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भारतमाला परियोजना भूमि अधिग्रहण केस में ईडी की रायपुर और महासमुंद में ताबड़तोड़ रेड

रायपुर और विशाखापत्तनम के बीच सड़क निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण मुआवजे के भुगतान में कथित अनियमितताओं की जांच के मद्देनजर कार्रवाई हुई है.

Raipur Visakhapatnam Economic Corridor
छत्तीसगढ़ में कई जगहों पर ईडी की रेड (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : December 29, 2025 at 8:49 AM IST

4 Min Read
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रायपुर: आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को छत्तीसगढ़ में कई स्थानों पर छापेमारी की है. यह छापेमारी भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर और आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम के बीच सड़क निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण मुआवजे के भुगतान में कथित अनियमितताओं की जांच के तहत की गई है. आधिकारिक सूत्रों के अनुसार बताया गया है कि राजधानी रायपुर और महासमुंद में कम से कम 9 जगहों पर तलाशी ली जा रही है. तलाशी अभी क्या कुछ मिला है ये सामने नहीं आया है.

भारतमाला परियोजना से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय की रेड

दरअसल, यह पूरा मामला भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर टू विशाखापत्तनम आर्थिक गलियारे के लिए भूमि अधिग्रहण के मुआवजे के भुगतान में कथित अनियमितताओं से संबंधित है. अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान के तहत हरमीत सिंह खानुजा, उनके कथित सहयोगियों, कुछ सरकारी अधिकारियों और भूस्वामियों से जुड़े परिसरों पर ये कार्रवाई की जा रही है.

जसबीर सिंह बग्गा के ठिकानों पर रेड (ETV Bharat)

महासमुंद में बिजनेस मैन जसबीर सिंह बग्गा के ठिकानों पर रेड

प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने महासमुंद के मेघ बसंत इलाके में जाने माने व्यापारी जसबीर सिंह बग्गा के ठिकानों पर दबिश दी है. घर के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है. बाहर के किसी भी शख्स को भीतर जाने की अनुमति नहीं है.

ईडी की रेड से जुड़ी बड़ी बातें

रायपुर और महासमुंद जिलों में एक साथ रेड.

रायपुर और महासमुंद में 9 ठिकानों पर रेड

वित्तीय लेन देन की जानकारी जुटाई जा रही.

डिजिटल दस्तावेज भी खंगाले जा रहे.

जांच के दौरान खंगाले जा रहे दस्तावेज

बैंक लेन देन के रिकार्डों की जांच की जा रही.

जांच के दायरे में कारोबारी, अधिकारी और भूस्वामी.

कार्रवाई रायपुर–विशाखापत्तनम आर्थिक गलियारे के लिए अधिग्रहित भूमि के मुआवजे से जुड़े लेन-देन को लेकर है.

मुआवजे और भुगतान में गड़बड़ी का शक जांच एजेंसी को है.

आर्थिक गलियारे के बनने से माल ढुलाई में समय और लागत दोनों कम होगा

'भारतमला परियोजना' के अंतर्गत लगभग 26,000 किलोमीटर लंबे आर्थिक गलियारों के विकास की परिकल्पना की गई है, जिनसे स्वर्ण चतुर्भुज और उत्तर-दक्षिण तथा पूर्व-पश्चिम गलियारों के साथ मिलकर सड़कों पर माल ढुलाई का अधिकांश हिस्सा वहन किया जाएगा.

क्या है प्रोजेक्ट, क्या होगा फायदा: भारत माला परियोजना भारत सरकार की राष्ट्रीय राजमार्ग विकास योजना है. इसके तहत नए राजमार्गों का निर्माण और अधूरी परियोजनाओं को पूरा करना शामिल है. भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस हाईवे बन रहा है. इस कॉरिडोर के बनने से रायपुर से विशाखापट्टनम की दूरी घटकर 464 किलोमीटर हो जाएगी. रायपुर-विशाखापट्टनम यात्रा का समय 12-14 घंटे से घटकर मात्र सात से आठ घंटे रह जाएगा. यह प्रोजेक्ट भारत सरकार की महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट में से एक है. इससे राष्ट्रीय राजमार्ग 30 में वाहनों का दबाव कम होगा.

छत्तीसगढ़ विधानसभा में भी उठ चुका है मुद्दा: भारतमाला प्रोजेक्ट में मुआवजा राशि बांटे जाने में गड़बड़ी को लेकर विधानसभा में भी मुद्दा उठ चुका है. विधानसभा के मानसून सत्र में इस घोटाले को लेकर बीजेपी विधायक धरमलाल कौशिक ने तीखे सवाल सदन में किए. उन्होंने सीबीआई जांच की मांग की थी. इस मुद्दे पर सरकार का कहना था कि राज्य की जांच एजेंसियां ही पर्याप्त और सक्षम हैं. जांच में जो भी दोषी होगा उसपर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी.

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