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नाम, शहर और पिता तक बदला, फिर भी बच न सका; 25 साल बाद पत्नी के कातिल को दिल्ली पुलिस ने दबोचा

दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच पत्नी की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा पैरोल जंपर आरोपी को गिरफ्तार किया है.

पैरोल जंप कर फरार चल रहा उम्रकैद का सजायाफ्ता गिरफ्तार
पैरोल जंप कर फरार चल रहा उम्रकैद का सजायाफ्ता गिरफ्तार (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Delhi Team

Published : January 7, 2026 at 3:58 PM IST

3 Min Read
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नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने 25 साल पुराने पत्नी की हत्या के मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए उम्रकैद की सजा काट रहा पैरोल जंपर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी ने वर्ष 1992 में अपनी पत्नी की गला दबाकर हत्या कर दी थी और बाद में पैरोल पर छूटने के बाद फरार हो गया था. क्राइम ब्रांच की एआरएससी टीम ने लंबी मेहनत और तकनीकी निगरानी के बाद आरोपी को पंजाब के लुधियाना से दबोचा.

क्राइम ब्रांच के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान योगिंदर उर्फ जोगिंदर सिंह, उम्र 58 वर्ष, निवासी मुजफ्फरनगर उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है. आरोपी के खिलाफ 15 मार्च 1992 को थाना विनय नगर, वर्तमान में सरोजिनी नगर थाने में हत्या का मामला दर्ज किया गया था. जांच में सामने आया था कि आरोपी ने गांव पिलंगी में अपनी पत्नी की गला दबाकर हत्या कर दी थी. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण मैनुअल स्ट्रैंगुलेशन पाया गया.

25 साल बाद कानून की पकड़ में आया पत्नी का हत्यारा: मामले में जांच पूरी होने के बाद वर्ष 1997 में पटियाला हाउस कोर्ट ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद और जुर्माने की सजा सुनाई थी. वर्ष 2000 में दिल्ली हाईकोर्ट से चार सप्ताह की पैरोल मिलने के बाद आरोपी वापस जेल नहीं लौटा और फरार हो गया. वर्ष 2010 में हाईकोर्ट ने उसकी अपील खारिज करते हुए सजा को बरकरार रखा, जिसके बाद उसे भगोड़ा घोषित किया गया.

पैरोल जंप कर फरार चल रहा उम्रकैद का सजायाफ्ता गिरफ्तार: डीसीपी क्राइम संजीव कुमार यादव ने बताया कि एआरएससी टीम पैरोल जंपरों पर लगातार नजर रखे हुए थी. इसी दौरान सूचना मिली कि आरोपी फर्जी पहचान के साथ लुधियाना में रह रहा है. आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अपना नाम, पिता का नाम और पता बदल लिया था तथा फर्जी आधार कार्ड और वोटर आईडी भी बनवा ली थी. वह बीते 25 वर्षों में हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार और कर्नाटक में भटकता रहा और अंत में लुधियाना में बढ़ई के रूप में काम करने लगा.

सूचना के आधार पर क्राइम ब्रांच की टीम ने 10 दिन तक लुधियाना में डेरा डालकर निगरानी की और 5 जनवरी 2026 को साउथ सिटी इलाके से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस को देखकर आरोपी मोटरसाइकिल से भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन पीछा कर उसे दबोच लिया गया.

पुलिस ने बताया कि सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आरोपी को तिहाड़ जेल भेज दिया गया है. दिल्ली पुलिस का कहना है कि यह गिरफ्तारी इस बात का प्रमाण है कि अपराधी चाहे जितना भी समय बचने की कोशिश करे, कानून से बच नहीं सकता.

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