नोटिस बोर्ड पर लगी ईटीवी भारत की खबर, “सीटी बजाओ–स्कूल बुलाओ” अभियान को मिली रफ्तार
ईटीवी भारत द्वारा प्रकाशित खबर ने झारखंड में सीटी बजाओ स्कूल बुलाओ अभियान को रफ्तार दी है.


Published : May 4, 2026 at 7:50 PM IST
रांची: झारखंड में ड्रॉपआउट के खिलाफ चल रहे “सीटी बजाओ–स्कूल बुलाओ” अभियान को अब जमीनी स्तर पर नई रफ्तार मिलती दिख रही है. इस बदलाव के पीछे एक खास पहल सामने आई है. ईटीवी भारत में प्रकाशित खबर की प्रिंटेड कटिंग को शिक्षा विभाग के नोटिस बोर्ड पर लगाया जाना. इस कदम ने अभियान को सिर्फ सरकारी योजना से आगे बढ़ाकर जनभागीदारी वाला आंदोलन बना दिया है.
जिला शिक्षा पदाधिकारी बादल राज ने बताया कि ईटीवी भारत में खबर प्रकाशित होने के बाद इसे प्रभावी तरीके से इस्तेमाल करने का निर्णय लिया गया, इस खबर की कटिंग को अपने नोटिस बोर्ड और प्रमुख स्थानों पर लगाया गया, ताकि अधिक से अधिक लोग इससे जुड़ सकें. उनका कहना है कि “जब बच्चे, शिक्षक और अभिभावक एक ही जगह पर इस खबर को देखते हैं, तो इसका असर और गहरा होता है.”
"ईटीवी भारत ने ‘सीटी बजाओ स्कूल बुलाओ’ अभियान को जिस तरह प्रमुखता से उठाया, उससे हमें जमीनी स्तर पर काम करने में काफी मदद मिली है. खबर के बाद स्कूलों में जागरूकता बढ़ी है, इसलिए हमने उसकी कटिंग को नोटिस बोर्ड पर लगाने का निर्देश दिया. इससे बच्चों, अभिभावकों और शिक्षकों तक एक मजबूत संदेश गया है. मीडिया का यह सकारात्मक सहयोग अभियान को गति देने में बेहद अहम साबित हो रहा है." - बादल राज, जिला शिक्षा पदाधिकारी
खबर बनी जागरूकता का जरिया
नोटिस बोर्ड पर लगी ईटीवी भारत की खबर अब एक जागरूकता पोस्टर की तरह काम कर रही है. विभाग और कार्यालय आने वाले संबंधित कर्मचारी पदाधिकारी यहां तक की कुछ इंक्वारी करने आने वाले बच्चे भी इसे पढ़ते हैं और समझते हैं कि ड्रॉपआउट की समस्या कितनी गंभीर है. वहीं, अभिभावकों के बीच भी यह संदेश जा रहा है कि बच्चों की पढ़ाई को बीच में छोड़ना उनके भविष्य पर असर डाल सकता है.

अभियान में बढ़ी भागीदारी
“सीटी बजाओ–स्कूल बुलाओ” अभियान के तहत स्कूलों के मॉनिटर और स्थानीय बच्चे मोहल्लों में घूम-घूम कर सीटी बजाते हैं और स्कूल से दूर हुए बच्चों को वापस बुलाने की कोशिश करते हैं. अब इस अभियान में पहले के मुकाबले अधिक उत्साह देखा जा रहा है. कई इलाकों में बच्चे फिर से स्कूल लौटने लगे हैं, जो इस पहल की सफलता को दर्शाता है.

शिक्षा विभाग का मानना है कि मीडिया और प्रशासन के संयुक्त प्रयास से ही ऐसे अभियानों को वास्तविक सफलता मिल सकती है. नोटिस बोर्ड पर खबर की मौजूदगी ने इस मुहिम को एक नई पहचान दी है, जिससे यह हर छात्र और अभिभावक तक सीधे पहुंच रही है. झारखंड में अब “सीटी की आवाज” के साथ नोटिस बोर्ड पर लगी खबर भी बच्चों को शिक्षा की ओर लौटने का संदेश दे रही है.
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