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पलामू के डॉ. कौशल किशोर जायसवाल को नेपाल में मिला एशिया अचीवर अवार्ड, पर्यावरण के क्षेत्र में योगदान के लिए मिला सम्मान

पर्यावरण के क्षेत्र में योगदान देने वाले पलामू के डॉ. कौशल किशोर जायसवाल को नेपाल में एशिया अचीवर अवार्ड मिला.

ENVIRONMENTALIST DR KAUSHAL KISHORE
एशिया अचीवर अवार्ड लेते डॉ. कौशल किशोर जायसवाल (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : June 29, 2026 at 1:36 PM IST

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Updated : June 29, 2026 at 1:47 PM IST

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पलामूः डॉ. कौशल किशोर जायसवाल को नेपाल में एशिया अचीवर अवार्ड मिला है. नेपाल में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन विषय पर समिट में यह अवार्ड दिया गया. पर्यावरण के क्षेत्र में योगदान देने के लिए कौशल किशोर जायसवाल को अब तक कुल 85 सम्मान मिल चुके हैं, जिनमें से 11 सम्मान अंतर्राष्ट्रीय हैं.

पेड़ों को राखी बांधकर अभियान की शुरुआत

डॉ. कौशल किशोर जायसवाल मूल रूप से पलामू के छतरपुर के डाली गांव के रहने वाले हैं. 70 के दशक से डॉ. कौशल किशोर जैसवाल पर्यावरण के संरक्षण को लेकर अभियान चला रहे हैं. 50 वर्ष पहले पूरे भारत में पेड़ों को राखी बांधकर उन्हें बचाने के अभियान की शुरुआत डॉक्टर कौशल किशोर जायसवाल ने की थी.

जानकारी देते पर्यावरणविद् डॉ. कौशल किशोर जायसवाल (Etv Bharat)

अभी तक 60 लाख पौधों का निशुल्क वितरण कर चुके हैं

पेड़ों को राखी बांधकर उनकी रक्षा करने और पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करने की इस अनूठी पहल को वन राखी मूवमेंट का नाम दिया गया था. कौशल किशोर जायसवाल के नेतृत्व में अब तक 26 लाख पेड़ों को राखी बांधी जा चुकी है. जबकि उन्होंने 60 लाख पौधों का निशुल्क वितरण भी किया है.

ENVIRONMENTALIST DR KAUSHAL KISHORE
पर्यावरणविद् डॉ. कौशल किशोर जायसवाल और अन्य (Etv Bharat)

डॉ. कौशल किशोर जायसवाल बताते हैं कि नेपाल में उन्हें एशिया अचीवर अवार्ड से सम्मानित किया गया है. पर्यावरण के क्षेत्र में योगदान देने के लिए नेपाल में आयोजित सम्मिट में उन्हें यह सम्मान मिला है. उन्होंने बताया कि पर्यावरण को बचाने के लिए वह लगातार मुहिम चला रहे हैं.

सबको पर्यावरण धर्म का पालन करना चाहिएः डॉ. कौशल किशोर जैसवाल

वर्तमान हालात को देखते हुए पर्यावरण को बचाना बेहद ही जरूरी है. नेपाल में भी उन्होंने पर्यावरण को बचाने का संदेश दिया है वह विश्व के कई देशों का दौरा कर चुके हैं और पर्यावरण को बचाने के लिए मुहिम चलाई है. डॉ. कौशल किशोर जायसवाल ने बताया कि पर्यावरण को बचाने के लिए पर्यावरण धर्म का पालन करना होगा.

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Last Updated : June 29, 2026 at 1:47 PM IST