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हिंदुस्तान अब नया भारत बन रहा है, छत्तीसगढ़ उसका आधार बन रहा है, देश को 30 ट्रिलियन के इकोनॉमी बनाने में टॉप-10 में होगा राज्य: अमर परवानी

देश प्रदेश की इकोनॉमी और इंडस्ट्रियल पॉलिसी पर CAIT के वाइस प्रेसिडेंट ने बेबाक राय दी है. भूपेंद्र दुबे की रिपोर्ट

CAIT VICE PRESIDENT INTERVIEW
कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन ट्रेडर्स के वाइस प्रेसिडेंट अमर परवानी (ETV BHARAT)
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By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : August 22, 2026 at 8:49 PM IST

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Updated : August 22, 2026 at 8:59 PM IST

15 Min Read
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रायपुर: देश 2047 तक 30 ट्रिलियन की इकोनॉमी को लक्षित कर योजनाओं पर कार्य कर रहा है. देश की इकोनॉमी में राज्यों की भूमिका क्या होगी, राज्यों की जीडीपी उद्योग और व्यापार जगत इसमें कितना योगदान करेंगी. ईटीवी की इस पड़ताल में छत्तीसगढ़ 2047 तक किस इकोनॉमी को प्राप्त कर सकता है.

इसके लिए क्या योजना है? छत्तीसगढ़ के व्यवसायी वर्ग इसके लिए क्या सोचता है? इसके लिए क्या जो बदलाव किया जा रहा है उससे आर्थिक विकास को गति मिलेगी और इसकी योजना कैसी है? इसे लेकर कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन ट्रेडर्स के वाइस प्रेसिडेंट अमर परवानी ने ईटीवी भारत से बात करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ लगातार विकास के तरफ आगे बढ़ा है. हम लोग लगातार आगे जा रहे हैं. 2047 तक देश के विकास में छत्तीसगढ़ की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी.

अमर परवानी से खास बातचीत (ETV BHARAT CHHATTISGARH)
सवाल: 30 ट्रिलियन की इकोनॉमी तक पहुंचाने के लिए छत्तीसगढ़ में जो हो रहा है उसे आप कैसे देख रहे हैं?

जवाब: कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन ट्रेडर्स के वाइस प्रेसिडेंट अमर परवानी ने कहा कि जहां छत्तीसगढ़ के कंट्रीब्यूशन की बात है, जहां हम 30 ट्रिलियन के इकोनॉमी की बात करते हैं अगर उसके परिप्रेक्ष्य में हम देखें तो छत्तीसगढ़ लगातार काम करते चला आ रहा है. छत्तीसगढ़ में सबसे बड़ी बात और ट्रांसपोर्टेशन ऑफ इकोनॉमी की चर्चा शुरू हो गई है, पहले शहर से अर्थव्यवस्था गांव की तरफ जाती थी लेकिन अब गांव की अर्थव्यवस्था शहर की तरफ आ रही है यह बहुत बड़ा बदलाव है. किसानों की समृद्धि लगातार बढ़ रही है उनकी खरीदने की क्षमता लगातार बढ़ रही है इससे बाजार बड़ा हो रहा है.

अगर इंडस्ट्री पॉलिसी की बात करें तो जो इंडस्ट्री पॉलिसी 2030 आई है. वह 2047 को टारगेट करके आई है उसे देखकर यही लगता है कि सरकार की मंशा 30 ट्रिलियन इकोनॉमी की तरफ पहुंचने की है. हमारे जो ट्रेडिशनल बिजनेस हैं चाहे वह सीमेंट के हैं स्टील के हैं या फिर चावल के हैं उस ट्रेडिशनल इंडस्ट्री को पूरे तौर पर सेफ करते हुए भविष्य की जो योजनाएं हैं उस पर काम करने की योजना को तैयार किया गया है. इसके अलावा हमारे यहां नई औद्योगिक संरचना को जो खासतौर से भविष्य की संरचना है उसको लेकर के जो आईटी को प्लग-इन करने की बात है चिप्स यूनिट आ रही है, टेक्सटाइल यूनिट्स पर काम हो रहा है. सोलर के ऊपर काम हो रहा है उसके अलावा बड़े ब्रांड के जो होटल हैं वह आ रहे हैं. उनसे टाइअप हो रहे हैं. बड़ी यूनिवर्सिटीज आ रहे हैं. जो एजुकेशन स्ट्रक्चर को मजबूत करेंगे. अस्पताल और हेल्थ इंफ्रा को मजबूत करने का काम किया जा रहा है.

अमर परवानी ने कहा, छत्तीसगढ़ में कनेक्टिविटी पर भी खूब काम किया जा रहा है. चाहे वह एयर कनेक्टिविटी की बात हो. रोड कनेक्टिविटी की बात हो. या फिर ट्रेन कनेक्टिविटी की बात हो. जिससे हमारे गुड्स ट्रांसपोर्टेशन में दिक्कत ना आए उसे लेकर अभी तेजी से काम किया जा रहा है. जो इकोनॉमी को बूस्ट करने का एक मजबूत तरीका है और इससे हमारे संरचना भी और विकसित होगी. हमारे पास कोई पोर्ट नहीं था लेकिन अब विशाखापट्टनम से भारतमाला परियोजना के तहत जो सड़क जुड़ रही है उसे हमें इसकी सुविधा भी मिल जाएगी, इससे हमें और ज्यादा तेजी से काम करने में सहूलियत मिलेगी. स्टेट कैपिटल रीजन को जो बनाने की बात चल रही है जिसमें रायपुर, नवा रायपुर, भिलाई, दुर्ग, राजनांदगांव को जोड़कर जो बनाने की योजना चल रही है यह विकास को और गति देगा.

अमर परवानी ने कहा कि बस्तर हमारे लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि है. पूरे विश्व में अगर पर्यटन संरचना को देख लिया जाए तो उससे बेहतर हमें एक संसाधन मौजूद है. नक्सली समाप्ति के बाद दिल्ली हो या फिर छत्तीसगढ़ सभी जगह पर बस्तर की चर्चा है, जो फॉरेस्ट प्रोड्यूस है वह बहुत महत्वपूर्ण हैं. आयरन और टूरिज्म दोनों अगर देखें तो भगवान की बहुत बड़ी कृपा है, छत्तीसगढ़ के लिए बस्तर बहुत बड़ी भूमिका अदा करेगा 30 ट्रिलियन की इकोनॉमी को भारत को पहुंचाने के लिए.

सवाल: पर्यटन को लेकर सरकार बहुत ज्यादा फोकस है, संरचना को विकसित करने की जो अवधि है वह बहुत ज्यादा है कैसे देखते हैं?

जवाब: देखिए इस मामले में मेरी सोच थोड़ा आपसे अलग है अगर आप इंडस्ट्रियल पॉलिसी को देखेंगे तो पूरी इंडस्ट्रियल पॉलिसी ही एम्पलायमेंट बेस बनाई गई है. आप इन्वेस्टमेंट करेंगे इस आधार पर आपको इंसेंटिव नहीं मिलेगा, आप इन्वेस्टमेंट के बाद कितने लोगों को रोजगार देंगे इस आधार पर आपको सरकार इंसेंटिव देगी. यदि आप 500 लोगों के लिए रोजगार दे रहे हैं तो उसके लिए क्या इंसेंटिव है 1000 लोगों को रोजगार दे रहे हैं तो उसके लिए क्या योजना है अगर 1000 से ज्यादा लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा आप कर सकते हैं, तो आप सरकार के साथ बैठ कर यह नेगोशिएट कर सकते हैं कि आपको उस इंडस्ट्री पॉलिसी में किस तरह की और सुविधा चाहिए, सरकार उसे देने को तैयार है.

देखिए अपॉइंटमेंट को मैं दूसरे तरीके से भी देखता हूं छत्तीसगढ़ का जो इंडस्ट्रियल स्ट्रक्चर है उसमें वैल्यू एडिशन नहीं होने के कारण हमारा जीएसटी कलेक्शन बहुत नीचे रहता था. क्योंकि हम अपने सारे उत्पाद को दूसरे राज्यों में एक्सपोर्ट कर देते थे. जिस तरीके से आईटी सेक्टर में चीज बदली है अब हमारे यहां एंप्लॉयमेंट जेनरेशन भी बढ़ेगा. जब बड़े अपॉइंटमेंट यहां आएंगे तो बाजार की परचेसिंग कैपेसिटी भी मजबूत होगी और उसे आर्थिक संरचना और मजबूती से आगे जाएगी.

सवाल- अवसर जो मजबूत हो नीतियां जो टिकाऊ हो जिस तरह से छत्तीसगढ़ में नीतियां बन रही है उसके दूरगामी परिणाम कैसे होंगे या उन नीतियों को लेकर आप क्या सोचते हैं?

जवाब: कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन ट्रेडर्स के वाइस प्रेसिडेंट अमर परवानी ने कहा, अभी हम 30 ट्रिलियन की इकोनॉमी की बात कर रहे हैं और जो वर्तमान संरचना है उसे हम 30 ट्रिलियन के इकोनॉमी नहीं पहुंच के 27 ट्रिलियन की इकोनॉमी तक पहुंचाते हैं. या फिर हम 32 या 35 ट्रिलियन की इकोनॉमी तक पहुंच जाएंगे. आपका डायरेक्शन क्लियर है. डायरेक्शन आपका साफ है और स्टेट में वह गवर्नमेंट है जो सेंट्रल और स्टेट में एक साथ हैं, दोनों एक विजन के साथ काम कर रहे हैं.

छत्तीसगढ़ में युवा पहलू की बात करें तो छत्तीसगढ़ भारत से और युवा है तो ऐसे में छत्तीसगढ़ के ग्रोथ को रोकने के लिए कोई ऐसा पैरामीटर नहीं है, आपको जो चाहिए वह आपके पास है. देखिए कर हमारे पास है, फैक्ट्री हमारे पास है, हम स्टील बना कर बाहर भेज देते हैं . बहुत दिनों से इस बात की चर्चा हो रही थी कि इसमें वैल्यू एडिशन होना चाहिए.

वैल्यू एडिशन का सबसे बड़ा फॉर्मूला आप सिंगूर के बाद गुजरात में गए टाटा फैक्ट्री को देख लीजिए टाटा सबसे बड़ी फैक्ट्री के रूप में वहां गई. उसके जाने से क्या हुआ कि बहुत सारे दूसरे सामान को बनाने वाले लोग वहां पहुंचे. कोई गिलास बनाने वाला, कोई विंडशील्ड बनाने वाला, कोई गियर बॉक्स बनाने वाला, कोई दूसरे मोटर पार्ट्स बनाने वाला. यह तमाम चीजों के जाने से वहां रोजगार के बहुत सारे अवसर पैदा हुए. जिसे वहां की अर्थव्यवस्था को और मजबूत किया इस तरह से अब छत्तीसगढ़ में भी वैल्यू एडिशन की चीज शुरू हुई है तो बहुत सारी चीज यहां भी बनेंगे जिस रोजगार के ज्यादा अवसर पैदा होंगे.

अमर परवानी ने कहा कि विशाखापट्टनम से हमारी रोड कनेक्टिविटी बढ़ जाने के बाद हम डायरेक्ट पोर्ट पर आ गए हैं. ऑटोमोबाइल की जितनी बड़ी इंडस्ट्री लगी है वह पोर्ट बेस लगाई गई है, ट्रेडिशनल सेक्टर को छोड़ दीजिए तो अब जितनी भी नई औद्योगिक संरचनाओं लग रही हैं वह पोर्ट के किनारे लग रही हैं. इसकी वजह है एक तो ट्रांसपोर्टेशन का रेट कम होना. दूसरा आसानी से उसका परिवहन हो पाना.

एक्सपोर्ट जो कंपनियां नहीं करती हैं जो सिर्फ भारत के लिए व्यवसाय करते हैं उनका लॉजिस्टिक कॉस्ट बहुत ज्यादा आता है. हिंदुस्तान में छत्तीसगढ़ के लॉजिस्टिक कॉस्ट को देखते हैं तो हम हायर साइड में आते हैं. अगर हम छत्तीसगढ़ में कोई यूनिट लगते हैं तो इससे लगे हुए 8 राज्यों में हम अपने सामान की सप्लाई कर सकते हैं जिसके लिए हमारा खर्च कम आएगा. इसी तरह के दो संरचना का विकास छत्तीसगढ़ में हो भी रहा है और सरकार के साथ इस पर काम भी किया जा रहा है.

सवाल: युवा शक्ति की बात होती है और युवा आज सरकार के लिए चुनौती भी पड़े हैं. जिस तरह की शिक्षा है, जिस तरह की व्यवस्था है रोजगार के उतने अवसर नहीं है, 2047 तक पहुंचने में एक बड़ी रुकावट यह क्षेत्र भी होगा?

जवाब: छत्तीसगढ़ के 40 से 45 लोकेशन पर हम अपनी औद्योगिक संरचना को लगा रखे हैं. जिसमें 1000 प्लस एम्पलाई हमारे साथ काम कर रहे हैं. अच्छे टैलेंट को हम लगातार खोजते हैं. हमारे यहां से जो बच्चे पढ़कर निकल रहे हैं वह ज्यादा फोकस सरकारी नौकरी के लिए लगे रहते हैं. सिर्फ सरकारी नौकरी अगर आप बात करते हैं तो पूरे विश्व की कोई सरकार सबको नौकरी नहीं दे सकती है. लेकिन अगर आप रिटेल ट्रेड की बात करते हैं. मार्केटिंग ट्रेड की बात आप करते हैं तो हां बड़े रोजगार के अवसर हैं. छत्तीसगढ़ में इस बार जो औद्योगिक नीति बनी है वह रोजगार आधारित ही बनाई गई है. मैं अभी बस्तर गया था वहां से मैं लौट के आया हूं बस्तर में इतना लोगों का आवागमन हो गया है. बचा हुआ बस्तर आपको विकास के लिए बहुत बड़ा अवसर देने वाला है, उसके बाद का क्षेत्र सरगुजा का है वहां भी आपको बहुत संभावनाएं हैं.

सवाल: बस्तर को विकसित करने के लिए प्रति व्यक्ति खर्च बहुत ज्यादा है ऐसे में बस्तर के विकास को आप कैसे देख रहे हैं?

जवाब: अमर परवानी ने कहा कि हमें क्लीन स्लेट मिला है जो बस्तर के रूप में है अब उस बस्तर को जैसा लिखना चाहे लिख सकते हैं. जैसा बनना चाहे हम बना सकते हैं. बस्तर जिस विकास से वंचित था अब वहां बहुत कुछ मिल रहा है जहां पर अधिकारी जाने से डरते थे वहां पर वित्त मंत्री, वन मंत्री, गृह मंत्री सहित तमाम लोग जा रहे हैं. पदाधिकारी वहां पर जा रहे हैं . तो वहां की आर्थिक विकास के लिए जो बुनियादी संरचना है उसको विकसित करने का काम किया जा रहा है. यहीं से बस्तर के बदलाव की सबसे बड़ी बात शुरू हो रही है. देश के गृहमंत्री अमित शाह खुद इस चीज को ड्राइव किए हैं जहां कोई जाना नहीं चाहता था अब वहां पर बदलाव आ रहा है. वहां पर औद्योगिक विकास होगा औद्योगिक संरचना के कारण वहां पर चीजें बदलेंगीस उसके अलावा जो मीडियम स्केल इंडस्ट्री है वह भी चीजों को बदलेंगी. जिले का जो व्यवसायी निवेश करना चाहता था लेकिन दूसरे कारणों से वह नहीं कर पाया वह लोग भी उसमें आगे बढ़ेंगे और यही से बस्तर की आर्थिक संरचना को गति मिलेगी.

सवाल: जो पॉलिसी बनाई गई और जिस निवेश की बात कही जा रही है क्या इस पॉलिसी से निवेश वहां तक पहुंचेगा?

जवाब: कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन ट्रेडर्स के वाइस प्रेसिडेंट अमर परवानी ने कहा कि जो पॉलिसी बनाई जा रही है उसमें परिवर्तन भी हो सकता है. आज जो पॉलिसी बनाई गई है वह आज की न्यूज़ है और यह जो पॉलिसी बनाई गई है इसमें सरकार लगातार यह कह रही है कि आवश्यकता होने पर इसमें परिवर्तन करेंगे. आज की जो जरूरत है उसके अनुसार आज की पॉलिसी बनाई गई है. आज के 5 साल बाद जो जरूरत होगी उसके अनुसार उसमें परिवर्तन होगा. सरकार इस बात को कह रही है. यह 2030 तक के लिए डायरेक्शन के आधार पर तैयार किया गया है 2030 के बाद जो स्थितियां बनेगी उसके बाद फिर तीन-चार साल 5 साल के लिए एक डायरेक्शन तय करके पॉलिसी तैयार की जाएगी. तो यह समय और जरूरत के अनुसार बदलता रहेगा. उस समय की क्या जरूरत होगी पॉलिसी उसके आधार पर निर्धारित होगी. हम वैल्यू एडिशन में इंटर करना शुरू कर दिए हैं कि जैसे-जैसे मजबूत होगा छत्तीसगढ़ की आर्थिक संरचना मजबूत होती चली जाएगी और फिर हम कहां पहुंचेंगे इसकी कल्पना बहुत बड़े तौर पर की जा सकती है.

अमर परवानी ने कहा कि आर्थिक संरचना में बदलाव के लिए बड़े काम किया जा रहे हैं पहले देश में 80 परसेंट खिलौने इंपोर्ट किए जाते थे आज हम 30 से 40% खिलौने एक्सपोर्ट कर रहे हैं. आज से 3 से 4 साल पहले हम मोबाइल इंपोर्ट करते थे. लेकिन आज जिस तरीके के हालात बने हैं उसमें हम मोबाइल एक्सपोर्ट कर रहे हैं जो यह बताता है कि हमारी आर्थिक संरचना हमारी मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री कितनी मजबूत हुई है. हिंदुस्तान अब नया भारत बन रहा है.

सवाल: छत्तीसगढ़ एक नया छत्तीसगढ़ बने, 5 ऐसे कौन से पैरामीटर है जिन पर काम करने की जरूरत है, एक उद्योगपति के नजरिया से आप इसे कैसे देखते हैं?

जवाब: अमर परवानी ने कहा कि सरकार को पूरा फोकस वैल्यू एडिशन पर करना चाहिए. फूड प्रोसेसिंग पर हम कितना बेहतर काम कर सकते हैं. वन उपज पर हम क्या कर सकते हैं टूरिज्म में हम कितना बेस्ट कर सकते हैं. टूरिज्म के लिए कनेक्टिविटी को हम कितना मजबूत कर सकते हैं यह बहुत महत्वपूर्ण है. हमारे बच्चों को ज्यादा से ज्यादा रोजगार मिले जिसके कारण छत्तीसगढ़ की परचेसिंग पावर मजबूत हो. ग्रीन एनर्जी पर जो हमारा फोकस है. चाहे सोलर हो या फिर हाइड्रोजन में है इस पर हमें ज्यादा मजबूत होकर के काम करने की जरूरत है. हमारा जो इंडस्ट्रियल एरिया है उसको मजबूत करने की जरूरत है तो की बाहर से कोई आए तो उसे लगे कि वहां निवेश करने के अवसर मजबूत हैं.

सवाल: छत्तीसगढ़ के लिए चुनौतियां कैसी हैं?

जवाब: देखिए विजन इन प्लेस है. डायरेक्शन इन प्लेस है. पॉलिसी इन प्लेस है. अब इसमें इंप्लीमेंटेशन टीम इसे कितना बेहतर तरीके से करती है इस पर बहुत बड़ा विकास निर्भर करता है. जिन अधिकारियों से हमारी मुलाकात होती है जो काम करने का तरीका है उसमें बहुत कुछ बदला है. उनके नजरिया भी बदले हैं और यह छत्तीसगढ़ के लिए बहुत बड़ी बात है.

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Last Updated : August 22, 2026 at 8:59 PM IST