरू किया, कारोबार बढ़ाया और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत की. बढ़ते आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि यह योजना छोटे व्यवसायियों को आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है.
यानी प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत रायपुर नगर निगम ने अब तक 50.98 करोड़ रुपये का ऋण वितरित कर हजारों रेहड़ी-पटरी और छोटे कारोबारियों को आर्थिक मजबूती दी है. हालांकि, कुछ आवेदन अब भी लंबित हैं, जिन्हें जल्द निपटाने की दिशा में प्रक्रिया जारी है. लक्ष्य है कि वर्ष 2030 तक योजना के अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों तक इसका लाभ पहुंचाया जाए.
प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना से स्वालंबी बनता रायपुर
रायपुर नगर निगम द्वारा योजना के कुल हितग्राही लगभग 37512 हैं. पहले बिना गारंटी के इस तरह का काम करने वाले लोगों के सूद पर पैसा लेना होता था जिसका ब्याज भी बहुत ज्यादा था. योजना के कुछ प्रतिशत को छोड़ दे तो जो लोग इमानदारी से काम कर रहे हैं उसमें 2 लाख लोगों की आजीविका सीधे तौर पर चल रही है. आर्थिक स्थित में बदलाव के साथ ही सामाजिक स्तर भी बदल रहा है.

