हाय रे ऐसी हार! कोई 27 तो कोई 30 पर आउट, जानें 11 सीटों का दिलचस्प मुकाबला
बिहार चुनाव में कई प्रत्याशियों की कश्ती किनारे पर पहुंचकर डूब गई. कोई 27 वोट से तो कोई 30 वोट से हारा. जानें दिलचस्प मुकाबला

Published : November 15, 2025 at 7:34 PM IST
पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए ने रिकॉर्ड जीत दर्ज की है. 243 सीटों वाले विधानसभा में एनडीए ने 202 सीटें हासिल कर एक बार फिर मजबूत जनादेश प्राप्त किया है. महागठबंधन को महज 35 सीटें मिली हैं जबकि 6 सीटें अन्य दलों के खाते में गई हैं. नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार की जोड़ी इस चुनाव में भी हिट साबित हुई और पूरे प्रदेश में एनडीए के पक्ष में जबरदस्त लहर दिखाई दी.
अंडरकरंट ने बदल दिया समीकरण: राजनीतिक विशेषज्ञ प्रवीण बागी के अनुसार चुनाव में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की 125 यूनिट फ्री बिजली योजना, छात्राओं के लिए छात्रवृत्ति और जीविका समूह की महिलाओं को ₹10000 की आर्थिक सहायता जैसी योजनाओं ने अंडरकरंट की तरह काम किया.
"इन योजनाओं की वजह से एनडीए को ग्रामीण क्षेत्रों में अप्रत्याशित समर्थन मिला. यही कारण रहा कि तमाम एग्जिट पोल गलत साबित हुए और एनडीए को भारी बहुमत मिला."- प्रवीण बागी, राजनीतिक विशेषज्ञ
करीबी मुकाबलों का सच: बड़े नतीजों के बीच भी चुनाव में 11 सीटें ऐसी रहीं जहां जीत-हार का अंतर 1000 वोट से भी कम में तय हुआ. कई जगहों पर मुकाबला इतना कड़ा था कि कुछ सीटों पर अंतर 30 वोट से भी कम रहा. इन सीटों ने पूरे चुनाव को रोमांचक बना दिया और आखिरी राउंड तक प्रत्याशी और कार्यकर्ताओं की धड़कनें बढ़ाए रखीं.
100 वोट से कम के अंतर वाली सीटें-
सिर्फ 27 वोट का अंतर: संदेश विधानसभा सीट पर जेडीयू के राधाचरण शाह ने राजद के दीपू सिंह को मात्र 27 वोट से हराया. राधाचरण शाह को 80598 वोट मिले जबकि दीपू सिंह को 80571 वोट प्राप्त हुए. यह पूरे राज्य में सबसे कम अंतर वाली सीट रही.
30 वोट से पलटी बाजी: रामगढ़ सीट पर बसपा उम्मीदवार सतीश यादव ने भाजपा के अशोक सिंह को 30 वोट के बेहद मामूली अंतर से हराया. सतीश यादव को 72689 वोट मिले जबकि अशोक सिंह को 72659 वोट मिले. इस सीट पर हर राउंड में उतार-चढ़ाव का सिलसिला चलता रहा.
97 वोट का अंतर: अगिआंव सीट पर भाजपा उम्मीदवार महेश पासवान ने माले के शिव प्रकाश रंजन को 97 वोट से मात दी. महेश पासवान को 69412 और शिव प्रकाश रंजन को 69317 वोट प्राप्त हुए. इस सीट पर अंतिम राउंड तक नतीजा पर सबकी नजर बनी रही.
100 से 500 वोट के बीच का फासला-
112 वोट की जीत: नबीनगर विधानसभा में जेडीयू के चेतन आनंद ने राजद के अमोद चंद्रवंशी को 112 वोट से हराया. चेतन आनंद को 80380 वोट मिले जबकि अमोद चंद्रवंशी को 80268 वोट प्राप्त हुए. इस सीट पर मुकाबला आखिरी मिनट तक कड़ा रहा. चेतन आनंद के लिए यह सीट प्रतिष्ठा की बनी हुई थी.
178 वोट का अंतर: ढाका सीट पर राजद के फैसल रहमान ने भाजपा प्रत्याशी पवन जायसवाल को 178 वोट से हराया. फैसल रहमान को 112727 और पवन जायसवाल को 112549 वोट मिले. इस सीट पर अल्पसंख्यक और पिछड़ा वर्ग के वोटों ने निर्णायक भूमिका निभाई.
221 वोट से जीत: कांग्रेस के मनोज विश्वास ने फारबिसगंज सीट पर भाजपा के विद्यासागर को 221 वोट के अंतर से मात दी. मनोज विश्वास को 120114 और विद्यासागर को 119893 वोट प्राप्त हुए. इस सीट पर कांग्रेस ने अप्रत्याशित प्रदर्शन किया.
389 वोट का अंतर: लोजपा रामविलास की संगीता देवी ने AIMIM उम्मीदवार मोहम्मद आदिल हसन को 389 वोट से हराया. संगीता देवी को 80549 और आदिल हसन को 80070 वोट मिले. यह सीट पिछले दो चुनावों से लगातार नजदीकी मुकाबलों का केंद्र रही है.
500 से 1000 वोट के बीच की सीटें-
602 वोट से जीत: कांग्रेस के अभिषेक रंजन ने भाजपा के उमाकांत सिंह को 602 वोट से हराया. अभिषेक रंजन को 87538 और उमाकांत सिंह को 86936 वोट प्राप्त हुए. यह सीट कांग्रेस के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बनी रही.
793 वोट का अंतर: जहानाबाद विधानसभा में राजद के राहुल कुमार ने जेडीयू के चंदेश्वर प्रसाद को 793 वोट से मात दी. राहुल कुमार को 86402 और चंदेश्वर प्रसाद को 85609 वोट मिले. अंतिम दो राउंड ने वोटों की गिनती को रोमांचक बनाया.
881 वोट से जीत: बोधगया में राजद के कुमार सर्वजीत ने लोजपा रामविलास के श्याम देव पासवान को 881 वोट से हराया. सर्वजीत को 100236 और श्याम देव पासवान को 99355 वोट मिले. इस सीट पर अंतिम दो राउंड में राजद ने बढ़त बनाई. हार के बाद श्याम देव पासवान मतगणना केंद्र पर धरने पर कुछ समय के लिए बैठ गए थे.
981 वोट का अंतर: लोजपा रामविलास के अरुण कुमार शाह ने राजद के अनिरुद्ध कुमार को 981 वोट से हराया. अरुण शाह को 88520 जबकि अनिरुद्ध कुमार को 87539 वोट प्राप्त हुए.
पूरे राज्य में रही एनडीए की लहर: हालांकि पूरे बिहार में एनडीए की लहर चली, लेकिन इन 11 सीटों ने चुनाव की रोचक तस्वीर पेश की. प्रवीण बागी बताते हैं कि मामूली अंतर से हुए नतीजे इस बात का प्रमाण हैं कि बिहार की राजनीति में हर एक वोट मायने रखता है. यह चुनाव लोकतंत्र की उस बारीकी को दर्शाता है जहां थोड़े-से अंतर से पूरा समीकरण बदल सकता है.
ये भी पढ़ें
बिहार में सबसे निचले स्तर पर मुस्लिम प्रतिनिधित्व, सिर्फ ये 11 विधायक ही बना सके अपनी जगह
मोहम्मद शहाबुद्दीन के अंदाज में नजर आए ओसामा शहाब, छत पर चढ़कर लोगों का किया अभिवादन
बिहार के प्रमंडलवार नतीजों ने सबको चौंकाया, जानें कहां-कहां महागठबंधन का सूपड़ा हुआ साफ

