ETV Bharat रियलिटी चेक; लखीमपुर खीरी में रात होते ही पुलिस चौकियों पर पसरा सन्नाटा, जानिए कोतवाली की 10 चौकियों का हाल
रामापुर चौकी प्रभारी ने नाराज होकर कहा, हम तो गुलाम हैं और दोबारा कमरे में चले गए. करीब दो घंटे बाद रोडवेज चौकी पर मिले.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : January 5, 2026 at 7:38 PM IST
|Updated : January 5, 2026 at 8:52 PM IST
लखीमपुर खीरी (विनीत कुमार गुप्ता) : सीएम योगी ने हाल ही में कहा था, जनता का भरोसा ही पुलिस की सबसे बड़ी ताकत है और इसे जमीन पर मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है. सीएम योगी का कहना है कि पुलिस को हम समय अलर्ट रहना चाहिए. लेकिन जिले की पुलिस पर यह आदेश लागू नहीं होता. रात होते ही पुलिस चौकियां खाली हो जाती हैं. कुछ जगह तो होमगार्ड और पीआरडी जवान ही पुलिस चौकियों को संभालते हैं.
सर्द रात, तापमान 8 डिग्री और समय 10 से 2 बजे तक. ईटीवी भारत की टीम पुलिस की मुस्तैदी का हाल जानने निकली. पुलिस की सक्रियता का जायजा लिया. वर्दी की हमदर्दी ढ़ूंढ़े नहीं मिली और मित्र पुलिस नींद के आगोश में नजर आई. हालांकि कुछ ड्यूटी पर थे तो थोड़ा सा ही सही भरोसा जगा...आप भी देखें ETV BHARAT का 10 चौकियों का रियलिटी चेक.
लखीमपुर खीरी जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र में आने वाली रामापुर, सेठ घाट, महेवागंज, संकटा देवी, जेल गेट, मिश्राना, रोडवेज, राजापुर, खीरी चौकी, थाना खीरी और सदर कोतवाली का देर रात पड़ताल की गई. शहर के अधिकांश एंट्री प्वाइंट्स पर न तो पुलिस की गश्त दिखाई दी और न ही चौकियों पर पुलिस कर्मी मौजूद मिले.
टीम जब रोडवेज, जेल गेट, मिश्राना, खीरी चौकी, महेवागंज, सेठघाट, संकटा देवी और राजापुर पहुंची, तो ज्यादातर जगहों पर केवल एक होमगार्ड या पीआरडी जवान ही ड्यूटी संभालते दिखे. कई चौकियों पर तो पुलिसकर्मी सोते हुए या अपने कमरों में आराम फरमाते नजर आए. हालांकि नौरंगाबाद चौराहे और सेठघाट के एंट्री प्वाइंट पर पुलिस कर्मी मुस्तैद रहे, जबकि महेवागंज पुलिस चौकी प्रभारी अपनी टीम के साथ गश्त करते हुए मिले.
पहली पड़ताल: कस्बा खीरी पुलिस चौकी (रात 10:23 बजे)
पड़ताल की शुरुआत खीरी थाना क्षेत्र के कस्बा खीरी पुलिस चौकी से हुई. चौकी के बाहर कुर्सी और मेज पड़ी थी, लेकिन वहां एक भी पुलिस कर्मी मौजूद नहीं था. चौकी के मुख्य द्वार पर कुंडी लगी मिली. जानकारी करने पर पता चला कि चौकी प्रभारी संजय कुमार यादव अवकाश पर हैं और चार्ज एक महिला कर्मचारी के पास है, लेकिन वह भी उस समय ड्यूटी पर नजर नहीं आईं.

दूसरी पड़ताल: थाना खीरी (रात 10:42 बजे)
थाना खीरी की तस्वीर बिल्कुल अलग दिखी. थाना प्रभारी निरीक्षक निराला तिवारी ड्यूटी पर मुस्तैद मिले. एसओ गश्त को लेकर जवानों को निर्देश देते नजर आए. यहां लगभग पूरा स्टाफ मौजूद था, जो जिले की अन्य चौकियों की स्थिति से बिल्कुल उलट था.

तीसरी पड़ताल: राजापुर पुलिस चौकी (रात 10:55 बजे)
शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में शामिल राजापुर चौराहे पर देर रात एक भी पुलिस कर्मी चौकी पर मौजूद नहीं था. चौकी प्रभारी संचित यादव की कुर्सी खाली पड़ी थी. यहां केवल एक होमगार्ड चौकी की सुरक्षा करता मिला. पुलिस के गश्त पर होने की बात कही गई, लेकिन आसपास कहीं भी पुलिस की मूवमेंट नजर नहीं आया.

चौथी पड़ताल: रामापुर चौकी (रात 11:11 बजे)
रामापुर चौकी पर एक होमगार्ड आग तापते हुए ड्यूटी करता मिला, जबकि पूरा परिसर और कार्यालय सन्नाटे में डूबा था. चौकी प्रभारी दिनेश कुमार पांडेय कार्यालय परिसर में बने आवास में गर्म ब्लोअर की गर्माहट में आराम फरमाते मिले. टीम के सवालों से नाराज होकर उन्होंने कहा, हम तो गुलाम हैं और दोबारा कमरे में चले गए. हालांकि करीब दो घंटे बाद वह रोडवेज चौकी पर खड़े नजर आए.

पांचवीं पड़ताल: महेवागंज पुलिस चौकी (रात 12:20 बजे)
महेवागंज चौकी पर एक दीवान और एक होमगार्ड ड्यूटी पर मिले. चौकी प्रभारी कस्बे में अपनी टीम के साथ गश्त करते हुए मुस्तैद पाए गए, जो देर रात सुरक्षा के लिहाज से सकारात्मक संकेत रहा.

छठी पड़ताल: सेठ घाट चौकी (रात 12:40 बजे)
सेठ घाट पुलिस चौकी पर एक होमगार्ड तैनात मिला. चौकी प्रभारी संतोष से संपर्क करने पर उन्होंने गश्त पर होने की बात कही. टीम जब सैधरी बाईपास पहुंची तो चौकी प्रभारी अपनी टीम के साथ गश्त करते हुए दिखाई दिए.

सातवीं पड़ताल: संकटा देवी चौकी (रात 1:10 बजे)
संकटा देवी पुलिस चौकी पर चौकी प्रभारी जितेंद्र वर्मा नदारद मिले. पूरी चौकी सिर्फ एक पीआरडी जवान के सहारे छोड़ी गई थी, बाकी सभी पुलिस कर्मी गायब थे.

आठवीं पड़ताल: मिश्राना पुलिस चौकी (रात 1:20 बजे)
मिश्राना चौकी की स्थिति चिंताजनक रही. चौकी प्रभारी निरीक्षक अजीत कुमार सिंह ने मुख्य गेट और कार्यालय पर कुंडी लगा दी थी. न यहां कोई पुलिस कर्मी था, न होमगार्ड और न ही पीआरडी जवान.

नौवीं पड़ताल: जेल गेट चौकी (रात 1:30 बजे)
जेल गेट चौकी पर सिर्फ एक होमगार्ड तैनात मिला. अंदर रूम हीटर जल रहा था, लेकिन चौकी प्रभारी समेत कोई भी पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था.

दसवीं पड़ताल: सदर कोतवाली व रोडवेज चौकी
रात करीब 1:40 बजे सदर कोतवाली में प्रभारी निरीक्षक मौजूद नहीं थे, लेकिन ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मी सक्रिय दिखे. वहीं रात 2 बजे रोडवेज चौकी पहुंचने पर चौकी पूरी तरह खाली मिली और सिर्फ एक होमगार्ड के भरोसे सुरक्षा व्यवस्था चलती नजर आई.

करीब चार घंटे चले इस रियलिटी चेक में यह साफ हो गया कि देर रात पुलिस गश्त और सुरक्षा को लेकर किए जा रहे दावे कई जगहों पर खोखले साबित हो रहे हैं. कुछ चौकियों पर जरूर पुलिस मुस्तैद दिखी, लेकिन अधिकांश जगहों पर सन्नाटा, बंद चौकियां और कमरों में आराम करते जिम्मेदार अफसर पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं.
SP बोले- करेंगे औचक निरीक्षण : लखीमपुर खीरी जिले के पुलिस अधीक्षक संकल्प शर्मा ने कहा, पुलिस चौकियों और थाने का औचक निरीक्षण किया जाएगा. लापरवाह पुलिस कर्मियों के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की जाएगी.
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