VIDEO में देखें किस तरह तबाही मचा रही है गंडक नदी, स्कूल के बाद पैक्स गोदाम को भी बहाया
रेवहिया में गंडक नदी का कहर जारी है. स्कूल के बाद पैक्स गोदाम भी नदी में समा गया है. रिपोर्ट- दिलीप कुमार

Published : August 20, 2026 at 9:09 PM IST
पश्चिम चंपारण (बगहा) : बिहार में नदियों का कहर बदस्तूर जारी है. बगहा अनुमंडल अंतर्गत मधुबनी प्रखंड के चिउरही पंचायत के रेवहिया गांव में गंडक नदी का कटाव लगातार भयावह होता जा रहा है. बुधवार को स्कूल के नदी में विलीन होने के बाद गुरुवार की सुबह पैक्स गोदाम भी नदी की धारा में समा गया. लगातार हो रहे कटाव से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है.
खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर : कटाव की चपेट में आने से कई लोगों के घर पहले ही नदी में विलीन हो चुके हैं. घर और आशियाना उजड़ने के बाद कटाव पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे प्लास्टिक तानकर रहने को मजबूर हैं. छोटे-छोटे बच्चों के साथ रह रहे प्रभावित परिवार प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराए गए गुड़ और चूड़ा से किसी तरह अपनी भूख मिटा रहे हैं.
सुरक्षित स्थान पर विस्थापित करने की मांग : कटाव पीड़ितों का कहना है कि लगातार उनका घर और सामान नदी में समाता जा रहा है लेकिन अब तक उन्हें सुरक्षित स्थान पर विस्थापित नहीं किया गया है. ग्रामीण प्रशासन की ओर टकटकी लगाए हुए हैं कि उन्हें जल्द किसी सुरक्षित स्थान पर बसाया जाए. वहीं राहत और पुनर्वास को लेकर स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति काफी आक्रोश भी देखा जा रहा है.
''आप लोग तो देख ही रहे हैं, किस तरह हमलोग जी रहे हैं. यहां पर किसी तरह गुजारा कर रहे हैं. सरकार ने चूड़ा और गुड़ दिया है वही खाकर जिंदा हैं. रातभर हम लोग जागते हैं, कहीं कुछ आकर नुकसान ना कर दे. बड़ी विपत्ति आई हुई है. सरकार को हमलोगों की ओर ध्यान देना चाहिए.''- सितली देवी, बाढ़ पीड़िता

प्रशासन से लगायी गुहार : ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल कटाव पीड़ित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने रहने और भोजन की समुचित व्यवस्था करने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि कटाव इसी तरह जारी रहा तो आने वाले समय में गांव के कई और घर इसकी चपेट में आ सकते हैं.
''सरकार की ओर से खाने के लिए चूड़ा-गुड़ और रहने के लिए पन्नी दिया गया है. हमलोग प्रशासन से मांग करते हैं कि कुछ जमीन मुहैया करायी जाए ताकि हम लोग गुजर-बसर कर सकें. जो भी था सबकुछ बह गया है, बच्चों की परवरिश कैसे करेंगे?''- सीमा देवी, बाढ़ पीड़िता

CO ने क्या कहा? : इस संबंध में मधुबनी अंचलाधिकारी नंदलाल राम ने बताया कि कटाव पीड़ितों को दूसरे स्थान पर विस्थापित करने के लिए भूमि चिन्हित की जा रही है. भूमि चिह्नित होने के बाद प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर विस्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.
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