राव नरेंद्र सिंह की ईटीवी भारत से एक्सक्लूसिव बातचीत, बोले- "हरियाणा कांग्रेस में नहीं कोई गुटबाज़ी, राहुल गांधी से मिली नई ऊर्जा"
हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने निगम चुनाव समेत कई मुद्दों को लेकर ईटीवी भारत से एक्सक्लूसिव बातचीत की है.

Published : February 9, 2026 at 8:39 PM IST
|Updated : February 9, 2026 at 8:54 PM IST
चंडीगढ़ : हरियाणा में आने वाले दिनों में तीन निगमों अंबाला, पंचकूला और सोनीपत में चुनाव होना है जिसको लेकर राजनीतिक दलों ने तैयारियां शुरू कर दी है. कांग्रेस ने भी निगम चुनाव के लिए कमर कसी हुई है. पार्टी ने इसके तहत मेयर प्रत्याशी, और पार्षदों के चयन के लिए गठित जिला स्तरीय कमेटी की चंडीगढ़ मुख्यालय में बैठक आयोजित की जिसमें प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह, पार्टी प्रभारी प्रफुल, सह प्रभारी चंद्र बघेल ने शिरकत की. इस बैठक में क्या हुआ और इसके साथ ही अन्य मुद्दों को लेकर ईटीवी भारत ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह से बातचीत की.
"कांग्रेस पार्टी को लेकर उत्साह": ईटीवी भारत से बात करते हुए हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि अभी ये एक शुरुआती बैठक है क्योंकि अभी चुनाव की तारीख का ऐलान नहीं हुआ है. हालांकि इसको लेकर संबंधित जिला अध्यक्ष, पार्टी के प्रभारी बैठक में शामिल हुए. इस बैठक में हमने शुरुआत की है और जानने की कोशिश की है कि लोगों के मन में क्या है, जिसमें निष्कर्ष निकलकर आया है कि कांग्रेस पार्टी को लेकर लोगों में भारी उत्साह है. वे कहते हैं कि वार्ड पार्षद के लिए इच्छुक उम्मीदवार अपना नाम दे रहे हैं. अभी इसको लेकर जो इच्छुक उम्मीदवारों से नाम मांगे जा रहे है, उसके लिए और समय मांगा गया है. कुछ लोगों को अभी बर्थ सर्टिफिकेट बनाने हैं, जाति प्रमाण पत्र भी बनाना है. हम भी उपयुक्त उम्मीदवारों की तलाश कर रहे हैं. जिसका पार्टी की नीतियों में विश्वास होगा और जो मजबूत उम्मीदवार होगा, उसे ही पार्टी उम्मीदवार बनाएगी. पार्टी का उम्मीदवार बनने का सभी को अधिकार है. अभी भी आवेदन खुले हैं, जो चाहे वो आवेदन कर सकता है.
"निगम चुनाव में शहर के मुद्दे" : निगम चुनाव में पार्टी के क्या मुद्दे रहेंगे, इसको लेकर वो कहते हैं कि निगम चुनाव में महत्वपूर्ण मुद्दे शहर के होते हैं. शहर में साफ-सफाई, पानी का मुद्दा, सीवरेज का मुद्दा है. इसके साथ ही मकानों से संबंधित परेशानियों को लेकर लोग परेशान रहते हैं. फैमिली आईडी हो या राशन कार्ड का मुद्दा हो, बुजुर्गों की पेंशन काटी जा रही है. ये तमाम मुद्दे हैं. जब गांव से शहर में जो आदमी आता है या शहर में रहता है, वो विकास की अपेक्षा रखता है. वो दिखना भी चाहिए, जो लोगों को नजर नहीं आ रहा है.
"लोग परिवर्तन चाहते हैं" : वे कहते हैं कि जब लोग कांग्रेस के शासन की तुलना मौजूदा सरकार से करते हैं तो वे महसूस करते हैं कि कांग्रेस का शासन बहुत अच्छा था. वे कहते हैं कि इसी वजह से लोग भी परिवर्तन चाहते हैं. इसलिए पार्टी का भी प्रयास है और मेरा निजी तौर पर भी मानना है कि मजबूत प्रत्याशियों को मैदान में उतारा जाए जिससे कि उनकी जीत सुनिश्चित हो.
"ट्रेड डील से किसानों में भारी गुस्सा": जब उनसे सवाल किया गया कि वृद्धा अवस्था पेंशन में नाम काटने और धान घोटाले का इन दिनों खूब जिक्र हो रहा है इस पर आप क्या कहते हैं? वे कहते हैं कि हम इन मुद्दों पर जमकर विरोध कर रहे हैं, जल्द ही इन मुद्दों को लेकर कार्यक्रम भी जिलों में बना रहे हैं. लोगों की पेंशन को लेकर बहुत शिकायतें हैं, राशन कार्ड और एचपीएससी को लेकर भी युवाओं का रोजगार का मुद्दा है. उसको लेकर भी लोगों में रोष है. अमेरिका से हुई ट्रेड डील को लेकर भी किसानों में भारी रोष है, इसलिए कांग्रेस गरीबों और किसान के साथ खड़ी है. विपक्ष की भूमिका पार्टी निभाएगी, गलत चीजों का विरोध करेगी.
"राहुल गांधी से मिली ऊर्जा" : संगठन बनने के बाद क्या आपको लगता है कि चुनाव में इसका पार्टी को फायदा होगा?. वे कहते हैं कि निश्चित तौर पर इसका फायदा होगा. संगठन अपने आप में बड़ी शक्ति होती है. जिलाध्यक्ष बन चुके हैं और उनकी ट्रेनिंग भी हो चुकी है, और राहुल गांधी जी ने उनको संबोधित भी किया है. इससे उनमें एक अलग ही ऊर्जा है और वे जोश में है. इसलिए उम्मीद है कि इसका पार्टी को बहुत बड़ा फायदा चुनाव में मिलेगा.
"कांग्रेस में नहीं गुटबाजी" : कांग्रेस की गुटबाजी को लेकर अक्सर सवाल उठते रहते हैं. क्या उम्मीद करते हैं कि अब वो स्थिति पार्टी में नहीं बनेगी?. वे कहते हैं कि जब से प्रदेश में कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष का चुनाव हुआ है और नेता विपक्ष बने हैं. उसके बाद से किसी भी तरह की गुटबाजी देखने को नहीं मिली है. सब एक होकर चल रहे हैं. पूरी तरह से कांग्रेस पार्टी एक है. सभी पार्टी की नीतियों के तहत काम करते हैं. पिछले तीन महीने में हमने पार्टी के कई कार्यक्रम किए. सभी लोगों ने जोर-शोर से उसमें हिस्सा लिया. मुझे उम्मीद है कि मजबूत और अनुशासित पार्टी हम मिलकर बनाएंगे.
लोकतंत्र के लिए शर्मनाक : राहुल गांधी की जिस तरह की लोकसभा में भूमिका रही है उस पर सत्ता पक्ष उनको लेकर हमलावर है? इस पर वे कहते हैं कि राष्ट्रपति का अभिभाषण हो या गवर्नर ऐड्रेस हो, उनके ऊपर हर सांसद/विधायक को अपनी बात रखने का अधिकार है. वो अपने क्षेत्र की, प्रदेश की, देश की बात कर सकता है. ऐसा देश में पहली बार हुआ होगा, जब नेता विपक्ष सदन में अपनी बात रखना चाहे और सरकार उसको बोलने ना दें, इससे दुखद कोई बात हो नहीं सकती. ये लोकतंत्र के लिए शर्मनाक विषय है. इस बात को गंभीरता से लिया गया, कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच ले जा रही है. जनता भी महसूस कर रही है कि जो हो रहा है, वो ठीक नहीं चल रहा है, तानाशाही वाला मामला चल रहा है.
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