UGC कानून के खिलाफ इटावा में गरजे किसान-नौजवान, आरक्षण को आर्थिक आधार पर लागू करने की मांग
किसान नौजवान मंच के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और क्षेत्रीय लोगों ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : August 28, 2026 at 11:09 AM IST
इटावा : किसान नौजवान मंच के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और क्षेत्रीय लोगों ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन कर जिलाधिकारी को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा. संगठन ने केंद्र सरकार से UGC से संबंधित कानून को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने, SC/ST एक्ट में संशोधन करने तथा आरक्षण व्यवस्था को आर्थिक आधार पर लागू करने की मांग की.
संगठन का कहना है कि UGC से संबंधित कानून का उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्र-छात्राओं, विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है. संगठन ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने चुनाव से पहले हिंदुत्व और सामाजिक एकता की बात की, लेकिन सरकार बनने के बाद ऐसे कानून लाए जा रहे हैं. जिनसे समाज में विभाजन की स्थिति उत्पन्न हो रही है.
किसान नौजवान मंच का कहना है कि गरीबी किसी जाति को देखकर नहीं आती, इसलिए आरक्षण का लाभ आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को मिलना चाहिए. संगठन ने SC/ST एक्ट के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए इसमें संवैधानिक दायरे में आवश्यक संशोधन किए जाने की भी मांग की. ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति से देश में सामाजिक सौहार्द और शांति बनाए रखने के लिए संबंधित कानूनों में आवश्यक संशोधन और तत्काल कार्रवाई की मांग की गई. प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी भी की.
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष क्षेत्रपाल सिंह तोमर, जिला प्रवक्ता संतोष पांडेय, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष चित्रा परिहार, विधानसभा अध्यक्ष सुशीला राजावत, संगठन मंत्री एसके सिंह, जिला उपाध्यक्ष गौरव तोमर, अधिवक्ता अनिल गौर, अधिवक्ता अक्षयराज सिंह, अधिवक्ता अश्वनी सिंह, प्रताप चौहान, अधिवक्ता प्रीती सिंह, भारत सिंह, शैलेन्द्र भदौरिया, मनोज भदौरिया, उपेंद्र भदौरिया, उर्मिला भदौरिया, मनोज राजपूत, नीरज शाक्य, नरायन सिंह, तेजेंद्र चौहान, राजू प्रधान, हरिभान सिंह प्रधान, वंदना भदौरिया, वंदना सिंह, सौरभ सिंह, शिल्पू भदौरिया और आशु गुप्ता सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे.
यह भी पढ़ें : यूजीसी के खिलाफ सड़कों पर सवर्ण मोर्चा, नियम समाज को तोड़ने का काम करेगा

