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दिल्ली के इंजीनियरिंग छात्र ने पटना में की आत्महत्या, कर्ज लेकर पढ़ा रहा था मजदूर पिता

दिल्ली में बीटेक की पढ़ाई कर रहे पटना के एक छात्र ने आत्महत्या कर ली है. बंद कमरे से उसका शव बरामद किया गया. पढ़ें

student KILLS HIMSELF in patna
पटना में इंजीनियरिंग छात्र ने की आत्महत्या (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : June 10, 2026 at 12:22 PM IST

6 Min Read
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पटना: बिहार के पटना में एक होनहार छात्र के आत्महत्या किए जाने की घटना से पूरे इलाके में मातम छा गया है. मामला फुलवारी शरीफ थाना क्षेत्र के कन्हैया नगर का है. मृतक की पहचान 26 वर्षीय धीरज कुमार के रूप में हुई है.

दिल्ली में बीटेक की पढाई कर रहा था छात्र: धीरज दिल्ली में रहकर बीटेक की पढ़ाई कर रहा था और सेकेंड ईयर का छात्र बताया जाता है. उसकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया. मां, पिता, भाई और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.

पटना में की आत्महत्या: घटना के बाद पूरे मोहल्ले में शोक का माहौल बना हुआ है. परिजनों और स्थानीय लोगों के अनुसार धीरज बेहद शांत, सरल और पढ़ाई-लिखाई में रुचि रखने वाला युवक था. वह हमेशा अपने भविष्य को लेकर गंभीर रहता था और अपने साथियों को भी पढ़ाई के लिए प्रेरित करता था.

गरीब मां-बाप की टूटीं सारी उम्मीदें : परिवार को उससे बड़ी उम्मीदें थीं. लोगों का कहना है कि धीरज अक्सर कहा करता था कि वह पढ़-लिखकर बड़ा आदमी बनेगा और अपने माता-पिता की गरीबी दूर करेगा. लेकिन किसी को यह अंदाजा नहीं था कि वह इतना बड़ा कदम उठा लेगा.

घर पर अकेले था युवक: जानकारी के अनुसार धीरज हाल ही में दिल्ली से अपने घर कन्हैया नगर लौटा था. मंगलवार को घर के सभी सदस्य अपने-अपने काम से बाहर गए हुए थे. पिता विजय कुमार शर्मा मजदूरी करने गए थे. मां भी घर से बाहर थीं. भाई और अन्य सदस्य भी किसी काम से निकले हुए थे.

खाना देने गई थी मां: इसी दौरान घर में अकेले रहे धीरज ने आत्महत्या कर ली. दोपहर बाद जब उसकी मां घर लौटीं और बेटे को खाना देने के लिए कमरे के पास पहुंचीं तो दरवाजा अंदर से बंद मिला. उन्होंने कई बार आवाज लगाई लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला.

दरवाजा तोड़कर निकाला गया शव: अनहोनी की आशंका होने पर आसपास के लोगों को बुलाया गया. काफी मशक्कत के बाद दरवाजा तोड़ा गया तो अंदर का दृश्य देखकर सभी के होश उड़ गए. धीरज का शव कमरे में पड़ा था. यह दृश्य देखते ही मां चीख पड़ी और परिवार में कोहराम मच गया.

मजदूरी करते हैं पिता: देखते ही देखते बड़ी संख्या में स्थानीय लोग वहां जमा हो गए. मृतक के पिता विजय कुमार शर्मा भवन निर्माण कार्य से जुड़े मजदूर हैं और रोजाना मेहनत-मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं. आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं होने के बावजूद उन्होंने अपने बेटे को अच्छी शिक्षा दिलाने के लिए काफी संघर्ष किया.

कर्ज लेकर करवा रहे थे बेटे को इंजीनियरिंग: स्थानीय लोगों के अनुसार पिता ने कर्ज लेकर धीरज की इंजीनियरिंग की पढ़ाई शुरू कराई थी. परिवार को उम्मीद थी कि पढ़ाई पूरी करने के बाद धीरज इंजीनियर बनेगा और परिवार का सहारा बनेगा. उसकी नौकरी लगने के बाद घर की आर्थिक परेशानियां दूर हो जाएंगी. लेकिन बेटे की असमय मौत ने परिवार के सभी सपनों को एक झटके में तोड़ दिया.

डेढ़ साल से तनाव में था छात्र : परिजनों ने बताया कि धीरज पिछले करीब डेढ़ वर्ष से मानसिक तनाव और अवसाद से जूझ रहा था. इसी कारण उसने अपनी पढ़ाई भी छोड़ दी थी. परिवार उसका इलाज कराने और उसे सामान्य जीवन में वापस लाने का प्रयास कर रहा था. इसके बावजूद उसने यह आत्मघाती कदम उठा लिया.

FSL की टीम ने जुटाए साक्ष्य: परिजन अब भी समझ नहीं पा रहे हैं कि आखिर ऐसी कौन-सी बात थी जिसने उसे जिंदगी खत्म करने के लिए मजबूर कर दिया. घटना की सूचना मिलते ही फुलवारी शरीफ थाना पुलिस मौके पर पहुंची. इसके बाद फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम को भी बुलाया गया.

पुलिस और एफएसएल की टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए. कमरे की तलाशी के दौरान कोई नोट बरामद नहीं हुआ है. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.

"प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है. हालांकि आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजह जानने के लिए सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है. परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी."- गुलाम शहबाज आलम, फुलवारी शरीफ थानाध्यक्ष

स्पष्ट नहीं घटना का कारण: धीरज की मौत ने एक गरीब परिवार की उन उम्मीदों को हमेशा के लिए खत्म कर दिया है, जो अपने बेटे को इंजीनियर बनते देखने का सपना संजोए हुए था. मजदूरी कर किसी तरह परिवार चलाने वाले पिता को भरोसा था कि एक दिन उनका बेटा पढ़-लिखकर परिवार की तकदीर बदल देगा. मां को उम्मीद थी कि बेटा नौकरी करेगा तो घर की परेशानियां कम होंगी. लेकिन अब घर में सिर्फ बेटे की यादें और उसके अधूरे सपने रह गए हैं. परिवार के लोगों की आंखों में एक ही सवाल है कि आखिर उनके होनहार बेटे ने ऐसा कदम क्यों उठाया?

आत्महत्या किसी समस्या का समाधान नहीं: आत्महत्या किसी भी समस्या का समाधान नहीं है. अगर आप परेशान हैं और इस तरह का ख्याल आता है तो अपने दोस्त या रिश्तेदार या फिर किसी करीबी से बात करें. उनको अपनी मानसिक स्थिति के बारे में बताएं और मदद मांगे. इससे भी समस्या का हल नहीं होता है तो दिए गए इस नंबर पर तुरंत संपर्क करें.

  • स्नेहा फाउंडेशन हेल्पलाइन नंबर- 04424640050 (24x7 उपलब्ध)
  • जीवन आस्था हेल्पलाइन- 18002333330
  • टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर- 1800914416
  • iCall, TISS टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज- 9152987821
  • ईमेल- icall@tiss.edu
  • फेसबुक- iCALL Psychosocial Helpline
  • एक्स- @iCALLhelpline
  • NIMH हेल्पलाइन : 988

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