अल्मोड़ा में दहशत का पर्याय बना तेंदुआ पिंजरे में कैद, लोग बोले- क्षेत्र में अभी भी दिखाई दे रहे कई गुलदार
जिले में अलग अलग इलाकों में इन दिनों गुलदार का आतंक देखने को मिल रहा है.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : August 30, 2026 at 12:27 PM IST
|Updated : August 30, 2026 at 2:56 PM IST
अल्मोड़ा: हवालबाग ब्लॉक के मालगांव और दुगालखोला क्षेत्र में लंबे समय से ग्रामीणों के लिए दहशत का पर्याय बना तेंदुआ आखिरकार वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया. तेंदुए की लगातार चहलकदमी से ग्रामीण भय के साये में जीने को मजबूर थे. क्षेत्र में तेंदुआ कई कुत्तों और बकरियों को अपना निवाला बना चुका था. तेंदुए के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है.
नगर से लगे मालगांव और दुगालखोला क्षेत्र में पिछले लंबे समय से तेंदुआ गांव के आसपास लगातार दिखाई दे रहा था. शाम होते ही क्षेत्र में भय का माहौल बन जाता था. ग्रामीण अंधेरा होने के बाद घरों से बाहर निकलने से भी कतरा रहे थे. तेंदुए के बढ़ते आतंक को देखते हुए ग्रामीणों ने वन विभाग से उसे पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की मांग की थी. ग्रामीणों की मांग पर वन विभाग की ओर से करीब एक सप्ताह पूर्व मालगांव और दुगालखोला क्षेत्र के बीच में पिंजरा लगाया गया था.
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रविवार सुबह तेंदुआ पिंजरे में फंस गया. तेंदुए के पिंजरे में कैद होने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए. वहीं तेंदुए को अपने मोबाइल कैमरों में कैंद किया और ग्रामीणों ने इसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दी. सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए को सुरक्षित रेस्क्यू किया. वन क्षेत्राधिकारी मोहन राम ने बताया कि टीम ने पिंजरे में कैद तेंदुए को सुरक्षित बाहर निकालकर सड़क तक पहुंचाया. इसके बाद वाहन से उसे अल्मोड़ा स्थित रेस्क्यू सेंटर लाया गया है.
यहां तेंदुए का मेडिकल परीक्षण किया जाएगा. उन्होंने बताया कि उच्च अधिकारियों के निर्देश और प्रक्रिया के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी तथा स्वस्थ पाए जाने पर तेंदुए को उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ने का निर्णय लिया जाएगा. इधर तेंदुए के पकड़े जाने से मालगांव और दुगालखोला के ग्रामीणों ने राहत जताई है. हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में अभी भी दो-तीन अन्य तेंदुए घूम रहे हैं. ये तेंदुए घरों के आंगन तक पहुंच रहे हैं, जिससे खतरा बना हुआ है. ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में लगातार निगरानी रखने और अन्य तेंदुओं की मौजूदगी का पता लगाकर उन्हें भी पकड़ने की मांग की है.
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