स्मार्ट मीटर पर सियासत: ऊर्जा मंत्री बोले, 'ईमानदार उपभोक्ताओं को नहीं, गड़बड़ी करने वालों को है दिक्कत'
भाजपा सरकार के दो साल पूरे होने पर बूंदी में आयोजित कार्यक्रम में ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने भाग लिया.

Published : December 13, 2025 at 8:17 PM IST
बूंदी: प्रदेश में स्मार्ट मीटर पर चल रहे विरोध और राजनीतिक बहस के बीच ऊर्जा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं बूंदी जिला प्रभारी हीरालाल नागर ने कहा कि ईमानदार उपभोक्ताओं को कोई परेशानी नहीं है, दिक्कत केवल वे लोग हैं जो गड़बड़ी करते रहे हैं. उन्होंने विरोध को 'प्रायोजित' करार देते हुए कहा कि कुछ राजनीतिक तत्व भ्रम फैला रहे हैं.
सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर शनिवार को आयोजित कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में मंत्री नागर ने कहा कि जो माहौल बनाया जा रहा है, वह वास्तविक जनभावना का प्रतिनिधित्व नहीं करता. समय पर बिल चुकाने वालों को डरने की जरूरत नहीं. उन्होंने कहा कि विरोध स्वतःस्फूर्त नहीं, बल्कि योजनाबद्ध तरीके से किया जा रहा है. मंत्री ने दूसरे राज्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि असम, बिहार जैसे राज्यों में भी स्मार्ट मीटर लग चुके हैं. उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए पूछा, 'अगर दूसरे राज्य आगे बढ़ सकते हैं, तो हमारा प्रदेश क्यों नहीं?' उन्होंने स्मार्ट मीटर को 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य और पारदर्शिता से भी जोड़ा.
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डेढ़ करोड़ स्मार्ट मीटर का लक्ष्य: मंत्री ने बताया कि प्रदेश में प्रतिदिन करीब 15 हजार स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं और कुल डेढ़ करोड़ स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य है. कई जगह टेस्ट मीटर भी लगाए गए हैं ताकि उपभोक्ताओं को शंका न रहे. इसके अलावा जिला अस्पताल की अव्यवस्थाओं पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने पिछली कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि भर्तियां न होने से पद रिक्त रहे, लेकिन अब 50 हजार भर्तियों का कैलेंडर जारी किया गया है.
जन घोषणा पत्र के 75% वादे 2 साल में पूरे: राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में मंत्री नागर ने प्रचार रथ रवाना किया. नागर ने कहा कि राज्य सरकार ने जन घोषणा पत्र के 75 फीसदी वादों को महज दो साल के भीतर ही पूरा कर दिया है. उन्होंने कहा कि प्रदेश के इतिहास में यह पहली ऐसी सरकार है, जिसने न केवल बजट घोषणाएं कीं, बल्कि उनके जमीनी क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है. उन्होंने कहा कि पेयजल और सिंचाई की सुविधाओं में वृद्धि के लिए 9 हजार करोड़ रुपए के कार्य प्रगति पर हैं. वर्ष 2027 तक राज्य के अन्नदाताओं को सिंचाई के लिए रात में नहीं, बल्कि दिन में बिजली मुहैया कराई जाएगी. ऊर्जा राज्यमंत्री ने विगत दो साल के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा अर्जित प्रमुख उपलब्धियों की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि जिले में विभिन्न विभागों में कुल 1011 नियमित और 238 संविदा नियुक्तियां भी दी गई.

