ETV Bharat / state

कर्मचारियों के लिए सुख की खबर, ईपीएफओ में जुड़ने का मौका, यहां पढ़ें पूरी जानकारी

ईपीएफओ रीजनल ऑफिस शिमला ने कर्मचारियों के लिए एम्पलॉई एनरोलमेंट कैंपेन शुरू किया है. जानें योजना की शर्तें और फायदे.

ईपीएफओ ने शुरू किया ईईसी कैंपेन
ईपीएफओ ने शुरू किया ईईसी कैंपेन (GETTY IMAGE)
author img

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : August 15, 2026 at 8:42 AM IST

3 Min Read
Choose ETV Bharat

शिमला: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी ईपीएफओ के लिए पात्र होने के बावजूद यदि किसी का नाम जुड़ने से छूट गया हो तो उसके लिए सुख की खबर है. ईपीएफओ के रीजनल ऑफिस शिमला ने कर्मचारियों के हित के लिए ईईसी यानी एम्पलॉई एनरोलमेंट कैंपेन आरंभ किया है. केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्रालय की तरफ से नोटिफाई ये अभियान वैसे तो पहली जुलाई से शुरू है, लेकिन ये 31 अक्टूबर 2026 तक जारी रहेगा, जो कर्मचारी छूट गए हैं, वे एनरोल हो सकते हैं.

इस अभियान का मकसद यही है कि जो कर्मचारी पहली अप्रैल 2009 से लेकर मार्च 2026 तक की अवधि में भी ईपीएफ में कवर होने से छूट गए हैं, वे स्वेच्छा से नामांकन कर पाएं. अभियान का सबसे बड़ा सुख यही है कि पिछली अवधि के कर्मचारी के वेतन से संबंधित कर्मचारी अंशदान की राशि माफ हो जाएगी. वहीं, नियोक्ता के लिए केवल उसका अंशदान, अंशदान पर लागू ब्याज व प्रशासनिक शुल्क जमा करना होगा. साथ ही सौ रुपए एकमुश्त जुर्माना तय किया गया है. ईपीएफओ शिमला रीजनल कार्यालय से जारी सूचना के अनुसार जिन प्रतिष्ठानों के खिलाफ ईपीएफ कानून के तहत कानूनी कार्यवाही चल रही है, वो भी इस अवधि का लाभ उठा सकते हैं.

इस अभियान में पात्र कर्मचारियों का नामांकन करवाने वाले नियोक्ता तय की गई शर्तों के के तहत प्रधानमंत्री विकसित भारत योजना यानी पीएम-वीबीआरवाई का लाभ भी उठा सकते हैं. बताया गया है कि ये योजना उन कर्मचारियों पर लागू होती है जो इस अभियान की घोषणा के समय जीवित हैं और प्रतिष्ठान में सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं. काम छोड़ चुके कर्मचारियों को इस अभियान से बाहर रखा गया है. कर्मचारी नामांकन योजना ईईएस 2026 के तहत नया पंजीकरण कराने वाले या कर्मचारियों की घोषणा करने वाले नियोक्ता प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना का भी लाभ उठा सकते हैं.

ईपीएफओ शिमला रीजनल ऑफिस की तरफ से सभी प्रतिष्ठानों, नियोक्ताओं, नियोक्ता संघों, चैंबर ऑफ कॉमर्स से चार महीने की अवधि में योजना का लाभ उठाने का आग्रह किया गया है. इसका मकसद अतीत की अनुपालन देनदारियों को नियमित करना है. साथ ही सभी पात्र कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है. इस बारे में विस्तार से जानकारी के लिए ईपीएफओ की आधिकारिक वेबसाइट का अवलोकन भी किया जा सकता है. साथ ही ईपीएफओ को रीजनल ऑफिस में संपर्क किया जा सकता है. ईपीएफओ के रीजनल ऑफिस शिमला ने कर्मचारियों के हित के लिए ईईसी यानी एम्पलॉई एनरोलमेंट कैंपेन आरंभ किया है.

ये भी पढ़ें: हिमाचल के सरकारी विभागों में एक लाख से अधिक पद खाली, हाईकोर्ट में सरकार के हलफनामे में खुलासा