मथानिया में पूर्व विधायक दिव्या मदेरणा का धरना समाप्त, थानाधिकारी को फील्ड से हटाने की मांग पर बनी सहमति
मथानिया नगर पालिका में नामांकन के बाद विधायक भैराराम सियोल के RO चेंबर में जाने पर पूर्व विधायक दिव्या मदेरणा ने पूरी रात धरना दिया.

Published : September 1, 2026 at 9:09 AM IST
|Updated : September 1, 2026 at 11:24 AM IST
जोधपुर : पूर्व विधायक दिव्या मदेरणा की अगुवाई में प्रशासन व पुलिस के बीच हुई बातचीत के बाद धरना समाप्त हो गया. मथानिया में चल रहा पूर्व विधायक दिव्या मदेरणा का धरना वार्ता के बाद समाप्त हो गया. प्रशासन के साथ हुई बातचीत में मतदान के दिन मथानिया थानाधिकारी को फील्ड में न रखने की मांग पर सहमति बन गई है. इसके बाद मदेरणा धरना खत्म कर रवाना हुईं. नामांकन का समय खत्म होने के बाद वर्तमान विधायक भैराराम सियोल के रिटर्निंग ऑफिसर (RO) के चेंबर में प्रवेश करने के मामले ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया था. पूर्व विधायक दिव्या मदेरणा ने इस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए अपने समर्थकों के साथ मथानिया निर्वाचन कार्यालय के बाहर मोर्चा खोल दिया और पूरी रात धरने पर बैठी रहीं.
पूर्व विधायक ने वार्ता के बाद बताया कि रिटर्निंग आफिसर की कमियों के चलते अब चुनाव प्रक्रिया में जोधपुर से एडीएम भी उनके साथ रहेंगे. आज नामांकन की छानबीन में भी एडीएम मौजूद रहेंगे. साथ थानाधिकारी तुलसी के खिलाफ जांच होगी. वह मतदान तक अपने थाने का नियमित कार्य करेगी, किसी तरह की चुनाव से जुड़ी कार्यवाही में शामिल नहीं होगी. मतदान के दिन किसी तरह का चुनाव से जुड़ा काम नहीं करेगी. किसी पोलिंग बूथ पर नहीं जाएगी. इसके लिए अतिरिक्त व्यवस्था पुलिस को करनी है जो वो करेंगे. दिव्या मदेरणा ने जनसमूह से कहा कि निष्पक्ष चुनाव के लिए यह जरूरी हैं.
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विवाद की शुरुआत सोमवार दोपहर 3 बजे के बाद हुई, जब ओसियां विधायक भैराराम सियोल रिटर्निंग ऑफिसर के कक्ष में पहुंचे. दिव्या मदेरणा का आरोप है कि मथानिया थानाधिकारी तुलसी खुद प्रोटोकॉल तोड़कर विधायक को रिसीव करने पहुंचीं और उन्हें भीतर लेकर गईं, जो सीधे तौर पर चुनाव आचार संहिता और नियमों का खुला उल्लंघन है. इसी बात को लेकर पूर्व विधायक ने मौके पर थानाधिकारी को जमकर खरी-खोटी सुनाई.
इससे पहले कई पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी उन्हें समझाने पहुंचे, लेकिन गतिरोध खत्म नहीं हुआ. इस दौरान एडीसीपी नरेंद्र सिंह देवड़ा और दिव्या मदेरणा के बीच तीखी बहस भी हुई. जब अधिकारी ने कहा कि धरने से काम बाधित हो रहा है, तो दिव्या ने दो टूक जवाब देते हुए कहा कि प्रशासन चाहे तो उन पर राजकार्य में बाधा का केस दर्ज कर ले.
सियोल के तंज से भड़की दिव्या! : दिव्या मदेरणा के विधायक बलराम सियोल के रिटर्निंग ऑफिसर के कक्ष में जाने का विरोध करने और वहां धरना देने की जानकारी मिलने पर विधायक भैराराम ने अपने समर्थकों के सामने यह कहते हुए तंज कसा था कि दिव्या मदेरणा को पूरी रात धरने पर बैठना चाहिए, कांग्रेस ने सत्ता सुख ही लिया है. हम तो कई धरने, विरोध कर चुके है. दिव्या मदेरणा मौके पर डीसीपी के आने की मांग पर अड़ी रहीं और सोशल मीडिया के जरिए अपनी बात रखी. लगातार समझाइश के प्रयासों के बावजूद इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और मामले को शांत करने के लिए उच्च अधिकारियों के हस्तक्षेप की संभावना जताई जा रही है.

